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Fatehabad News: आयुष्मान में शामिल निजी अस्पतालों में नहीं होगा मोतियाबिंद का ऑपरेशन
Thu, 05 Jun 2025 11:31 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Thu, 05 Jun 2025 11:31 PM IST
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फतेहाबाद नागरिक अस्पताल में आयुष्मान भारत योजना के तहत रजिस्ट्रेशन को लेकर बना केंद्रसंवाद
फतेहाबाद। आयुष्मान भारत योजना में शामिल पात्रों के लिए स्वास्थ्य विभाग ने बदलाव किया है। पात्रों का अब निजी अस्पताल में मोतियाबिंद, बच्चेदानी और पित्त की थैली का ऑपरेशन नहीं हो पाएगा। विभाग ने पांच पैकेज को आयुष्मान पैनल में शामिल निजी अस्पतालों से हटा दिया है। ये पैकेज सरकारी अस्पतालों के लिए रिजर्व किए गए हैं। यानि मरीजों को अगर मोतियाबिंद, पित्त की थैली या फिर बच्चेदानी का ऑपरेशन करवाना है तो सरकारी अस्पतालों में जाना होगा।
ये ही नहीं उल्टी और दस्त लगने पर भी आयुष्मान पात्र निजी में उपचार नहीं करवा पाएंगे। सांस संबंधित बीमारी के पैकेज को भी इससे हटा दिया गया है। जिले के करीब 5 लाख 38 हजार पात्रों को झटका लगा है। जिले में 20 अस्पताल पैनल में शामिल हैं। इसमें 4 अस्पताल नेत्र से संबंधित हैं जहां पर पात्र आयुष्मान के तहत मोतियाबिंद का ऑपरेशन करवा रहे थे।
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सरकारी में नहीं है ऑपरेशन की सुविधा
नागरिक अस्पताल की अगर बात करें तो यहां पर मोतियाबिंद के अलावा अन्य ऑपरेशन की सुविधा नहीं है। अस्पताल में न तो दूरबीन से पित्त की थैली के ऑपरेशन की सुविधा है तो और फिजिशियन न होने के कारण सांस लेने संबंधित उपचार की सुविधा नहीं है।
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54658 मरीज ले चुके हैं आयुष्मान योजना का फायदा
जिले में करीब 5.38 लाख लाभार्थी है। इसमें से 54658 पात्र आयुष्मान भारत योजना के तहत उपचार करवा चुके हैं। इसको लेकर सरकार ने 69 करोड़ 10 लाख रुपये भुगतान सितंबर 2018 से लेकर मार्च 2025 तक किया जा चुका है।
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जिले में ये हैं पैनल में शामिल निजी अस्पताल
- वधवा सर्जिकल अस्पताल, फतेहाबाद।
- पारूल ईएनटी, स्किन एवं लेजर सेंटर, टोहाना।
- राजन आई, हार्ट एवं लेजर सेंटर, टोहाना।
- आई क्यू अस्पताल, फतेहाबाद।
- जयपुर चिल्ड्रन अस्पताल, फतेहाबाद।
- राजस्थान मेडिकल सेंटर, टोहाना।
- सद्भावना अस्पताल, फतेहाबाद।
- जनता आई एवं मैटरनिटी अस्पताल, टोहाना।
- अरोड़ा अस्पताल, टोहाना।
- मेहता आई अस्पताल, टोहाना।
- लाइफ केयर अस्पताल, फतेहाबाद।
- जैन चैरिटेबल अस्पताल, टोहाना।
- सांई अस्पताल, टोहाना
- कक्कड़ नर्सिंग होम, टोहाना।
- उम्मीद अस्पताल, फतेहाबाद।
- खन्ना ईएनटी, टोहाना।
- दीपांश भाटिया, अस्पताल टोहाना।
- शालिनी सर्जिकल एवं मैटरनिटी अस्पताल
- गोयल नर्सिंग होम, रतिया
- अजय अस्पताल, टोहाना
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आयुष्मान के तहत जो पैकेज दिए गए हैं उसके अनुसार पैनल में शामिल निजी अस्पताल उपचार कर रहे हैं। अस्पताल तो सरकार के नियमों को ही फॉलो कर रहे हैं।
- डॉ.अंजना डाबड़ा, प्रधान, आईएमए
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विभाग की तरफ से आदेश आए हैं जिसमें पांच बीमारियों के पैकेज को सरकारी अस्पताल के लिए रिजर्व किया गया है। संबंधित बीमारियों का उपचार मरीज सरकारी अस्पताल में करवा सकेंगे।
- डॉ.लाजवंती गौरी, उप सिविल सर्जन
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ये ही नहीं उल्टी और दस्त लगने पर भी आयुष्मान पात्र निजी में उपचार नहीं करवा पाएंगे। सांस संबंधित बीमारी के पैकेज को भी इससे हटा दिया गया है। जिले के करीब 5 लाख 38 हजार पात्रों को झटका लगा है। जिले में 20 अस्पताल पैनल में शामिल हैं। इसमें 4 अस्पताल नेत्र से संबंधित हैं जहां पर पात्र आयुष्मान के तहत मोतियाबिंद का ऑपरेशन करवा रहे थे।
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सरकारी में नहीं है ऑपरेशन की सुविधा
नागरिक अस्पताल की अगर बात करें तो यहां पर मोतियाबिंद के अलावा अन्य ऑपरेशन की सुविधा नहीं है। अस्पताल में न तो दूरबीन से पित्त की थैली के ऑपरेशन की सुविधा है तो और फिजिशियन न होने के कारण सांस लेने संबंधित उपचार की सुविधा नहीं है।
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54658 मरीज ले चुके हैं आयुष्मान योजना का फायदा
जिले में करीब 5.38 लाख लाभार्थी है। इसमें से 54658 पात्र आयुष्मान भारत योजना के तहत उपचार करवा चुके हैं। इसको लेकर सरकार ने 69 करोड़ 10 लाख रुपये भुगतान सितंबर 2018 से लेकर मार्च 2025 तक किया जा चुका है।
जिले में ये हैं पैनल में शामिल निजी अस्पताल
- वधवा सर्जिकल अस्पताल, फतेहाबाद।
- पारूल ईएनटी, स्किन एवं लेजर सेंटर, टोहाना।
- राजन आई, हार्ट एवं लेजर सेंटर, टोहाना।
- आई क्यू अस्पताल, फतेहाबाद।
- जयपुर चिल्ड्रन अस्पताल, फतेहाबाद।
- राजस्थान मेडिकल सेंटर, टोहाना।
- सद्भावना अस्पताल, फतेहाबाद।
- जनता आई एवं मैटरनिटी अस्पताल, टोहाना।
- अरोड़ा अस्पताल, टोहाना।
- मेहता आई अस्पताल, टोहाना।
- लाइफ केयर अस्पताल, फतेहाबाद।
- जैन चैरिटेबल अस्पताल, टोहाना।
- सांई अस्पताल, टोहाना
- कक्कड़ नर्सिंग होम, टोहाना।
- उम्मीद अस्पताल, फतेहाबाद।
- खन्ना ईएनटी, टोहाना।
- दीपांश भाटिया, अस्पताल टोहाना।
- शालिनी सर्जिकल एवं मैटरनिटी अस्पताल
- गोयल नर्सिंग होम, रतिया
- अजय अस्पताल, टोहाना
आयुष्मान के तहत जो पैकेज दिए गए हैं उसके अनुसार पैनल में शामिल निजी अस्पताल उपचार कर रहे हैं। अस्पताल तो सरकार के नियमों को ही फॉलो कर रहे हैं।
- डॉ.अंजना डाबड़ा, प्रधान, आईएमए
विभाग की तरफ से आदेश आए हैं जिसमें पांच बीमारियों के पैकेज को सरकारी अस्पताल के लिए रिजर्व किया गया है। संबंधित बीमारियों का उपचार मरीज सरकारी अस्पताल में करवा सकेंगे।
- डॉ.लाजवंती गौरी, उप सिविल सर्जन