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बीजेपी नेता रजनी पर पार्टी और पुलिस की नरमी, न बर्खास्त न बाजीगर लगा हाथ
Updated Thu, 12 Oct 2017 11:23 PM IST
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बीजेपी नेता रजनी पर पार्टी और पुलिस की नरमी, न बर्खास्त न बाजीगर लगा हाथ
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद।
धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार भाजपा ग्रामीण महिला मोर्चा की सचिव रजनी देवी और सतपाल बाजीगर के खिलाफ पार्टी पदाधिकारी और पुलिस नरम रवैया बरत रहे हैं। अभी तक न ही पार्टी ने रजनी देवी को निष्कासित किया और न ही बाजीगर पुलिस के हाथ लग सका। जबकि सतपाल बाजीगर अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम की चेयरपर्सन सुनीता दुग्गल का कथित पीए और बीजेपी नेता भी है। ऐसे में विरोधियों ने भ्रष्टाचार को खत्म करने के वायदे करने वाली सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। वहीं बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बराला का कहना है कि कानून अपना काम कर रहा है। वहीं इस मामले में पुलिस की धीमी कार्रवाई से एसएचओ बिमला देवी ने इनकार किया है।
पुलिस रिमांड के दौरान बीजेपी महिला मोर्चा के ग्रामीण मंडल सचिव रजनी देवी ने पुलिस रिमांड में खुलासा किया था कि उसने दो-तीन लोगों से नौकरी लगवाने के लिए पैसे लिये थे और लाखों रुपये की रकम उसने खुद सतपाल बाजीगर को भी दिए थे। अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम की चेयरपर्सन सुनीता दुग्गल के कथित पीए और बीजेपी नेता सतपाल बाजीगर के बारे में खुद निगरानी कमेटी के नेता भी कह रहे हैं कि निगरानी कमेटी के सामने भी सतपाल पैसे लेने की बात कबूल चुका है। इन सबके बावजूद अभी तक न तो निगरानी कमेटी ने और न ही बीजेपी के अन्य नेताओं ने सतपाल बाजीगर और रजनी देवी के निष्कासन का कदम उठाया। वहीं डीएसपी गुरदयाल ने सतपाल बाजीगर के खिलाफ करवाचौथ वाले दिन मुकदमा दर्ज होने की बात कबूल की थी। पांच दिन बीतने के बावजूद सदर पुलिस अभी तक सतपाल बाजीगर को गिरफ्तार नहीं कर सकी है और न ही उसके कॉल रिकॉर्ड का खुलासा कर पा रही है।
कानूनी कार्रवाई पर बोले, निष्कासन पर खामोश
वीरवार को फतेहाबाद पहुंचे भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला ने भी इस मामले में आवश्यक कानूनी कार्यवाही की ही बात कही। बराला ने एक बार भी सतपाल बाजीगर और रजनी देवी के खिलाफ पार्टी स्तर पर किसी भी तरह की कार्यवाही का जिक्र तक नहीं किया।
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इनेलो विधायक बोले, बीजेपी का नाम आने से पुलिस बरत रही ढिलाई
इस मामले में विपक्षी दल भी मुखर हो गए हैं। इनेलो विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया ने इस मामले में बीजेपी और सदर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाये हैं। विधायक दौलतपुरिया का आरोप है कि बीजेपी इस मामले में अपने वरिष्ठ नेताओं को बचाना चाहती है और इसलिए सारे आरोप रजनी देवी और सतपाल बाजीगर पर मढ़े जा रहे हैं जबकि ये दोनों छोटे कार्यकर्ता हैं, उनके पीछे जरूर बीजेपी के बड़े नेताओं का हाथ है, इसलिए पुलिस भी इस मामले में ढिलाई बरत रही है।
पार्टी बचाने का प्रयास कर रही आरोपियों को
इस मामले में सतपाल बाजीगर की गिरफ्तारी ना होना और अभी तक बीजेपी द्वारा कोई कार्रवाई न होने से स्पष्ट है कि बीजेपी अपने लोगों को बचाने का प्रयास कर रही है। अगर इस तरह का मामला किसी अन्य पार्टी में आया होता तो अब तक बीजेपी वाले सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन कर रहे होते लेकिन अब वो चुपचाप बैठे हैं।
विजेंद्र सिवाच, जिला परिषद सदस्य एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता ।
12एफटीबीपी47 : नौकरी के बदले पैसे मांगने के आरोपी सतपाल बाजीगर, जो अभी तक फरार चल रहे हैं।
12एफटीबीपी48 : बलवान सिंह दौलतपुरिया, इनेलो विधायक, फतेहाबाद ।
12एफटीबीपी49 : विजेंद्र सिवाच, जिला परिषद सदस्य एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता ।
12एफटीबीपी50 : अमर उजाला के 12 अक्तूबर के अंक में प्रकाशित खबर ।
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद।
धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार भाजपा ग्रामीण महिला मोर्चा की सचिव रजनी देवी और सतपाल बाजीगर के खिलाफ पार्टी पदाधिकारी और पुलिस नरम रवैया बरत रहे हैं। अभी तक न ही पार्टी ने रजनी देवी को निष्कासित किया और न ही बाजीगर पुलिस के हाथ लग सका। जबकि सतपाल बाजीगर अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम की चेयरपर्सन सुनीता दुग्गल का कथित पीए और बीजेपी नेता भी है। ऐसे में विरोधियों ने भ्रष्टाचार को खत्म करने के वायदे करने वाली सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। वहीं बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बराला का कहना है कि कानून अपना काम कर रहा है। वहीं इस मामले में पुलिस की धीमी कार्रवाई से एसएचओ बिमला देवी ने इनकार किया है।
पुलिस रिमांड के दौरान बीजेपी महिला मोर्चा के ग्रामीण मंडल सचिव रजनी देवी ने पुलिस रिमांड में खुलासा किया था कि उसने दो-तीन लोगों से नौकरी लगवाने के लिए पैसे लिये थे और लाखों रुपये की रकम उसने खुद सतपाल बाजीगर को भी दिए थे। अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम की चेयरपर्सन सुनीता दुग्गल के कथित पीए और बीजेपी नेता सतपाल बाजीगर के बारे में खुद निगरानी कमेटी के नेता भी कह रहे हैं कि निगरानी कमेटी के सामने भी सतपाल पैसे लेने की बात कबूल चुका है। इन सबके बावजूद अभी तक न तो निगरानी कमेटी ने और न ही बीजेपी के अन्य नेताओं ने सतपाल बाजीगर और रजनी देवी के निष्कासन का कदम उठाया। वहीं डीएसपी गुरदयाल ने सतपाल बाजीगर के खिलाफ करवाचौथ वाले दिन मुकदमा दर्ज होने की बात कबूल की थी। पांच दिन बीतने के बावजूद सदर पुलिस अभी तक सतपाल बाजीगर को गिरफ्तार नहीं कर सकी है और न ही उसके कॉल रिकॉर्ड का खुलासा कर पा रही है।
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कानूनी कार्रवाई पर बोले, निष्कासन पर खामोश
वीरवार को फतेहाबाद पहुंचे भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला ने भी इस मामले में आवश्यक कानूनी कार्यवाही की ही बात कही। बराला ने एक बार भी सतपाल बाजीगर और रजनी देवी के खिलाफ पार्टी स्तर पर किसी भी तरह की कार्यवाही का जिक्र तक नहीं किया।
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इनेलो विधायक बोले, बीजेपी का नाम आने से पुलिस बरत रही ढिलाई
इस मामले में विपक्षी दल भी मुखर हो गए हैं। इनेलो विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया ने इस मामले में बीजेपी और सदर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाये हैं। विधायक दौलतपुरिया का आरोप है कि बीजेपी इस मामले में अपने वरिष्ठ नेताओं को बचाना चाहती है और इसलिए सारे आरोप रजनी देवी और सतपाल बाजीगर पर मढ़े जा रहे हैं जबकि ये दोनों छोटे कार्यकर्ता हैं, उनके पीछे जरूर बीजेपी के बड़े नेताओं का हाथ है, इसलिए पुलिस भी इस मामले में ढिलाई बरत रही है।
पार्टी बचाने का प्रयास कर रही आरोपियों को
इस मामले में सतपाल बाजीगर की गिरफ्तारी ना होना और अभी तक बीजेपी द्वारा कोई कार्रवाई न होने से स्पष्ट है कि बीजेपी अपने लोगों को बचाने का प्रयास कर रही है। अगर इस तरह का मामला किसी अन्य पार्टी में आया होता तो अब तक बीजेपी वाले सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन कर रहे होते लेकिन अब वो चुपचाप बैठे हैं।
विजेंद्र सिवाच, जिला परिषद सदस्य एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता ।
12एफटीबीपी47 : नौकरी के बदले पैसे मांगने के आरोपी सतपाल बाजीगर, जो अभी तक फरार चल रहे हैं।
12एफटीबीपी48 : बलवान सिंह दौलतपुरिया, इनेलो विधायक, फतेहाबाद ।
12एफटीबीपी49 : विजेंद्र सिवाच, जिला परिषद सदस्य एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता ।
12एफटीबीपी50 : अमर उजाला के 12 अक्तूबर के अंक में प्रकाशित खबर ।