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किसानों के खाते से निकाली राशि, बिना लिए खाते में चढ़ा दी खाद
fatehabad
Updated Fri, 08 Jul 2016 11:38 PM IST
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किसानों ने शिकायत टोहाना के एसडीएम को दी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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टोहाना के गांव पिरथला स्थित मिनी बैंक के कर्मचारियों द्वारा ठरवी गांव के करीब 70 किसानों के खाते में छेड़छाड़ कर लाखों रुपये हड़पने का मामला सामने आया है। जब जमींदारों के पास वसूली के लिए नोटिस पहुंचे तो इस मामले का खुलासा हुआ। पता चला कि बैंक कर्मचारियों ने किसानों के खातों में 20 हजार रुपये का ऋण दिखा रखा है। इनमें कुछ किसानों के खातों में डीएपी खाद ली हुई भी दिखाई गई है। किसानों ने इसकी शिकायत टोहाना के एसडीएम को दी। एसडीएम ने मामले की जांच कृषि विभाग के एसडीओ से करवाई और रिपोर्ट को डीसी कार्यालय भेजकर डीसी से एक विशेष कमेटी से मामले की जांच करवाने की अनुशंसा की है।
कर्जदार बने गांव ठरवी के किसान रामकुमार, कृष्ण, सुरेश कुमार, सीताराम, वजीर, बनवारी ने बताया कि गांव ठरवी के जमींदारों के गांव पिरथला में मिनी बैंक सोसायटी में बैंक एकाउंट हैं। मिनी बैंक के सेल्जमैन महेंद्र सिंह ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी। किसानों ने जब बैंक एकाउंट संभाला तो जमींदार के खाते से एक एकड़ की काश्त करने वाले की 20 हजार रुपये की डीएपी खाद और 20 एकड़ काश्त वाले की भी 20 हजार रुपये की डीएपी खाद चढ़ा रखी है। साथ ही कई किसानों की कैश निकलवा रखा है, जबकि किसानों के कोई हस्ताक्षर नहीं है। किसानों का कहना है कि मिनी बैंक से कोई डीएपी नहीं ली गई है।
इसके बाद किसान एसडीएम के पास पहुंचे। एसडीएम ने मामले की जांच एसडीओ कृषि, बलजीत सिंह से करवाई है। एसडीओ की जांच में भी प्राथमिक तौर पर कई खामियां पाई गई हैं। मामला अब फाइनेंस से जुड़ा होने के कारण एसडीएम ने डीसी को कमेटी बनाकर जांच करवाने के लिए अनुशंसा की है।
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12 से 14 लाख के करीब है घपला
किसानों की मानें तो गांव ठरवी के 70 के करीब किसानों के साथ धोखाधड़ी हुई है। किसी किसान के खाते में डीएपी चढ़ाई गई तो किसी किसान के खाते से पैसे निकाले दिखाए गए हैं। किसानों का कहना है कि बैंक सेल्समैन की मौत हो चुकी है, जबकि इस घपले में कई कर्मचारी शामिल हैं। किसानों का कहना है कि मिनी बैंक ने पैसे भरने के लिए गांव में कई बार मुनादि भी करवाई है, जबकि किसानों ने पैसे निकलवाए ही नहीं हैं।
एसडीएम के आदेश पर जांच की गई तो मिनी बैंक में प्राथमिक तौर पर खामियां मिली हैं। इस बारे में एसडीएम को रिपोर्ट दे दी है।
बलजीत सिंह, एसडीओ, कृषि विभाग, टोहाना
गांव ठरवी के किसान मुझसे मिले थे। मैंने एसडीओ कृषि को जांच सौंपी थी। एसडीओ की जंाच में अनियमितताएं प्राथमिक तौर पर सामने आई हैं। मामला फाइनेंस से जुड़ा हुआ है। इसलिए डीसी को लिख दिया है कि इस मामले में कमेटी बनवाकर जांच करवाएं।
सतीश कुमार, एसडीएम टोहाना
कर्जदार बने गांव ठरवी के किसान रामकुमार, कृष्ण, सुरेश कुमार, सीताराम, वजीर, बनवारी ने बताया कि गांव ठरवी के जमींदारों के गांव पिरथला में मिनी बैंक सोसायटी में बैंक एकाउंट हैं। मिनी बैंक के सेल्जमैन महेंद्र सिंह ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी। किसानों ने जब बैंक एकाउंट संभाला तो जमींदार के खाते से एक एकड़ की काश्त करने वाले की 20 हजार रुपये की डीएपी खाद और 20 एकड़ काश्त वाले की भी 20 हजार रुपये की डीएपी खाद चढ़ा रखी है। साथ ही कई किसानों की कैश निकलवा रखा है, जबकि किसानों के कोई हस्ताक्षर नहीं है। किसानों का कहना है कि मिनी बैंक से कोई डीएपी नहीं ली गई है।
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इसके बाद किसान एसडीएम के पास पहुंचे। एसडीएम ने मामले की जांच एसडीओ कृषि, बलजीत सिंह से करवाई है। एसडीओ की जांच में भी प्राथमिक तौर पर कई खामियां पाई गई हैं। मामला अब फाइनेंस से जुड़ा होने के कारण एसडीएम ने डीसी को कमेटी बनाकर जांच करवाने के लिए अनुशंसा की है।
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12 से 14 लाख के करीब है घपला
किसानों की मानें तो गांव ठरवी के 70 के करीब किसानों के साथ धोखाधड़ी हुई है। किसी किसान के खाते में डीएपी चढ़ाई गई तो किसी किसान के खाते से पैसे निकाले दिखाए गए हैं। किसानों का कहना है कि बैंक सेल्समैन की मौत हो चुकी है, जबकि इस घपले में कई कर्मचारी शामिल हैं। किसानों का कहना है कि मिनी बैंक ने पैसे भरने के लिए गांव में कई बार मुनादि भी करवाई है, जबकि किसानों ने पैसे निकलवाए ही नहीं हैं।
एसडीएम के आदेश पर जांच की गई तो मिनी बैंक में प्राथमिक तौर पर खामियां मिली हैं। इस बारे में एसडीएम को रिपोर्ट दे दी है।
बलजीत सिंह, एसडीओ, कृषि विभाग, टोहाना
गांव ठरवी के किसान मुझसे मिले थे। मैंने एसडीओ कृषि को जांच सौंपी थी। एसडीओ की जंाच में अनियमितताएं प्राथमिक तौर पर सामने आई हैं। मामला फाइनेंस से जुड़ा हुआ है। इसलिए डीसी को लिख दिया है कि इस मामले में कमेटी बनवाकर जांच करवाएं।
सतीश कुमार, एसडीएम टोहाना