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Fatehabad News: एनीमिया मुक्त अभियान शुरू, 6 माह के बच्चे से लेकर फ्रंटलाइन तक के खून की होगी जांच
Tue, 01 Jul 2025 11:40 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Tue, 01 Jul 2025 11:40 PM IST
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फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में एनीमिया मुक्त अभियान के दौरान जांच करते हुए प्रशिक्षुसंवाद
फतेहाबाद। स्वास्थ्य विभाग ने जिले में एनीमिया मुक्त अभियान की मंगलवार से शुरूआत की है। जिले में विभाग 30 दिनों में 2.53 लाख लोगों के खून की जांच करेगा। जांच के दौरान अगर कोई एनीमियाग्रस्त मिलता है तो उसका उपचार शुरू किया जाएगा।
विभाग की टीमें लगातार उसका फॉलोअप करेंगी। एनीमिया मुक्त अभियान के लिए 147 टीमें गठित की गई हैं। जिसमें 14 शहरी और 135 ग्रामीण टीमें शामिल हैं। ग्रामीण टीमों को 7980 और शहरी टीमों को रोजाना 840 लोगों की जांच करनी होगी।
विभाग 6 माह के शिशु से लेकर फ्रंटलाइन वर्कर तक के खून की जांच करेगा। इस बारे में विभाग ने अलग-अलग लक्ष्य निर्धारित किए हैं।
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इन लोगों की विभाग करेगा जांच
श्रेणी लक्ष्य
6 माह से 59 माह 68 हजार
5 साल से 9 साल 88 हजार
10 साल से 19 साल 69 हजार
गर्भवती 9600
स्तनपान करवाने वाली महिलाएं 6600
फ्रंटलाइन वर्कर 1500
डब्ल्यूआरए 11250
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एनीमिया ग्रस्त की रखी जाएगी निगरानी
खून की जांच के दौरान अगर किसी में कम मिलता है तो स्वास्थ्य विभाग उसका उपचार शुरू करेगा। विभाग की तरफ से दवाई दी जाएगी। ग्रामीण क्षेत्र में जांच के दौरान अगर कोई एनीमिया ग्रस्त मिलता है तो उसे सीएचसी पर रेफर किया जाएगा। अगर कोई गंभीर है तो उसे नागरिक अस्पताल में भेजा जाएगा। अधिकारियों की माने तो बच्चों में 11 ग्राम, 5 से 11 साल के उम्र के बच्चों में 11.5 ग्राम, 12 से 14 साल उम्र के बच्चों में 12 ग्राम, 20 से 45 साल की उम्र की युवतियों और महिलाओं में 12 ग्राम, गर्भवती में 11 ग्राम और अगर कोई 15 साल से ज्यादा का मेल है तो उसमें 13 ग्राम से ज्यादा खून होना चाहिए। अगर इससे कम है तो वह एनीमिया की श्रेणी में आएगा।
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स्वास्थ्य विभाग की तरफ से एनीमिया मुक्त अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान के दौरान अगर कोई एनीमिया ग्रस्त मिलता है तो उसका उपचार शुरू किया जाएगा। विभाग की टीमें फॉलोअप भी लेंगी, जब तक ठीक नहीं हो जाता है।
-डॉ. कुलप्रतिभा, सिविल सर्जन
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विभाग की टीमें लगातार उसका फॉलोअप करेंगी। एनीमिया मुक्त अभियान के लिए 147 टीमें गठित की गई हैं। जिसमें 14 शहरी और 135 ग्रामीण टीमें शामिल हैं। ग्रामीण टीमों को 7980 और शहरी टीमों को रोजाना 840 लोगों की जांच करनी होगी।
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विभाग 6 माह के शिशु से लेकर फ्रंटलाइन वर्कर तक के खून की जांच करेगा। इस बारे में विभाग ने अलग-अलग लक्ष्य निर्धारित किए हैं।
इन लोगों की विभाग करेगा जांच
श्रेणी लक्ष्य
6 माह से 59 माह 68 हजार
5 साल से 9 साल 88 हजार
10 साल से 19 साल 69 हजार
गर्भवती 9600
स्तनपान करवाने वाली महिलाएं 6600
फ्रंटलाइन वर्कर 1500
डब्ल्यूआरए 11250
एनीमिया ग्रस्त की रखी जाएगी निगरानी
खून की जांच के दौरान अगर किसी में कम मिलता है तो स्वास्थ्य विभाग उसका उपचार शुरू करेगा। विभाग की तरफ से दवाई दी जाएगी। ग्रामीण क्षेत्र में जांच के दौरान अगर कोई एनीमिया ग्रस्त मिलता है तो उसे सीएचसी पर रेफर किया जाएगा। अगर कोई गंभीर है तो उसे नागरिक अस्पताल में भेजा जाएगा। अधिकारियों की माने तो बच्चों में 11 ग्राम, 5 से 11 साल के उम्र के बच्चों में 11.5 ग्राम, 12 से 14 साल उम्र के बच्चों में 12 ग्राम, 20 से 45 साल की उम्र की युवतियों और महिलाओं में 12 ग्राम, गर्भवती में 11 ग्राम और अगर कोई 15 साल से ज्यादा का मेल है तो उसमें 13 ग्राम से ज्यादा खून होना चाहिए। अगर इससे कम है तो वह एनीमिया की श्रेणी में आएगा।
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स्वास्थ्य विभाग की तरफ से एनीमिया मुक्त अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान के दौरान अगर कोई एनीमिया ग्रस्त मिलता है तो उसका उपचार शुरू किया जाएगा। विभाग की टीमें फॉलोअप भी लेंगी, जब तक ठीक नहीं हो जाता है।
-डॉ. कुलप्रतिभा, सिविल सर्जन