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गौ सेवकों पर दर्ज मुकदमे न वापस होने पर भड़के ग्रामीण

Tue, 16 Sep 2014 12:45 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहाबाद Updated Tue, 16 Sep 2014 12:45 AM IST
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Bossy is not the case back

ढिगसरा की गोचर भूमि से कब्जा हटाने तथा ट्रक जलाने के मामले में गौ सेवकों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग को लेकर 15 गांवों के ग्रामीण सोमवार को नेशनल हाईवे-10  पर आ गए तथा प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों का नेतृत्व संत गोपाल दास ने किया।

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पांच गांवों की पंचायत ने गांव में ईवीएम न रखने देने तथा चुनाव का पूर्णतया बहिष्कार करने का फैसला लिया है। उपायुक्त ने बहिष्कार संबंधी ज्ञापन लेने से मना कर दिया।
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हिंदू पुत्र गौ रक्षक दल, गौ रक्षक दल, हरियाणा गौशाला संघ के गौ सेवक अनाजमंडी में एकत्र हुए। गौ सेवक संत गोपाल दास, योगेंद्र आर्य, पूर्व सरपंच सुभाष जाखड़, मनोज ढाका के नेतृत्व में अनाजमंडी से चलकर हाईवे पर प्रदर्शन करते हुए उपायुक्त कार्यालय पहुंचे।
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इस दौरान गौ सेवकों ने हाईवे पर स्थित एक चुनाव कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। उपायुक्त को दिए ज्ञापन में गौ सेवकों ने बताया कि 17 फरवरी को बनावली-किरढ़ान रोड पर गौवंश से भरा एक ट्रक पकड़ा था। ट्रक में 52 गाय व नंदी ठूंस ठूंसकर भरे हुए थे।

गौभक्तों ने पुलिस की मौजूदगी में मुक्त कराया था। लेकिन बाद में अज्ञात लोगों ने ट्रक को आग लगा दी थी। पुलिस ने बिना किसी कार्रवाई के 30 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर दिया, जिसको लेकर गौ भक्त पहले भी प्रदर्शन कर केस वापस लेने की मांग कर चुके हैं।

मुख्यमंत्री से बात का भी नहीं हुआ फायदा
13 अगस्त को मुकदमे वापस लेने की मांग को लेकर बनावाली, ढांड, ढिगसरा, मेहूवाला, शेखुपुर दड़ौली, चबरवाल, खैराती खेड़ा, मानावाली सहित 15 गांवों के ग्रामीणों ने संत गोपाल दास के नेत्त्व में प्रदर्शन किया था और लघु सचिवालय पहुंचकर संत गोपाल दास ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से पुलिस अधीक्षक शिवचरण अत्री की बात कराई थी, जिसके बाद एसपी ने मुकदमों को खारिज करने का आश्वासन दिया था। लेकिन अभी तक मुकदमे खारिज नहीं किए गए।

प्रशासन को नहीं रखने देंगे पोलिंग मशीन
मुकदमे वापस न लेने पर किरढ़ान, बनावाली, ढांड, शेखुपुर दड़ोली, ढिगसरा गांव की पंचायत ने सामूहिक रूप से फैसला लिया है कि वे न तो प्रशासन को पोलिंग मशीनें बूथों पर रखने देंगे और चुनाव का बहिष्कार करेंगे। पूर्व सरपंच सुभाष जाखड़ ने बताया कि अभी तो पंाच गांवों ने चुनाव के बहिष्कार का फैसला लिया है। यदि मांग न मानी गई तो कई और गांव इस निर्णय में शामिल हो सकते हैं।

उपायुक्त ने कहा सीएम से करूंगा बात
उपायुक्त राजीव रत्न ने संत गोपाल दास, योगेन्द्र आर्य तथा सुभाष जाखड़ को बात करने के करने के लिए कार्यालय में  बुलाया। जहां पर उन्होंने आश्वासन देते हुए कहा कि वह इस मामले को लेकर सीएम भूपेन्द्र सिंह हुड्डा से बात करेंगे तथा पुलिस अधीक्षक से इस मामले की जांच को लेेकर बात करेंगे।


उपायुक्त ने नहीं लिया चुनाव बहिष्कार संबंधी ज्ञापन
पांच गांवाें द्वारा लिए गए चुनाव के बहिष्कार संबंधी फैसले का लिखित ज्ञापन जब संत गोपाल दास ने उपायुक्त राजीव रत्न को देना चाहा तो उपायुक्त ने लेने से मना कर दिया और इस फैसले को गलत ठहराया। उन्होंने कहा कि वोट करना सबका अधिकार है। इसे कोई भी व्यक्ति रोक नहीं सकता है।

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