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चैक बाऊंस होने पर अदालत ने सुनाई किसान को एक साल की कैद, चार लाख भरने के भी आदेश
Updated Tue, 24 Oct 2017 01:02 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद।
चैक बाउंस होने के एक मामले में अदालत ने जिले के एक किसान को एक साल की कैद व चार लाख रुपये मुआवजा अदा करने की सजा सुनाई है। मुआवजा अदा न करने पर दोषी को एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
गांव टिब्बी निवासी किसान मदनलाल ने पीसीएआरडी बैंक से चार लाख रुपये से अधिक का लोन लिया था लेकिन लोन की किस्तें नहीं भरी। बैंक मैनेजर शमशेर सिंह ने बताया कि इसके बाद जब उन्होंने लोन भरने के लिए मदन लाल को कहा तो उसने 4 लाख 12 हजार रुपये का एक चैक थमा दिया जो बैंक में लगाने के बाद बाउंस हो गया। इसके बाद पीसीएआरडी बैंक भूना के ब्रांच मैनेजर शमशेर सिंह ने चैक बाउंस का मामला अदालत में दायर किया था। इसके बाद मदनलाल ने 24 अगस्त 2017 को समझौता करते हुए अदालत में बयान दिया कि वह बैंक लोन की राशि अदा कर देगा।
इस पर अदालत ने राशि देने के लिए 16 अगस्त 2017 की तारीख तय की थी, लेकिन उसने इस तारीख पर महज 22 हजार की राशि अदा की। इस पर न्यायिक दंडाधिकारी जतिन गर्ग की अदालत ने मदनलाल द्वारा दिए ब्यान के मद्देनजर उसे दोषी करार देते हुए एक साल की कैद और 4 लाख मुआवजे के रूप में बैंक को दो माह में अदा करने के आदेश दिए। अदालत ने अपने आदेश में यह भी कहा कि यदि वह दो माह मेें मुआवजे की राशि बैंक को नहीं देगा तो उसे एक माह की और सजा भुगतनी होगी।
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फतेहाबाद।
चैक बाउंस होने के एक मामले में अदालत ने जिले के एक किसान को एक साल की कैद व चार लाख रुपये मुआवजा अदा करने की सजा सुनाई है। मुआवजा अदा न करने पर दोषी को एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
गांव टिब्बी निवासी किसान मदनलाल ने पीसीएआरडी बैंक से चार लाख रुपये से अधिक का लोन लिया था लेकिन लोन की किस्तें नहीं भरी। बैंक मैनेजर शमशेर सिंह ने बताया कि इसके बाद जब उन्होंने लोन भरने के लिए मदन लाल को कहा तो उसने 4 लाख 12 हजार रुपये का एक चैक थमा दिया जो बैंक में लगाने के बाद बाउंस हो गया। इसके बाद पीसीएआरडी बैंक भूना के ब्रांच मैनेजर शमशेर सिंह ने चैक बाउंस का मामला अदालत में दायर किया था। इसके बाद मदनलाल ने 24 अगस्त 2017 को समझौता करते हुए अदालत में बयान दिया कि वह बैंक लोन की राशि अदा कर देगा।
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इस पर अदालत ने राशि देने के लिए 16 अगस्त 2017 की तारीख तय की थी, लेकिन उसने इस तारीख पर महज 22 हजार की राशि अदा की। इस पर न्यायिक दंडाधिकारी जतिन गर्ग की अदालत ने मदनलाल द्वारा दिए ब्यान के मद्देनजर उसे दोषी करार देते हुए एक साल की कैद और 4 लाख मुआवजे के रूप में बैंक को दो माह में अदा करने के आदेश दिए। अदालत ने अपने आदेश में यह भी कहा कि यदि वह दो माह मेें मुआवजे की राशि बैंक को नहीं देगा तो उसे एक माह की और सजा भुगतनी होगी।
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