{"_id":"5c0ac239bdec2241540082a0","slug":"101544208953-fatehabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अवैध हथियार रखने के आरोपी को सजा में रियायत से अदालत का इंकार, एक साल की सजा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
अवैध हथियार रखने के आरोपी को सजा में रियायत से अदालत का इंकार, एक साल की सजा
Updated Sat, 08 Dec 2018 12:25 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अवैध हथियार रखने के आरोपी को सजा में रियायत से अदालत का इंकार, एक साल की सजा
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। फतेहाबाद की एक अदालत ने अवैध पिस्तौल रखने के एक मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी को दोषी करार दिया। साथ ही उसके वकील द्वारा सजा में रियायत मांगने पर टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर अवैध हथियार के दोषी को सजा में रियायत दी तो समाज में गलत संदेश जाएगा। इसके बाद जज ने दोषी व्यक्ति को एक साल की सजा व 500 रुपये जुर्माने की सजा सुना दी।
मामला फतेहाबाद के न्यायिक दंडाधिकारी जतिन गर्ग की अदालत का है। भूना के गांव लहरियां में लगभग तीन साल पहले एक व्यक्ति भूप सिंह निवासी टिब्बी को 15 बोर के अवैध पिस्तौल के साथ पुलिस ने काबू किया था। इसके बाद पकड़े गए व्यक्ति के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। इसके बाद न्यायिक दंडाधिकारी जतिन गर्ग की अदालत में चली लंबी सुनवाई के बाद शुक्रवार को इस मामले में अदालत ने दोषी करार दिया। इसके बाद दोषी भूप सिंह के वकील ने अदालत के सामने अपील रखी कि दोषी गरीब परिवार से है और उसके मां-बाप काफी बुजुर्ग हैं, ऐसे में उसे सजा में रियायत दी जाए। इस पर अदालत ने उनकी अपील ठुकराते हुए आदेश में लिखा कि समाज में इन दिनों अपराध की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी हो रही हैं, जिसमें एक बड़ा कारण अवैध हथियार हैं। यदि सजा में रियायत दी जाती है तो समाज में गलत संदेश जाएगा।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। फतेहाबाद की एक अदालत ने अवैध पिस्तौल रखने के एक मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी को दोषी करार दिया। साथ ही उसके वकील द्वारा सजा में रियायत मांगने पर टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर अवैध हथियार के दोषी को सजा में रियायत दी तो समाज में गलत संदेश जाएगा। इसके बाद जज ने दोषी व्यक्ति को एक साल की सजा व 500 रुपये जुर्माने की सजा सुना दी।
मामला फतेहाबाद के न्यायिक दंडाधिकारी जतिन गर्ग की अदालत का है। भूना के गांव लहरियां में लगभग तीन साल पहले एक व्यक्ति भूप सिंह निवासी टिब्बी को 15 बोर के अवैध पिस्तौल के साथ पुलिस ने काबू किया था। इसके बाद पकड़े गए व्यक्ति के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। इसके बाद न्यायिक दंडाधिकारी जतिन गर्ग की अदालत में चली लंबी सुनवाई के बाद शुक्रवार को इस मामले में अदालत ने दोषी करार दिया। इसके बाद दोषी भूप सिंह के वकील ने अदालत के सामने अपील रखी कि दोषी गरीब परिवार से है और उसके मां-बाप काफी बुजुर्ग हैं, ऐसे में उसे सजा में रियायत दी जाए। इस पर अदालत ने उनकी अपील ठुकराते हुए आदेश में लिखा कि समाज में इन दिनों अपराध की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी हो रही हैं, जिसमें एक बड़ा कारण अवैध हथियार हैं। यदि सजा में रियायत दी जाती है तो समाज में गलत संदेश जाएगा।
विज्ञापन