{"_id":"bb434dde62b67875587c67c747160f15","slug":"a-government-employee-arrested-in-charge-of-corruption-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"5 हजार की रिश्वत लेते रोडवेज लेखाधिकारी रंगे हाथ काबू ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
5 हजार की रिश्वत लेते रोडवेज लेखाधिकारी रंगे हाथ काबू
ब्यूरो/अमर उजाला फतेहाबाद
Updated Fri, 06 Nov 2015 11:56 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इस संबंध में रोडवेज विभाग मेें सब इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत ईश्वर सिंह निवासी तेलनवाली ने शिकायत की थी। ईश्वर ने शिकायत में बताया था कि वह टोहाना डिपो में कार्यरत है।
उसका मेडिकल बिल 45428 रुपये बना था। इस संबंध में उसने फतेहाबाद कार्यालय में बिल पास करवाने के लिए अप्लाई किया था।
उसने बताया कि बिल पास करने के लिए लेखाधिकारी कृष्ण चाहर निवासी आजाद नगर हिसार उसे तंग कर रहा था। वह बिल पास करने की एवज में उससे 5 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा था।
कृष्ण करीब 1 माह 6 दिन से उसे परेशान कर रहा था। रिश्वत न मिलने पर उसका बिल भी पास नहीं कर रहा था। परेशान होकर उसने विजिलेंस टीम को इसकी शिकायत दी।
शिकायत के बाद टीम के इंस्पेक्टर भूपेन्द्र शर्मा के नेतृत्व में कार्रवाई के लिए एक टीम का गठन किया गया। विजिलेंस ने रेड के लिए उपायुक्त से ड्यूटी मैजिस्ट्रेट नियुक्त करने की मांग की।
विज्ञापन
डीसी ने भट्टूकलां के नायब तहसीलदार छेलूराम को ड्यूटी मैजिस्ट्रेट नियुक्त कर दिया। जिसके बाद टीम ने ईश्वर सिंह को 500-500 के 10 नोट केमिकल व हस्ताक्षर लगाकर दे दिए।
जैसे ही ईश्वर सिंह ने रोडवेज कार्यालय में जाकर लेखाधिकारी को नोट थमाए टीम ने छापा मारकर उसे रंगे हाथ काबू कर लिया। टीम ने उसके हाथ धुलवाए तो उसके हाथ लाल हो गए।
फौरन विजिलेंस टीम ने लेखाधिकारी को अपने साथ विजिलेंस थाने ले आई। रोडवेज लेखाधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया गया है।
विज्ञापन
उसका मेडिकल बिल 45428 रुपये बना था। इस संबंध में उसने फतेहाबाद कार्यालय में बिल पास करवाने के लिए अप्लाई किया था।
उसने बताया कि बिल पास करने के लिए लेखाधिकारी कृष्ण चाहर निवासी आजाद नगर हिसार उसे तंग कर रहा था। वह बिल पास करने की एवज में उससे 5 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा था।
विज्ञापन
कृष्ण करीब 1 माह 6 दिन से उसे परेशान कर रहा था। रिश्वत न मिलने पर उसका बिल भी पास नहीं कर रहा था। परेशान होकर उसने विजिलेंस टीम को इसकी शिकायत दी।
शिकायत के बाद टीम के इंस्पेक्टर भूपेन्द्र शर्मा के नेतृत्व में कार्रवाई के लिए एक टीम का गठन किया गया। विजिलेंस ने रेड के लिए उपायुक्त से ड्यूटी मैजिस्ट्रेट नियुक्त करने की मांग की।
विज्ञापन
डीसी ने भट्टूकलां के नायब तहसीलदार छेलूराम को ड्यूटी मैजिस्ट्रेट नियुक्त कर दिया। जिसके बाद टीम ने ईश्वर सिंह को 500-500 के 10 नोट केमिकल व हस्ताक्षर लगाकर दे दिए।
जैसे ही ईश्वर सिंह ने रोडवेज कार्यालय में जाकर लेखाधिकारी को नोट थमाए टीम ने छापा मारकर उसे रंगे हाथ काबू कर लिया। टीम ने उसके हाथ धुलवाए तो उसके हाथ लाल हो गए।
फौरन विजिलेंस टीम ने लेखाधिकारी को अपने साथ विजिलेंस थाने ले आई। रोडवेज लेखाधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया गया है।