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पूर्व सांसद आत्मा सिंह का लंबी बिमारी के बाद निधन, आज दोपहर एक बजे बलियाला में होगा अंतिम संस्कार
Updated Mon, 06 Nov 2017 12:27 AM IST
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पूर्व सांसद आत्मा सिंह का निधन
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद/रतिया ।
सिरसा लोकसभा क्षेत्र से सांसद रह चुके कांग्रेस नेता सरदार आत्मा सिंह गिल का रविवार देर शाम लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। 12 अक्तूबर 1938 को जन्में पूर्व सांसद गिल 2004 से 2009 तक सिरसा संसदीय सीट से कांग्रेस सांसद रह चुके हैं। इससे पहले वो 1987 में जनता दल की टिकट पर रतिया से विधायक भी चुने गए थे। आत्मा सिंह गिल 1987 से 1991 तक रतिया के विधायक रहे। पूर्व सांसद आत्मा सिंह गिल के कार्यकाल में कई किस्से काफी मशहूर हुए थे। कभी कभी भजन लाल के साथ रहने वाले आत्मा सिंह गिल अपने संसदीय कार्यकाल में पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के करीबी रहे। इसी के चलते 2005 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने आत्मा सिंह गिल के बेटे गुरदीप गिल को टिकट दी लेकिन वो चुनाव हार गए।
बैठे बिठाए मिली थी लोकसभा चुनाव की कांग्रेस टिकट, दो बार के सांसद सुशील इंदौरा को दी पटखनी सिरसा संसदीय क्षेत्र के पूर्व सांसद सरदार आत्मा सिंह गिल का सांसद बनने का सफर भी बहुत अनोखा रहा। 2004 में कांग्रेस पार्टी की लहर चल रही थी और प्रदेशाध्यक्ष भजन लाल के नेतृत्व में कांग्रेस की जीत पक्की मानी जा रही थी। लेकिन इसके बावजूद भजन लाल को सिरसा सीट से कोई उम्मीदवार फिट नहीं बैठ रहा था। सिरसा इनेलो का गढ़ माना जाता था, इसलिए इस सीट के लिए पूर्व सीएम भजन लाल ने जब सारे समीकरण बनाए तो टिकट आत्मा सिंह गिल के खाते में गई।
साल 2004 में केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनी और सरदार मनमोहन सिंह देश के प्रधानमंत्री बने तो हरियाणा के कांग्रेसी सांसदों के साथ परिचय के दौरान उन्होंने पूछा था कि सिरसा से किसने जीत हासिल की है। इस पर जब सरदार आत्मा सिंह गिल आगे आए तो तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने उनकी पीठ थपथपाते हुए कहा कि उन्होंने इनेलो को उसके गढ़ में हराया है, ये जीत वाकई जबरदस्त है।
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इन नेताओं ने जताया शोक
पूर्व सांसद आत्मा सिंह गिल के निधन पर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष व पूर्व सांसद अशोक तंवर, पूर्व संसदीय सचिव दुडाराम, इनेलो विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया, पूर्व सीपीएस प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा और भाजपा जिलाध्यक्ष वेद फुलां आदि ने शोक जताया है।
05एफटीबपी : दिवंगत पूर्व सांसद आत्मा सिंह गिल । (फाइल फोटो)
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद/रतिया ।
सिरसा लोकसभा क्षेत्र से सांसद रह चुके कांग्रेस नेता सरदार आत्मा सिंह गिल का रविवार देर शाम लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। 12 अक्तूबर 1938 को जन्में पूर्व सांसद गिल 2004 से 2009 तक सिरसा संसदीय सीट से कांग्रेस सांसद रह चुके हैं। इससे पहले वो 1987 में जनता दल की टिकट पर रतिया से विधायक भी चुने गए थे। आत्मा सिंह गिल 1987 से 1991 तक रतिया के विधायक रहे। पूर्व सांसद आत्मा सिंह गिल के कार्यकाल में कई किस्से काफी मशहूर हुए थे। कभी कभी भजन लाल के साथ रहने वाले आत्मा सिंह गिल अपने संसदीय कार्यकाल में पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के करीबी रहे। इसी के चलते 2005 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने आत्मा सिंह गिल के बेटे गुरदीप गिल को टिकट दी लेकिन वो चुनाव हार गए।
बैठे बिठाए मिली थी लोकसभा चुनाव की कांग्रेस टिकट, दो बार के सांसद सुशील इंदौरा को दी पटखनी सिरसा संसदीय क्षेत्र के पूर्व सांसद सरदार आत्मा सिंह गिल का सांसद बनने का सफर भी बहुत अनोखा रहा। 2004 में कांग्रेस पार्टी की लहर चल रही थी और प्रदेशाध्यक्ष भजन लाल के नेतृत्व में कांग्रेस की जीत पक्की मानी जा रही थी। लेकिन इसके बावजूद भजन लाल को सिरसा सीट से कोई उम्मीदवार फिट नहीं बैठ रहा था। सिरसा इनेलो का गढ़ माना जाता था, इसलिए इस सीट के लिए पूर्व सीएम भजन लाल ने जब सारे समीकरण बनाए तो टिकट आत्मा सिंह गिल के खाते में गई।
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साल 2004 में केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनी और सरदार मनमोहन सिंह देश के प्रधानमंत्री बने तो हरियाणा के कांग्रेसी सांसदों के साथ परिचय के दौरान उन्होंने पूछा था कि सिरसा से किसने जीत हासिल की है। इस पर जब सरदार आत्मा सिंह गिल आगे आए तो तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने उनकी पीठ थपथपाते हुए कहा कि उन्होंने इनेलो को उसके गढ़ में हराया है, ये जीत वाकई जबरदस्त है।
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इन नेताओं ने जताया शोक
पूर्व सांसद आत्मा सिंह गिल के निधन पर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष व पूर्व सांसद अशोक तंवर, पूर्व संसदीय सचिव दुडाराम, इनेलो विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया, पूर्व सीपीएस प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा और भाजपा जिलाध्यक्ष वेद फुलां आदि ने शोक जताया है।
05एफटीबपी : दिवंगत पूर्व सांसद आत्मा सिंह गिल । (फाइल फोटो)