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धर्मबीर ऑनर किलिंग : भट्टू एसएचओ पर भी उठी अंगुलियां, निलंबन की रखी मांग
Updated Mon, 04 Jun 2018 12:40 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद।
ढिंगसरा से अपहरण करने के बाद निर्मम तरीके से मार दिए गए धर्मबीर के परिजनों को अब भट्टू एसएचओ आत्माराम पर भी भरोसा नहीं रहा। मृतक के परिजनों व पंचायत ने भट्टू एसएचओ के निलंबन की मांग डीएसपी जगदीश काजला के सामने रखी। परिजनों का आरोप है कि एसएचओ आत्माराम मूल रूप से मृतक धर्मबीर के ससुराल गांव मंगाली के पड़ोसी हैं, इसलिए जांच में जानबूझकर ढिलाई बरत रहे हैं। उधर ग्रामीणों के आरोपों को भट्टूकलां एसएचओ आत्माराम ने खारिज किया है। उन्होंने कहा कि वे पूरी ईमानदारी से अपनी ड्यूटी कर रहे हैं और जल्द ही इस मामले के आरोपियों को पकड़ कर दिखाएंगे।
परिवार का आरोप, अगर समय रहते ढिंगसरा पहुंचती पुलिस तो आज जिंदा होता धर्मबीर
स्थानीय लाल बत्ती चौक में धरना देने पहुंचे मृतक धर्मबीर के भाई राकेश ने आरोप लगाया कि भट्टू पुलिस ने इस मामले में काफी ढिलाई बरती है। उन्होंने बताया कि दो दिन पहले शुक्रवार को जब आरोपियों ने गाड़ियों में भरकर गांव ढिंगसरा में उसके मामा के घर हमला किया तो परिजनों ने तुरंत भट्टूकलां थाने में फोन कर दिया। आरोप है कि सूचना देने के तीन घंटे बाद भट्टूकलां एसएचओ मौके पर पहुंचे जबकि उस समय तक सभी आरोपी धर्मबीर व सुनीता को जबरदस्ती ले जा चुके थे। जबकि भट्टू थाने से ढिंगसरा गांव महज दस मिनट के रास्ते पर है। मृतक धर्मबीर के भाई राकेश ने आरोप लगाते हुए कहा कि अगर पुलिस ने समय रहते कार्रवाई की होती तो आज उसका भाई जिंदा होता। इस मौके पर ढिंगसरा के सरपंच अशोक जाखड़, मनदीप नथवान, सुभाष पूनियां आदि मौजूद रहे।
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फतेहाबाद।
ढिंगसरा से अपहरण करने के बाद निर्मम तरीके से मार दिए गए धर्मबीर के परिजनों को अब भट्टू एसएचओ आत्माराम पर भी भरोसा नहीं रहा। मृतक के परिजनों व पंचायत ने भट्टू एसएचओ के निलंबन की मांग डीएसपी जगदीश काजला के सामने रखी। परिजनों का आरोप है कि एसएचओ आत्माराम मूल रूप से मृतक धर्मबीर के ससुराल गांव मंगाली के पड़ोसी हैं, इसलिए जांच में जानबूझकर ढिलाई बरत रहे हैं। उधर ग्रामीणों के आरोपों को भट्टूकलां एसएचओ आत्माराम ने खारिज किया है। उन्होंने कहा कि वे पूरी ईमानदारी से अपनी ड्यूटी कर रहे हैं और जल्द ही इस मामले के आरोपियों को पकड़ कर दिखाएंगे।
परिवार का आरोप, अगर समय रहते ढिंगसरा पहुंचती पुलिस तो आज जिंदा होता धर्मबीर
स्थानीय लाल बत्ती चौक में धरना देने पहुंचे मृतक धर्मबीर के भाई राकेश ने आरोप लगाया कि भट्टू पुलिस ने इस मामले में काफी ढिलाई बरती है। उन्होंने बताया कि दो दिन पहले शुक्रवार को जब आरोपियों ने गाड़ियों में भरकर गांव ढिंगसरा में उसके मामा के घर हमला किया तो परिजनों ने तुरंत भट्टूकलां थाने में फोन कर दिया। आरोप है कि सूचना देने के तीन घंटे बाद भट्टूकलां एसएचओ मौके पर पहुंचे जबकि उस समय तक सभी आरोपी धर्मबीर व सुनीता को जबरदस्ती ले जा चुके थे। जबकि भट्टू थाने से ढिंगसरा गांव महज दस मिनट के रास्ते पर है। मृतक धर्मबीर के भाई राकेश ने आरोप लगाते हुए कहा कि अगर पुलिस ने समय रहते कार्रवाई की होती तो आज उसका भाई जिंदा होता। इस मौके पर ढिंगसरा के सरपंच अशोक जाखड़, मनदीप नथवान, सुभाष पूनियां आदि मौजूद रहे।
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