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पुलिस कांस्टेबल प्रवेश परीक्षा : नकल रोकने को सरकार की नई पहल, क्यू-आर कोड से हुई परीक्षार्थियों की जांच
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पुलिस भर्ती परीक्षा : नकल रोकने को सरकार की नई पहल, क्यूआर कोड से हुई परीक्षार्थियों की जांच
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। पुलिस कांस्टेबल भर्ती को लेकर प्रदेश के 16 जिलों में ली गई प्रवेश परीक्षा को नकल रहित बनाने के लिए सरकार व प्रशासन ने इस हाईटेक प्रबंधों का सहारा लिया था। इस बार प्रत्येक परीक्षार्थी की बायो मीट्रिक हाजिरी के साथ-साथ उसके रेटीना स्कैन व क्यूआर कोड की भी मदद ली गई। प्रवेश परीक्षा में ये व्यवस्था पहली बार अपनाई गई है। इससे पहले आधार कार्ड के नंबर के साथ परीक्षार्थियों की थंब चेकिंग प्रणाली से जांच होती आई है। सरकार की नई सुरक्षा नीति के बारे में परीक्षार्थियों को पहले से जानकारी नहीं थी, ऐसे में ये नया सुरक्षा तंत्र उनके लिए भी नया था। हालांकि इसके चलते परीक्षार्थियों की जांच में तय समय से थोड़ा ज्यादा समय अवश्य लगा। लेकिन अधिकारियों का मानना है कि इसी तरह के सुरक्षा प्रबंधों के चलते ही परीक्षा केंद्र में डेढ़ घंटे पहले ही परीक्षार्थियों की इंट्री करवाई गई थी।
ये है क्यूआर कोड प्रणाली
इस बार नकल को रोकने के लिए प्रत्येक परीक्षार्थी की डिटेल प्रदेश सरकार ने एक क्यू-आर कोड में छिपाई है। आमतौर पर ये कोड कुछ अक्षरों व इमेज का मिश्रण होता है, लेकिन इसे मोबाइल के अंदर एक विशेष एप के माध्यम से देखा जाए तो उस कोड के अंदर की सारी डिटेल मोबाइल स्क्रीन पर आ जाती है। इस बार सरकार ने सभी परीक्षार्थियों का डाटा क्यूआर कोड शीट में भिजवाई थी। आधार व बायो मीट्रिक जांच के बाद सभी परीक्षार्थी को इस स्कैन से भी होकर गुजरना पड़ा। इसमें परीक्षार्थी काउंटर पर आकर अपना रोल नंबर बोलता है और इसके बाद स्टाफ के कर्मचारी अपने पास मौजूद क्यूआर कोड शीट में उस नंबर के आगे लगे क्यूआर कोड को मोबाइल एप से जांचते है। पूरी जानकारी कंफर्म होने के बाद ही फिर परीक्षार्थी को आगे भेजा गया।
प्रदेश के 16 जिलों में 5 लाख 93 हजार परीक्षार्थियों ने दी परीक्षा, रोहतक सहित कई जिलों में नहीं मिला कोई केंद्र
हरियाणा स्टाफ सेलेक्शन कमीशन ने प्रदेश में 5 हजार पुलिसकर्मियों की भर्ती प्रवेश परीक्षा के लिए प्रदेश के 16 जिलों में परीक्षा केंद्र बनाए। 16 जिलों में कुल 1335 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। दो शिफ्टों में जिसमें 5 लाख 93 हजार से अधिक परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। रविवार को जिन 16 जिलों में प्रवेश परीक्षा ली गई, उनमें फतेहाबाद, हिसार, सिरसा, कुरुक्षेत्र, अंबाला, पंचकूला, कैथल, करनाल, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल, पानीपत, यमुनानगर, भिवानी शामिल हैं। जिन जिलों को इस बार सेंटर अलॉट नहीं किया गया है उसमें दादरी, रोहतक, सोनीपत शामिल हैं। माना जा रहा है कि रोहतक व सोनीपत में पिछले बार विभिन्न पेपर लीक होने की घटनाओं के चलते सेंटर अलॉट नहीं किया गया।
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क्यूआर कोड के जरिए परीक्षार्थियों की जांच का आदेश प्रदेश सरकार की ओर से था। प्रदेश के उन सभी जिलों में यही व्यवस्था अपनाई गई है जिसमें पुलिस भर्ती की प्रवेश परीक्षा आयोजित की गई है।
-डॉ. जेके आभीर, जिला उपायुक्त फतेहाबाद ।
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। पुलिस कांस्टेबल भर्ती को लेकर प्रदेश के 16 जिलों में ली गई प्रवेश परीक्षा को नकल रहित बनाने के लिए सरकार व प्रशासन ने इस हाईटेक प्रबंधों का सहारा लिया था। इस बार प्रत्येक परीक्षार्थी की बायो मीट्रिक हाजिरी के साथ-साथ उसके रेटीना स्कैन व क्यूआर कोड की भी मदद ली गई। प्रवेश परीक्षा में ये व्यवस्था पहली बार अपनाई गई है। इससे पहले आधार कार्ड के नंबर के साथ परीक्षार्थियों की थंब चेकिंग प्रणाली से जांच होती आई है। सरकार की नई सुरक्षा नीति के बारे में परीक्षार्थियों को पहले से जानकारी नहीं थी, ऐसे में ये नया सुरक्षा तंत्र उनके लिए भी नया था। हालांकि इसके चलते परीक्षार्थियों की जांच में तय समय से थोड़ा ज्यादा समय अवश्य लगा। लेकिन अधिकारियों का मानना है कि इसी तरह के सुरक्षा प्रबंधों के चलते ही परीक्षा केंद्र में डेढ़ घंटे पहले ही परीक्षार्थियों की इंट्री करवाई गई थी।
ये है क्यूआर कोड प्रणाली
इस बार नकल को रोकने के लिए प्रत्येक परीक्षार्थी की डिटेल प्रदेश सरकार ने एक क्यू-आर कोड में छिपाई है। आमतौर पर ये कोड कुछ अक्षरों व इमेज का मिश्रण होता है, लेकिन इसे मोबाइल के अंदर एक विशेष एप के माध्यम से देखा जाए तो उस कोड के अंदर की सारी डिटेल मोबाइल स्क्रीन पर आ जाती है। इस बार सरकार ने सभी परीक्षार्थियों का डाटा क्यूआर कोड शीट में भिजवाई थी। आधार व बायो मीट्रिक जांच के बाद सभी परीक्षार्थी को इस स्कैन से भी होकर गुजरना पड़ा। इसमें परीक्षार्थी काउंटर पर आकर अपना रोल नंबर बोलता है और इसके बाद स्टाफ के कर्मचारी अपने पास मौजूद क्यूआर कोड शीट में उस नंबर के आगे लगे क्यूआर कोड को मोबाइल एप से जांचते है। पूरी जानकारी कंफर्म होने के बाद ही फिर परीक्षार्थी को आगे भेजा गया।
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प्रदेश के 16 जिलों में 5 लाख 93 हजार परीक्षार्थियों ने दी परीक्षा, रोहतक सहित कई जिलों में नहीं मिला कोई केंद्र
हरियाणा स्टाफ सेलेक्शन कमीशन ने प्रदेश में 5 हजार पुलिसकर्मियों की भर्ती प्रवेश परीक्षा के लिए प्रदेश के 16 जिलों में परीक्षा केंद्र बनाए। 16 जिलों में कुल 1335 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। दो शिफ्टों में जिसमें 5 लाख 93 हजार से अधिक परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। रविवार को जिन 16 जिलों में प्रवेश परीक्षा ली गई, उनमें फतेहाबाद, हिसार, सिरसा, कुरुक्षेत्र, अंबाला, पंचकूला, कैथल, करनाल, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल, पानीपत, यमुनानगर, भिवानी शामिल हैं। जिन जिलों को इस बार सेंटर अलॉट नहीं किया गया है उसमें दादरी, रोहतक, सोनीपत शामिल हैं। माना जा रहा है कि रोहतक व सोनीपत में पिछले बार विभिन्न पेपर लीक होने की घटनाओं के चलते सेंटर अलॉट नहीं किया गया।
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क्यूआर कोड के जरिए परीक्षार्थियों की जांच का आदेश प्रदेश सरकार की ओर से था। प्रदेश के उन सभी जिलों में यही व्यवस्था अपनाई गई है जिसमें पुलिस भर्ती की प्रवेश परीक्षा आयोजित की गई है।
-डॉ. जेके आभीर, जिला उपायुक्त फतेहाबाद ।