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कभी थी एशिया की सबसे बड़ी प्लाइवुड फैक्ट्री, अब टुकड़ों में नीलामी की तैयारी
Updated Sat, 29 Jul 2017 11:07 PM IST
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न्यूकम लिमिटेड न्यूवुड एमडीएफ प्लाइवुड फैक्ट्री टुकड़ों में होगी नीलाम
टोहाना।
हिसार-चंडीगढ रोड नेशनल हाईवे पर 90 के दशक के प्रारंभ में स्थापित एशिया की सबसे बड़ी प्लाइवुड फैक्टरी कहे जाने वाली न्यूकम लिमिटेड न्यूवुड एमडीएफ टुकड़ों में नीलाम होने जा रही है। कोर्ट ने इसकी नीलामी के आदेश देते हुए प्रशासन को 8 अगस्त को रिपोर्ट कोर्ट में देने के आदेश दिए हैं। कभी इस फैक्टरी में सैकड़ों की संख्या में बेरोजगारों को काम मिला था वहीं अब इसके खत्म हो जाने से व्यापार मंडल भी दुखी है। इसे एशिया की सबसे बड़ी प्लाइवुड भी कहा जाता रहा है। फर्म अंदरूनी कलह के चलते घाटे में जाती रही और हालात ये है कि चमचमाते दरवाजों पर जंग लग गया है। दरवाजों पर ताले और सील लगी हुई है।
जिन लोगों ने कंपनी को खड़ा किया वहीं बने लेनदार
हालात ये हो चुके हैं कि उन लोगों का फर्म पर लाखों रुपये का बकाया खड़ा है, जो इस जो इस फर्म से जुड़े थे। मजदूर नेता बताते हैं कि दो-ढाई करोड़ के लगभग तो वर्कर का ही बकाया है। इसके अलावा अलग-अलग विभाग व फर्म का भी लाखों का बकाया है, जिसको लेकर लगभग सभी कोर्ट का दरवाजा खटखटा रहे हैं। टोहाना की कोर्ट ने एक फर्म की रिकवरी के लिए नीलामी के आदेश दिए हैं। उम्मीद की जा रही है अन्य देनदारी भी इसी तरीके से करवाई जाएगी और एशिया की सबसे बड़ी प्लाइवुड कंपनी कहे जाने वाली न्यूकम या न्यवुड टुकड़ों में नीलाम होगी। इसमें दुखद पहलू ये भी है कि यहां काम करने वाले मजदूर आंदोलन कर करके हार गए कुछ तो न्याय की बाट देखते देखते दुनिया ही छोड़कर चले गए अब भी उनकी लड़ाई बाकी है वो माननीय न्यायालय की तरफ टकटकी लगाए अपनी मेहनत का मोल मिलने का इंतजार कर रहे हैं। अधिकारी नवदीप नैन ने बताया कि माननीय न्यायालय के आदेश पर नीलाम की कार्रवाई हो रही है।
30 वर्ष पूर्व लगी थी फैक्टरी
लगभग 30 वर्ष पूर्व 1988 में फरीदाबाद के बडे़ उद्योगपति अरुण बराड़ ने कंपनी को शुरू किया था। इस फैक्टरी के खुलने से सैकड़ों लोगों को रोजगार मिला था। कुछ वर्ष पूर्व यह फैक्टरी चल नहीं पाई और कंपनी मालिकों को 2010 में फैक्टरी को बंद करना पड़ा। इस दौरान कंपनी पर काफी देनदारी भी हो गई और लेनदारों ने लेनदारो ने कंपनी पर केस कर दिया। जिसके बाद से कंपनी सील हो चुकी है।
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क्या कहते हैं कंपनी के पुराने वर्कर
नांगला निवासी मजदूर नेता वजीर नंागला ने बताया कि मजदूरों का करीब ढाई करोड़ रुपया बकाया है, जिन लोगों ने कंपनी पर केस डाल रखे हैं, जिसमें अभी ग्रेच्यूटी पेंडिंग है। दो केस उन्होंने जीत रखे हैं। उन्होंने बताया कि 11 पार्टियां ऐसी हैं, जिन्होंने कंपनी से रुपया लेना है और केस कर रखा है। जिनका करीब करीब 9 करोड़ रूपया पेंडिंग है। अब कंपनी टुकड़ों में बिकेगी। सबसे पहली बोली इसकी 60 लाख वाली होने जा रही है। कितना हिस्सा सेल होता है वो देखने वाली बात है। मजदूरों को फिलहाल राहत नहीं मिलेगी क्योंकि उनका केस अभी फतेहाबाद अदालत में चल रहा है। जिसकी आगामी तारीख 5 सितंबर लगी हुई है। उन्होंने बताया कि कई मजदूर मर चुके तथा कईयो की हालात नाजुक है। सिर्फ एक न्याय व्यवस्था पर हमारा विश्वास टिका हुआ है। कुछ लोग मर भी गए हैं उनके परिवार भी कोर्ट की ओर देख रहे हैं।
क्या कहते हैं व्यापारी
हरियाणा व्यापार मंडल के चेयरमैन सुभाष गोयल ने बताया कि यह एशिया की सबसे बड़ी फैक्टरी थी। इसका बोर्ड एशिया का नंबर वन था। इसके आने से टोहाना में बेहद खुशहाली आई। किन्हीं कारणों से यह बंद हो गया। कई लोगों का पैसा अटक गया है जिसके केस है जिसमें अदालत ने नीलामी के आदेश दिए हैं। हमें बड़ा ही दुख है कि यह फैक्ट्री एशिया का सबसे बड़ा प्लाट खत्म हो रहा है।
क्या कहते हैं अधिवक्ता
न्यूकम के बकाया अधिकतर केसों की पैरवी कर विरेन्द्र शर्मा ने बताया कि उनके माध्यम से जिन लोगों ने केस किया है उसमें 60 लाख की प्रोपर्टी है। कोर्ट के आदेश से इस फैक्टरी की नीलामी होनी है। कोर्ट ने 24 अप्रैल को नीलामी के आदेश हुए थे, जिसमें तहसीलदार ने नीलामी करवाकर 8 अगस्त को नीलामी करवाने के बाद रिपोर्ट पेश करनी है। उनके पास सात पार्टियां हैं। जिन्होंने न्यूकम से पैसा लेना है यह करीब 7 करोड़ बनती है।
क्या कहते हैं तहसीलदार
इस बारे में अधिकारी नवदीप नैन ने बताया कि इसकी नीलामी के लिए मानीनय न्यायालय से आदेश प्राप्त हुए हैं। एक फर्म जिसका 66 लाख रुपया जो न्यूकम के पास था, इस मामले में आदेश हैं और इस संबंध में आठ अगस्त को रिपोर्ट अदालत में पेश करनी है। इससे पहले नीलामी करवाई जाएगी।
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टोहाना।
हिसार-चंडीगढ रोड नेशनल हाईवे पर 90 के दशक के प्रारंभ में स्थापित एशिया की सबसे बड़ी प्लाइवुड फैक्टरी कहे जाने वाली न्यूकम लिमिटेड न्यूवुड एमडीएफ टुकड़ों में नीलाम होने जा रही है। कोर्ट ने इसकी नीलामी के आदेश देते हुए प्रशासन को 8 अगस्त को रिपोर्ट कोर्ट में देने के आदेश दिए हैं। कभी इस फैक्टरी में सैकड़ों की संख्या में बेरोजगारों को काम मिला था वहीं अब इसके खत्म हो जाने से व्यापार मंडल भी दुखी है। इसे एशिया की सबसे बड़ी प्लाइवुड भी कहा जाता रहा है। फर्म अंदरूनी कलह के चलते घाटे में जाती रही और हालात ये है कि चमचमाते दरवाजों पर जंग लग गया है। दरवाजों पर ताले और सील लगी हुई है।
जिन लोगों ने कंपनी को खड़ा किया वहीं बने लेनदार
हालात ये हो चुके हैं कि उन लोगों का फर्म पर लाखों रुपये का बकाया खड़ा है, जो इस जो इस फर्म से जुड़े थे। मजदूर नेता बताते हैं कि दो-ढाई करोड़ के लगभग तो वर्कर का ही बकाया है। इसके अलावा अलग-अलग विभाग व फर्म का भी लाखों का बकाया है, जिसको लेकर लगभग सभी कोर्ट का दरवाजा खटखटा रहे हैं। टोहाना की कोर्ट ने एक फर्म की रिकवरी के लिए नीलामी के आदेश दिए हैं। उम्मीद की जा रही है अन्य देनदारी भी इसी तरीके से करवाई जाएगी और एशिया की सबसे बड़ी प्लाइवुड कंपनी कहे जाने वाली न्यूकम या न्यवुड टुकड़ों में नीलाम होगी। इसमें दुखद पहलू ये भी है कि यहां काम करने वाले मजदूर आंदोलन कर करके हार गए कुछ तो न्याय की बाट देखते देखते दुनिया ही छोड़कर चले गए अब भी उनकी लड़ाई बाकी है वो माननीय न्यायालय की तरफ टकटकी लगाए अपनी मेहनत का मोल मिलने का इंतजार कर रहे हैं। अधिकारी नवदीप नैन ने बताया कि माननीय न्यायालय के आदेश पर नीलाम की कार्रवाई हो रही है।
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30 वर्ष पूर्व लगी थी फैक्टरी
लगभग 30 वर्ष पूर्व 1988 में फरीदाबाद के बडे़ उद्योगपति अरुण बराड़ ने कंपनी को शुरू किया था। इस फैक्टरी के खुलने से सैकड़ों लोगों को रोजगार मिला था। कुछ वर्ष पूर्व यह फैक्टरी चल नहीं पाई और कंपनी मालिकों को 2010 में फैक्टरी को बंद करना पड़ा। इस दौरान कंपनी पर काफी देनदारी भी हो गई और लेनदारों ने लेनदारो ने कंपनी पर केस कर दिया। जिसके बाद से कंपनी सील हो चुकी है।
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क्या कहते हैं कंपनी के पुराने वर्कर
नांगला निवासी मजदूर नेता वजीर नंागला ने बताया कि मजदूरों का करीब ढाई करोड़ रुपया बकाया है, जिन लोगों ने कंपनी पर केस डाल रखे हैं, जिसमें अभी ग्रेच्यूटी पेंडिंग है। दो केस उन्होंने जीत रखे हैं। उन्होंने बताया कि 11 पार्टियां ऐसी हैं, जिन्होंने कंपनी से रुपया लेना है और केस कर रखा है। जिनका करीब करीब 9 करोड़ रूपया पेंडिंग है। अब कंपनी टुकड़ों में बिकेगी। सबसे पहली बोली इसकी 60 लाख वाली होने जा रही है। कितना हिस्सा सेल होता है वो देखने वाली बात है। मजदूरों को फिलहाल राहत नहीं मिलेगी क्योंकि उनका केस अभी फतेहाबाद अदालत में चल रहा है। जिसकी आगामी तारीख 5 सितंबर लगी हुई है। उन्होंने बताया कि कई मजदूर मर चुके तथा कईयो की हालात नाजुक है। सिर्फ एक न्याय व्यवस्था पर हमारा विश्वास टिका हुआ है। कुछ लोग मर भी गए हैं उनके परिवार भी कोर्ट की ओर देख रहे हैं।
क्या कहते हैं व्यापारी
हरियाणा व्यापार मंडल के चेयरमैन सुभाष गोयल ने बताया कि यह एशिया की सबसे बड़ी फैक्टरी थी। इसका बोर्ड एशिया का नंबर वन था। इसके आने से टोहाना में बेहद खुशहाली आई। किन्हीं कारणों से यह बंद हो गया। कई लोगों का पैसा अटक गया है जिसके केस है जिसमें अदालत ने नीलामी के आदेश दिए हैं। हमें बड़ा ही दुख है कि यह फैक्ट्री एशिया का सबसे बड़ा प्लाट खत्म हो रहा है।
क्या कहते हैं अधिवक्ता
न्यूकम के बकाया अधिकतर केसों की पैरवी कर विरेन्द्र शर्मा ने बताया कि उनके माध्यम से जिन लोगों ने केस किया है उसमें 60 लाख की प्रोपर्टी है। कोर्ट के आदेश से इस फैक्टरी की नीलामी होनी है। कोर्ट ने 24 अप्रैल को नीलामी के आदेश हुए थे, जिसमें तहसीलदार ने नीलामी करवाकर 8 अगस्त को नीलामी करवाने के बाद रिपोर्ट पेश करनी है। उनके पास सात पार्टियां हैं। जिन्होंने न्यूकम से पैसा लेना है यह करीब 7 करोड़ बनती है।
क्या कहते हैं तहसीलदार
इस बारे में अधिकारी नवदीप नैन ने बताया कि इसकी नीलामी के लिए मानीनय न्यायालय से आदेश प्राप्त हुए हैं। एक फर्म जिसका 66 लाख रुपया जो न्यूकम के पास था, इस मामले में आदेश हैं और इस संबंध में आठ अगस्त को रिपोर्ट अदालत में पेश करनी है। इससे पहले नीलामी करवाई जाएगी।