{"_id":"59caa6564f1c1bd1538b49e2","slug":"51506453078-fatehabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कैकेयी ने मांगा भगवान राम के लिए वनवास, तड़प उठे राजा दशरथ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कैकेयी ने मांगा भगवान राम के लिए वनवास, तड़प उठे राजा दशरथ
Updated Wed, 27 Sep 2017 12:41 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कैकेयी ने मांगा भगवान राम के लिए वनवास, तड़प उठे राजा दशरथ
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। शहर की सबसे प्रतिष्ठित चिल्ली वाली रामलीला में राम विवाह के प्रसंग के बाद कलाकारों द्वारा बड़े ही बेहतरीन तरीके से दशरथ-कैकेयी संवाद का मंचन किया गया। इसमें राजा दशरथ द्वारा राम का राज तिलक करने के लिए गुरु वशिष्ठ और मंत्रियों से मंत्रणा करना, कैकेयी की दासी मंथरा का रानी को राम के राजतिलक के विरुद्ध भड़काना, कैकेयी का कोप भवन में जाना और राजा दशरथ से पूर्व में दिए दो वचनों की मांग करना आदि शामिल रहे।
सीता स्वयंवर के बाद अयोध्या पहुंचे राम को राजगद्दी सौंपने के लिए दशरथ आतुर थे। लेकिन, अंतिम समय पर रानी कैकेयी ने अपने पहले वचन में अपने बेटे भरत के लिए अयोध्या का राजतिलक और दूसरे वचन में राम को चौदह वर्ष का वनवास मांग लिया। इसे राजा दशरथ सहन नहीं कर पाते। वे रानी कैकेयी को समझाने का प्रयास करते हैं, लेकिन रानी अपनी बात पर अड़ी रहती हैं। इसके बाद वचनों में बंधे राजा दशरथ भरत को राजतिलक और राम को वनवास दे देते हैं। इसके बाद वे मूर्छित हो जाते हैं। राजा दशरथ होश में आने के बाद मेरे राम- मेरे राम पुकारते हैं। दशरथ का अभिनय कर रहे भाटिया ने अपना बेहतरीन रोल अदा किया। भगवान राम के किरदार में सचिन गोयल, लक्ष्मण के किरदार में संदीप सोनी का अभिनय शानदार रहा। रानी कैकेयी के किरदार में अमित गर्ग ने भी बेहतरीन संवाद बोले।
बुधवार शाम को भी श्री राम सेवा समिति की चिल्ली वाली रामलीला में कई शानदार दृश्यों का मंचन होगा। श्रीराम सेवा समिति के अध्यक्ष धर्मपाल बुढलाढिया ने बताया कि बुधवार रात को रामलीला में माता सीता हरण के अलावा सूर्पणखा की नाक काटने का दृश्य होगा। बुढलाढ़िया ने लोगों से अधिकाधिक संख्या में चिल्ली वाली रामलीला में आकर रामकथा का आनंद उठाने का आह्वान किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। शहर की सबसे प्रतिष्ठित चिल्ली वाली रामलीला में राम विवाह के प्रसंग के बाद कलाकारों द्वारा बड़े ही बेहतरीन तरीके से दशरथ-कैकेयी संवाद का मंचन किया गया। इसमें राजा दशरथ द्वारा राम का राज तिलक करने के लिए गुरु वशिष्ठ और मंत्रियों से मंत्रणा करना, कैकेयी की दासी मंथरा का रानी को राम के राजतिलक के विरुद्ध भड़काना, कैकेयी का कोप भवन में जाना और राजा दशरथ से पूर्व में दिए दो वचनों की मांग करना आदि शामिल रहे।
सीता स्वयंवर के बाद अयोध्या पहुंचे राम को राजगद्दी सौंपने के लिए दशरथ आतुर थे। लेकिन, अंतिम समय पर रानी कैकेयी ने अपने पहले वचन में अपने बेटे भरत के लिए अयोध्या का राजतिलक और दूसरे वचन में राम को चौदह वर्ष का वनवास मांग लिया। इसे राजा दशरथ सहन नहीं कर पाते। वे रानी कैकेयी को समझाने का प्रयास करते हैं, लेकिन रानी अपनी बात पर अड़ी रहती हैं। इसके बाद वचनों में बंधे राजा दशरथ भरत को राजतिलक और राम को वनवास दे देते हैं। इसके बाद वे मूर्छित हो जाते हैं। राजा दशरथ होश में आने के बाद मेरे राम- मेरे राम पुकारते हैं। दशरथ का अभिनय कर रहे भाटिया ने अपना बेहतरीन रोल अदा किया। भगवान राम के किरदार में सचिन गोयल, लक्ष्मण के किरदार में संदीप सोनी का अभिनय शानदार रहा। रानी कैकेयी के किरदार में अमित गर्ग ने भी बेहतरीन संवाद बोले।
विज्ञापन
बुधवार शाम को भी श्री राम सेवा समिति की चिल्ली वाली रामलीला में कई शानदार दृश्यों का मंचन होगा। श्रीराम सेवा समिति के अध्यक्ष धर्मपाल बुढलाढिया ने बताया कि बुधवार रात को रामलीला में माता सीता हरण के अलावा सूर्पणखा की नाक काटने का दृश्य होगा। बुढलाढ़िया ने लोगों से अधिकाधिक संख्या में चिल्ली वाली रामलीला में आकर रामकथा का आनंद उठाने का आह्वान किया।
विज्ञापन