फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   Case registered against 31 for buying cheap paddy from other states and selling it to the Haryana government

Haryana: फर्जी पंजीकरण कर दूसरे राज्यों से सस्ती धान खरीद सरकार को महंगे दामों में बेचते थे, 31 पर केस दर्ज

Thu, 08 Sep 2022 10:54 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, रतिया, फतेहाबाद (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, रतिया, फतेहाबाद (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Thu, 08 Sep 2022 10:54 PM IST
सार

सीएम फ्लाइंग स्क्वायड की शिकायत पर मार्केट कमेटी, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, वेयर हाउस के कर्मचारियों व 5 राइस मिल संचालकों सहित 31 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है। फर्जी पंजीकरण करने वाले दूसरे राज्यों से सस्ती धान लाकर सरकार को महंगे दामों पर बेचते थे।

विज्ञापन
Case registered against 31 for buying cheap paddy from other states and selling it to the Haryana government
धान

विस्तार

हरियाणा के फतेहाबाद जिले के रतिया में अधिकारियों और आढ़तियों की मिलीभगत से धान की फसल का फर्जी पंजीकरण सरकार को करोड़ों रुपये की चपत लगाने का मामला सामने आते ही हड़कंप मच गया। इस मामले में 31 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट शहर थाने की रतिया में दर्ज कराई गई है। यह कार्रवाई सीएम फ्लाइंग की शिकायत पर हुई है। पुलिस ने 22 पंजीकरण धारकों, पांच राइस मिल संचालकों, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, वेयर हाउस व मार्केट कमेटी के कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज किया है।

विज्ञापन

 
पुलिस को दी शिकायत में सीएम फ्लाइंग स्क्वॉड के अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि रतिया व धारसूल कलां की मार्केट कमेटी के अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा आढ़तियों से मिलीभगत करके धान की फसल का फर्जी पंजीकरण करवाकर अवैध तरीके से धान की बिक्री करके सरकार को आर्थिक नुकसान पहुंचाने के बारे में गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी।

विज्ञापन

 

इस मामले की जांच कराई गई। जांच में पाया गया कि जसपाल सिंह, छबीलदास, बलिहार सिंह, देशराज, अनिल कुमार, साहिल, गुरलाल सिंह, अनिल, पूजा, प्रदीप कुमार, लाभकौर, रवीन्द्र कुमार, विक्रमपाल, बलजीत सिंह, बलवान सिंह, सुरजीत सिंह, यशपाल, हरप्रीत सिंह, दलबीर सिंह, इंद्रजीत, संदीप, बिल्लू ने मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर जिला जींद, कैथल, फतेहाबाद व सिरसा के अलग-अलग गांव व कस्बों की अलग-अलग व्यक्तियों की भूमि की खरीफ वर्ष 2020 की धान की फसलें फर्जी तौर पर पंजीकृत करके सरकार को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर विक्रय करना पाया गया है, जिसकी एवज में सरकारी खरीद एजेंसियों फूड एंड सप्लाई, हरियाणा स्टेट वेयर हाउसिंग कारपोरेशन द्वारा उपरोक्त पंजीकरणकर्ताओं के बैंक खातों में धान की फसलों के पैसे का भुगतान किया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

 

उक्त व्यक्तियों द्वारा पंजीकृत की गई भूमियों में से कुछ भूमि मालिकों देवीलाल निवासी अबूबशहर, शीला निवासी ऐंचरा कलां जिला जींद, महाबीर निवासी भोड़िया खेड़ा जिला फतेहाबाद, प्यारा सिंह निवासी पतली डाबर जिला सिरसा, राममेहर निवासी धनौरी, बजीर सिंह निवासी टोडी खेड़ा, सुरेंद्र, दिलावर  निवासी कुरड़ जिला जींद, कर्मवीर निवासी पूंडरी जिला कैथल, कालूराम निवासी तेजाखेड़ा जिला सिरसा, राजपाल निवासी करनौली जिला फतेहाबाद, देशराज निवासी सुल्तानपुरिया जिला सिरसा, तेजा सिंह निवासी कोटली जिला सिरसा, पवन कुमार निवासी कलायत जिला कैथल, जगदेव निवासी गिलाखेड़ा जिला फतेहाबाद के कथनानुसार शिकायत की जांच में वर्णित मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकृत भूमि के मालिकों द्वारा अपनी भूमि की खरीफ वर्ष 2020 की फसलें मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकृत करके विक्रय करनी नहीं पाई गई है।

 

हलका पटवारी देवीलाल व हल्का पटवारी देवेंद्र की रिपोर्ट के अनुसार भी खरीफ वर्ष 2020 के दौरान मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर दर्ज पंजीकरण संख्या 11019105 व 11014203 में दर्ज गांव तेजा खेड़ा व अबूबशहर की भूमि में पूसा 44 किस्म की धान की फसलें ना होकर अन्य फसलें व किन्नू बाग पाए गए हैं।

 

उपरोक्त पंजीकरणकर्ता में से कुछ ने मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर विक्रय की गई धान की फसलों की एवज में सरकारी खरीद एजेंसियों द्वारा पंजीकरणकर्ता के बैंक खातों में भुगतान की गई राशियां फर्म खोखर राइस मिल रतिया, फर्म सतगुरु ट्रेडिंग कम्पनी रतिया, फर्म जेके राइस मिल नन्हेड़ी, फर्म चिंतराम अनिल कुमार धारसूल, फर्म पीके ट्रेडर्स दिल्ली के बैंक खातों में ट्रांसफर करनी भी पाई गई है।


यह भी पढ़ें : Sonipat: गाड़ी में चाबी छोड़ लघुशंका के लिए रुका स्क्रैप व्यापारी, धक्का देकर तीन बदमाशों ने लूटी कार

 

उपरोक्त 22 पंजीकरण कर्ता व्यक्तियों, फर्म खोखर राइस मिल रतिया, फर्म सतगुरु ट्रेडिंग कम्पनी रतिया, फर्म जेके राइस मिल नन्हेड़ी, फर्म चिन्तराम अनिल कुमार धारसूल, फर्म पीके ट्रेडर्स दिल्ली के मालिकों ने धान की फसल को मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर अपने मोबाइल नंबर, आधार संख्या व बैंक खाता देकर गलत तरीके से पंजीकरण करवाया, क्योंकि ये पंजीकरणकर्ता पंजीकृत की गई भूमि के मालिक नहीं है।

 

इन लोगों ने फर्जी तरीके से मार्केट कमेटी से टोकन प्राप्त करके आढ़तियों के माध्यम से खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, मार्केट कमेटी विभाग व  हरियाणा राज्य गोदाम निगम के अधिकारियों / कर्मचारियों से मिलीभगत करके विभिन्न राज्यों से धान की फसल कम कीमत पर खरीदकर हरियाणा राज्य में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फर्जी तरीके से  बेचकर करोड़ों रुपये प्राप्त किए हैं।


यह भी पढ़ें : Bahadugarh: बहादुरगढ़ पुलिस ने अलीगढ़ में पकड़ी अवैध हथियार फैक्टरी, एक गिरफ्तारी से यूं खुला राज
 

पंजीकरणकर्ता जसपाल सिंह, छबीलदास, बलिहार सिंह, देशराज, अनिल कुमार, साहिल, गुरलाल सिंह, अनिल, पूजा, प्रदीप कुमार, लाभ कौर, रवीन्द्र कुमार, विक्रमपाल, बलजीत सिंह, बलवान सिंह, सुरजीत सिंह, यशपाल, हरप्रीत सिंह, दलबीर सिंह, इंद्रजीत, संदीप, बिल्लू के अलावा फर्म खोखर राइस मिल रतिया, फर्म सतगुरु ट्रेडिंग कंपनी रतिया, फर्म जेके राइस मिल नन्हेड़ी, फर्म चिंतराम अनिल कुमार धारसूल, फर्म पीके ट्रेडर्स दिल्ली ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग फतेहाबाद, मार्केट कमेटी विभाग रतिया व धारसूल और हरियाणा स्टेट वेयरहाउस कार्पोरेशन, फतेहाबाद के अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ मिलीभगत करके साजिश के तहत सरकारी पोर्टल पर आम जन की भूमि का फर्जी पंजीकरण करके धोखाधड़ी से धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य प्राप्त करके सरकार को वित्तीय नुकसान पहुंचाया है।

रतिया पुलिस ने सीएम फ्लाइंग स्क्वॉड के अधिकारी राजेश कुमार की शिकायत पर फर्जी पंजीकरण करने वाले 22 लोगों, पांच राइस मिल संचालकों के अलावा संबंधित मार्केट कमेटी, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, वेयर हाउस विभाग के कर्मचारियों के खिलाफ 420, 467, 468, 471, 409 व 120बी की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। -कपिल सिहाग, प्रभारी, शहर थाना रतिया

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed