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जाट नेता यशपाल मलिक पर हमले के तीन दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली
Updated Fri, 18 Aug 2017 12:04 AM IST
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जाट नेता यशपाल मलिक पर हमले के तीन दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली
फतेहाबाद।
टोहाना के गांव समैण में 14 अगस्त को जाट नेता यशपाल मलिक पर हुए हमले के तीन दिन बीतने के बावजूद अभी तक टोहाना पुलिस के हाथ खाली हैं। पुलिस इस मामले में नामजद किसी भी आरोपी को काबू करने में कामयाबी हासिल नहीं कर पाई है। पुलिस ने यशपाल मलिक पर हमले के मामले में गांव समैण के जाट नेता सूबे सिंह समैण सहित 100 लोगों पर मुकदमा दर्ज कर रखा है। इस मामले में टोहाना पुलिस के आला अधिकारी मीडिया के सवालों से बचते नजर आ रहे हैं। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस इस मामले में अभी सबूतों की तलाश में जुटी है। पुलिस ने मलिक की जनसभा के दौरान वीडियोग्राफी करवाई थी। इसके अलावा सोशल मीडिया में आई वीडियो फुटेज की भी जांच की जा रही है। गौरतलब है कि सूबे सिंह समैण पर हत्या प्रयास एवं कई अन्य संगीन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है लेकिन अभी तक उनके गांव समैण में पुलिस टीम दोबारा जांच के लिए भी नहीं गई है। बीते दिन डीएसपी शमशेर सिंह दहिया ने इस मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच टीम का गठन किया था जिसमें चार एसएचओ सदर थाना प्रभारी प्रदीप श्योराण, सिटी प्रभारी रणधीर सिंह, सीआईए प्रभारी संदीप एवं जाखल एसएचओ हरबंस लाल को शामिल किया गया है। जांच टीम की जांच कहां तक पहुंची, इस बारे में बताने के लिए कोई पुलिस अधिकारी तैयार ही नहीं दिख रहा। डीएसपी दहिया और एसएचओ प्रदीप श्योराण जहां फोन तक नहीं उठा रहे, वहीं जांच टीम में शामिल जाखल एसएचओ हरबंस लाल को इस मामले में जांच की प्रगति के बारे में कोई जानकारी ही नहीं है। उनका कहना है कि उनके जिम्मे जो काम लगाया गया है, वो उसमें जुटे हैं। मुख्य काम टोहाना पुलिस अधिकारियों का है, वही बेहतर बता सकते हैं। उधर जाट नेता यशपाल मलिक समर्थक फकीरचंद ने पहले ही ऐलान कर दिया है कि 20 अगस्त को कन्हड़ी में 52 गांवों की एक महापंचायत आयोजित की जाएगी जिसमें आगे की रणनीति का ऐलान किया जाएगा।
गौरतलब है कि 27 अगस्त की झज्जर रैली के लिए ग्रामीणों को आमंत्रित करने के लिए 14 अगस्त को गांव समैण में मलिक समर्थकों ने एक जनसभा आयोजित की गई थी जिसमें जाट नेता यशपाल मलिक ने भी शिरकत की थी। इस जनसभा के दौरान मलिक और उनके समर्थकों पर कुछ हथियारबंद लोगों ने हमला कर दिया था जिसमें मलिक और उनके समर्थकों सहित कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे। बाद में टोहाना पुलिस ने 14 अगस्त की रात को इस मामले में जाट नेता सूबे सिंह समैण एवं उनके समर्थकों पर मामला दर्ज किया था।
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फतेहाबाद।
टोहाना के गांव समैण में 14 अगस्त को जाट नेता यशपाल मलिक पर हुए हमले के तीन दिन बीतने के बावजूद अभी तक टोहाना पुलिस के हाथ खाली हैं। पुलिस इस मामले में नामजद किसी भी आरोपी को काबू करने में कामयाबी हासिल नहीं कर पाई है। पुलिस ने यशपाल मलिक पर हमले के मामले में गांव समैण के जाट नेता सूबे सिंह समैण सहित 100 लोगों पर मुकदमा दर्ज कर रखा है। इस मामले में टोहाना पुलिस के आला अधिकारी मीडिया के सवालों से बचते नजर आ रहे हैं। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस इस मामले में अभी सबूतों की तलाश में जुटी है। पुलिस ने मलिक की जनसभा के दौरान वीडियोग्राफी करवाई थी। इसके अलावा सोशल मीडिया में आई वीडियो फुटेज की भी जांच की जा रही है। गौरतलब है कि सूबे सिंह समैण पर हत्या प्रयास एवं कई अन्य संगीन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है लेकिन अभी तक उनके गांव समैण में पुलिस टीम दोबारा जांच के लिए भी नहीं गई है। बीते दिन डीएसपी शमशेर सिंह दहिया ने इस मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच टीम का गठन किया था जिसमें चार एसएचओ सदर थाना प्रभारी प्रदीप श्योराण, सिटी प्रभारी रणधीर सिंह, सीआईए प्रभारी संदीप एवं जाखल एसएचओ हरबंस लाल को शामिल किया गया है। जांच टीम की जांच कहां तक पहुंची, इस बारे में बताने के लिए कोई पुलिस अधिकारी तैयार ही नहीं दिख रहा। डीएसपी दहिया और एसएचओ प्रदीप श्योराण जहां फोन तक नहीं उठा रहे, वहीं जांच टीम में शामिल जाखल एसएचओ हरबंस लाल को इस मामले में जांच की प्रगति के बारे में कोई जानकारी ही नहीं है। उनका कहना है कि उनके जिम्मे जो काम लगाया गया है, वो उसमें जुटे हैं। मुख्य काम टोहाना पुलिस अधिकारियों का है, वही बेहतर बता सकते हैं। उधर जाट नेता यशपाल मलिक समर्थक फकीरचंद ने पहले ही ऐलान कर दिया है कि 20 अगस्त को कन्हड़ी में 52 गांवों की एक महापंचायत आयोजित की जाएगी जिसमें आगे की रणनीति का ऐलान किया जाएगा।
गौरतलब है कि 27 अगस्त की झज्जर रैली के लिए ग्रामीणों को आमंत्रित करने के लिए 14 अगस्त को गांव समैण में मलिक समर्थकों ने एक जनसभा आयोजित की गई थी जिसमें जाट नेता यशपाल मलिक ने भी शिरकत की थी। इस जनसभा के दौरान मलिक और उनके समर्थकों पर कुछ हथियारबंद लोगों ने हमला कर दिया था जिसमें मलिक और उनके समर्थकों सहित कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे। बाद में टोहाना पुलिस ने 14 अगस्त की रात को इस मामले में जाट नेता सूबे सिंह समैण एवं उनके समर्थकों पर मामला दर्ज किया था।
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