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Shahjahanpur News: भाई और बहन से साइबर ठगी के मामले में पुलिस ने शुरू की जांच
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रोजा। ईंट खरीदने के नाम पर बसुलिया निवासी इंटरलॉकिंग प्लांट के संचालक अमन द्विवेदी और उनकी बहन प्रियांशी से हजारों रुपये की साइबर ठगी को लेकर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इसके लिए पुलिस उन सभी मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल खंगालने में जुटी है, जिन्हें साइबर ठगों ने रकम ऑनलाइन ट्रांसफर कराने में इस्तेमाल किया था।
अमन ने दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा है कि गत वर्ष 17 नवंबर को उनके पिता रामानंद के मोबाइल फोन पर अज्ञात व्यक्ति ने फोन करके उनसे इंटरलॉक ईंट खरीदने के लिए अग्रिम भुगतान के तौर पर एक लाख रुपये ऑनलाइन भेजने की बात कही। उसने अपना भरोसा कायम करने के लिए उनसे यूपीआई नंबर लेकर क्रेडिट कार्ड के माध्यम से रुपये भेजने के लिए रिफंड की प्रक्रिया पूरी करने को 20 रुपये उनके खाते में भेजे।
बाद में ठग ने 38,990 रुपये गूगल-पे के जरिये उनके खाते से उड़ा दिए। बाद में इसी तरह उसने बहन के खाते से भी 20 हजार रुपये निकाल लिए।
थाने में तहरीर देने पर भी रिपोर्ट दर्ज नहीं होने पर ठगी के शिकार बने भाई-बहन ने एसपी सिटी देवेंद्र कुमार से शिकायत की। उनके निर्देश पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सीओ शुभम वर्मा ने बताया कि उच्चाधिकारी के निर्देश पर साइबर ठगी की रिपोर्ट दर्ज करके जांच शुरू करा दी गई है। जांच में पुलिस की साइबर सेल की मदद से संबंधित बैंक खातों से जमा-निकासी का ब्योरा और फोन नंबरों की कॉल डिटेल देखी जा रही है।
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अमन ने दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा है कि गत वर्ष 17 नवंबर को उनके पिता रामानंद के मोबाइल फोन पर अज्ञात व्यक्ति ने फोन करके उनसे इंटरलॉक ईंट खरीदने के लिए अग्रिम भुगतान के तौर पर एक लाख रुपये ऑनलाइन भेजने की बात कही। उसने अपना भरोसा कायम करने के लिए उनसे यूपीआई नंबर लेकर क्रेडिट कार्ड के माध्यम से रुपये भेजने के लिए रिफंड की प्रक्रिया पूरी करने को 20 रुपये उनके खाते में भेजे।
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बाद में ठग ने 38,990 रुपये गूगल-पे के जरिये उनके खाते से उड़ा दिए। बाद में इसी तरह उसने बहन के खाते से भी 20 हजार रुपये निकाल लिए।
थाने में तहरीर देने पर भी रिपोर्ट दर्ज नहीं होने पर ठगी के शिकार बने भाई-बहन ने एसपी सिटी देवेंद्र कुमार से शिकायत की। उनके निर्देश पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सीओ शुभम वर्मा ने बताया कि उच्चाधिकारी के निर्देश पर साइबर ठगी की रिपोर्ट दर्ज करके जांच शुरू करा दी गई है। जांच में पुलिस की साइबर सेल की मदद से संबंधित बैंक खातों से जमा-निकासी का ब्योरा और फोन नंबरों की कॉल डिटेल देखी जा रही है।
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