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सेलटैक्स विभाग की जांच में खुलासा, कैटल फीड की आड़ में कागजों में बेच डाले सीमेंट, स्टील व लैपटाप
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। फतेहाबाद में पिछले दिनों जिला कराधान एवं आबकारी विभाग के निरीक्षण में फर्जी निकली चार कंपनियों का नेटवर्क और भी अधिक गहरा निकला है। जिला आबकारी एवं कराधान विभाग द्वारा उच्चाधिकारियों को सौंपी गई रिपोर्ट में इन कंपनियों और इनके साथ की एक-दो और कंपनियों द्वारा कुल 11 सौ करोड़ रुपये का फर्जीवाड़े का खुलासा किया है। जिला आबकारी एवं कराधान आयुक्त वीके शास्त्री ने इसकी पुष्टि की है।
विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार फतेहाबाद जिले की जिन चार कंपनियों गोपीराम इंडस्ट्रीज, मनीष काटन फैक्ट्री, हरिओम कॉटन ट्रेड कंपनी रतिया एवं साईं ट्रेडिंग कंपनी के फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ था। उन कंपनियों ने आगे जिन कंपनियों से माल लेने का जीएसटी पोर्टल पर डिटेल दी थी, वो कंपनियां भी टैक्स चोरी में शामिल हैं। विभाग को भेजी गई रिपोर्ट में इस बात का जिक्र है कि उक्त चार कंपनियों ने महम की प्रिया ट्रेडिंग कंपनी से डील की। विभाग को भेजी गई रिपोर्ट में प्रिया ट्रेडिंग कंपनी पर आरोप है कि इस कंपनी ने 15 व्यापारियों को 1560 बिल काट कर दिए हैं जिसमें 426 करोड़ का कागजी लेन-देन किया गया है। इस कंपनी ने इस 426 करोड़ के अगेंस्ट साढ़े 40 करोड़ का टैक्स भी नहीं भरा है। इसी तरह से महेंद्रगढ़ की पूनम इंडस्ट्रीज 19 व्यापारियों के नाम 263 करोड़ के बिल तो काट दिए लेकिन साढ़े 32 करोड़ के टैक्स नहीं दिया। इतना ही नहीं, ऐसे ही एक अन्य कंपनी गुरुग्राम की प्रीति इंडस्ट्रीज ने 378 करोड़ के फर्जी बिल काट दिए लेकिन इसके अगेंस्ट बनने वाली 31 करोड़ से अधिक का टैक्स नहीं भरा।
टैक्स बचाने को कैटल फीड का दिखाया लाइसेंस
इस सारे फर्जीवाड़े में एक ये बात भी निकलकर सामने आई है कि प्रीति इंडस्ट्रीज का लाइसेंस कैटल फीड कंपनी के तौर पर रजिस्टर्ड है। यहां ये बात ध्यान देने योग्य है कि कैटल फीड टैक्स फ्री है। लेकिन इसकी आड़ में प्रीति कंपनी के अधिकारियों ने रेता, सीमेंट, बजरी, स्टील, मोबाइल, लैपटॉप व अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम के बिल काट दिए जबकि इनकी जीएसटी की दर 28 फीसदी है।
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वर्जन
पिछले दिनों की गई रेड में कई कंपनियों के फर्जीवाड़े की जानकारी मिली है। इसकी पूरी रिपोर्ट ऊपर भेजी गई है। जो भी आदेश आएंगे, उसी अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- वीके शास्त्री, जिला आबकारी एवं कराधान आयुक्त, फतेहाबाद।
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फतेहाबाद। फतेहाबाद में पिछले दिनों जिला कराधान एवं आबकारी विभाग के निरीक्षण में फर्जी निकली चार कंपनियों का नेटवर्क और भी अधिक गहरा निकला है। जिला आबकारी एवं कराधान विभाग द्वारा उच्चाधिकारियों को सौंपी गई रिपोर्ट में इन कंपनियों और इनके साथ की एक-दो और कंपनियों द्वारा कुल 11 सौ करोड़ रुपये का फर्जीवाड़े का खुलासा किया है। जिला आबकारी एवं कराधान आयुक्त वीके शास्त्री ने इसकी पुष्टि की है।
विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार फतेहाबाद जिले की जिन चार कंपनियों गोपीराम इंडस्ट्रीज, मनीष काटन फैक्ट्री, हरिओम कॉटन ट्रेड कंपनी रतिया एवं साईं ट्रेडिंग कंपनी के फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ था। उन कंपनियों ने आगे जिन कंपनियों से माल लेने का जीएसटी पोर्टल पर डिटेल दी थी, वो कंपनियां भी टैक्स चोरी में शामिल हैं। विभाग को भेजी गई रिपोर्ट में इस बात का जिक्र है कि उक्त चार कंपनियों ने महम की प्रिया ट्रेडिंग कंपनी से डील की। विभाग को भेजी गई रिपोर्ट में प्रिया ट्रेडिंग कंपनी पर आरोप है कि इस कंपनी ने 15 व्यापारियों को 1560 बिल काट कर दिए हैं जिसमें 426 करोड़ का कागजी लेन-देन किया गया है। इस कंपनी ने इस 426 करोड़ के अगेंस्ट साढ़े 40 करोड़ का टैक्स भी नहीं भरा है। इसी तरह से महेंद्रगढ़ की पूनम इंडस्ट्रीज 19 व्यापारियों के नाम 263 करोड़ के बिल तो काट दिए लेकिन साढ़े 32 करोड़ के टैक्स नहीं दिया। इतना ही नहीं, ऐसे ही एक अन्य कंपनी गुरुग्राम की प्रीति इंडस्ट्रीज ने 378 करोड़ के फर्जी बिल काट दिए लेकिन इसके अगेंस्ट बनने वाली 31 करोड़ से अधिक का टैक्स नहीं भरा।
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इस सारे फर्जीवाड़े में एक ये बात भी निकलकर सामने आई है कि प्रीति इंडस्ट्रीज का लाइसेंस कैटल फीड कंपनी के तौर पर रजिस्टर्ड है। यहां ये बात ध्यान देने योग्य है कि कैटल फीड टैक्स फ्री है। लेकिन इसकी आड़ में प्रीति कंपनी के अधिकारियों ने रेता, सीमेंट, बजरी, स्टील, मोबाइल, लैपटॉप व अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम के बिल काट दिए जबकि इनकी जीएसटी की दर 28 फीसदी है।
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पिछले दिनों की गई रेड में कई कंपनियों के फर्जीवाड़े की जानकारी मिली है। इसकी पूरी रिपोर्ट ऊपर भेजी गई है। जो भी आदेश आएंगे, उसी अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- वीके शास्त्री, जिला आबकारी एवं कराधान आयुक्त, फतेहाबाद।