{"_id":"68dac46e1bebf1ed4f0da171","slug":"6637-tons-of-paddy-arrived-procurement-slowed-fatehabad-news-c-127-1-ftb1001-141230-2025-09-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehabad News: 6637 टन धान की आवक, खरीद धीमी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehabad News: 6637 टन धान की आवक, खरीद धीमी
Mon, 29 Sep 2025 11:09 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Mon, 29 Sep 2025 11:09 PM IST
विज्ञापन
फतेहाबाद की पुरानी अनाज मंडी में अधिक नमी के धान को सूखाने के लिए बिछाता किसान। संवाद
फतेहाबाद। जिले में धान की कटाई का काम जोर पकड़ने लगा है। इससे अनाज मंडियों में धान की आवक में तेजी आई है। जिले में अभी तक कुल 6637 मीट्रिक टन धान की फसल की आवक हुई है। इसमें से 900 मीट्रिक टन धान की खरीद हो सकी है। खरीद प्रक्रिया फतेहाबाद, टोहाना और धारसूल की अनाज मंडी में जारी की गई है। हालांकि 47 अनाज मंडियों व खरीद केंद्रों पर खरीद शुरू नहीं हुई है।
जिले में साढ़े तीन लाख एकड़ में धान की फसल की बिजाई हुई है। इसमें से करीब 20 हजार एकड़ धान की कटाई हुई है। धान की कटाई में आई तेजी के बाद अनाज मंडियां व खरीद केंद्र धान की फसल से अटने लगे हैं, लेकिन जिले की 47 अनाज मंडियों और खरीद केंद्रों पर धान की सरकारी खरीद शुरू नहीं हुई। इससे किसान परेशान हैं।
जो किसान मंडी में धान की फसल लेकर पहुंच रहे हैं, उस फसल में नमी की मात्रा 17 फीसदी से अधिक होने के कारण किसान फसल को नहीं बेच पा रहे हैं। एमएसपी पर खरीद करने को लेकर विभिन्न अनाज मंडियों में 1157 गेट पास कटे हैं और 6,757.10 मीट्रिक टन धान की आवक हुई है। इसमें से मात्र 196 किसान ही अपनी फसल को एमएसपी पर बेच पाए हैं।
विज्ञापन
-- -
फसल में नमी की मात्रा 24 से 30 फीसदी के बीच
इन दिनों अनाज मंडी में धान पहुंच रही फसल में नमी की मात्रा 24 फीसदी से लेकर 30 फीसदी के बीच में है। सरकार की ओर से 17 फीसदी तक की नमी की फसल की खरीद की जा रही है। ऐसे में अधिकतर किसानों को मंडी में रखकर अपनी फसल को सुखाना पड़ रहा है।
-- -
खरीद प्रक्रिया की जायजा लेने अनाज मंडी में पहुंचे उपायुक्त
अनाज मंडी में परमल धान सरकारी खरीद प्रकिया जारी होने के चलते जिला उपायुक्त विवेक भारती फतेहाबाद की अनाज मंडी में पहुंचकर सुविधाओं व खरीद का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि अनाज मंडी में फसल लेकर पहुंचने वाले किसानों को किसी भी प्रकार कोई परेशानी ना हो। मंडी में किसानों के लिए रेस्ट हाउस, पेयजल और शौचालय की उचित व्यवस्था होनी चाहिए।
:: :::
अनाज मंडी में धान की खरीद जारी है। किसानों को किसी भी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी। धान की फसल की 17 फीसदी तक नमी की खरीद की जा रही है। किसानों से अपील है फसल को सूखाकर अनाज मंडी में लेकर आएं।
यशपाल मेहता, मार्केट कमेटी सचिव, अनाज मंडी फतेहाबाद।
विज्ञापन
जिले में साढ़े तीन लाख एकड़ में धान की फसल की बिजाई हुई है। इसमें से करीब 20 हजार एकड़ धान की कटाई हुई है। धान की कटाई में आई तेजी के बाद अनाज मंडियां व खरीद केंद्र धान की फसल से अटने लगे हैं, लेकिन जिले की 47 अनाज मंडियों और खरीद केंद्रों पर धान की सरकारी खरीद शुरू नहीं हुई। इससे किसान परेशान हैं।
विज्ञापन
जो किसान मंडी में धान की फसल लेकर पहुंच रहे हैं, उस फसल में नमी की मात्रा 17 फीसदी से अधिक होने के कारण किसान फसल को नहीं बेच पा रहे हैं। एमएसपी पर खरीद करने को लेकर विभिन्न अनाज मंडियों में 1157 गेट पास कटे हैं और 6,757.10 मीट्रिक टन धान की आवक हुई है। इसमें से मात्र 196 किसान ही अपनी फसल को एमएसपी पर बेच पाए हैं।
विज्ञापन
फसल में नमी की मात्रा 24 से 30 फीसदी के बीच
इन दिनों अनाज मंडी में धान पहुंच रही फसल में नमी की मात्रा 24 फीसदी से लेकर 30 फीसदी के बीच में है। सरकार की ओर से 17 फीसदी तक की नमी की फसल की खरीद की जा रही है। ऐसे में अधिकतर किसानों को मंडी में रखकर अपनी फसल को सुखाना पड़ रहा है।
खरीद प्रक्रिया की जायजा लेने अनाज मंडी में पहुंचे उपायुक्त
अनाज मंडी में परमल धान सरकारी खरीद प्रकिया जारी होने के चलते जिला उपायुक्त विवेक भारती फतेहाबाद की अनाज मंडी में पहुंचकर सुविधाओं व खरीद का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि अनाज मंडी में फसल लेकर पहुंचने वाले किसानों को किसी भी प्रकार कोई परेशानी ना हो। मंडी में किसानों के लिए रेस्ट हाउस, पेयजल और शौचालय की उचित व्यवस्था होनी चाहिए।
:: :::
अनाज मंडी में धान की खरीद जारी है। किसानों को किसी भी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी। धान की फसल की 17 फीसदी तक नमी की खरीद की जा रही है। किसानों से अपील है फसल को सूखाकर अनाज मंडी में लेकर आएं।
यशपाल मेहता, मार्केट कमेटी सचिव, अनाज मंडी फतेहाबाद।