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अब बरसाती पानी के जलभराव से मिलेगी राहत, चिल्ली झील के रास्ते रंगोई नाले में जाएगा पानी
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फतेहाबाद। फतेहाबाद में बरसाती पानी अब बर्बाद नहीं होगा। बरसात का यह पानी चिल्ली से होता हुआ, रंगोई नाले में डाला जाएगा, ताकि सिंचाई में भी इसका इस्तेमाल किया जा सके। इससे शहरवासियों को बरसाती पानी के जलभराव से भी निजात मिलेगी। यह प्रपोजल जन स्वास्थ्य विभाग और नगर परिषद ने सरकार को भेजा था और सरकार ने इसकी मंजूरी दे दी है। सरकार की ओर से प्रपोजल के लिए पैसा भी नगर परिषद के पास आ चुका है। कार्य को तेज करने के लिए नगर परिषद के बजट का रुपया जन स्वास्थ्य विभाग को ट्रांसफर कर दिया है। नगर परिषद के अध्यक्ष दर्शन नागपाल और जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता आरके शर्मा ने इसकी पुष्टि की है। अभियंता ने कहा कि शीघ्र ही टेंडर लगाकर यह काम चालू कर दिया जाएगा।
अब तक फाइलों में अटका था प्रोजेक्ट
लगभग तीन साल पहले नगर परिषद प्रशासन की डिमांड पर जन स्वास्थ्य विभाग ने सर्वे करवाकर एक प्रपोजल तैयार किया था, जिसके तहत खाल व पाइप सिस्टम के द्वारा सारा बरसाती पानी पंपिंग से रंगोई नाले में लेकर डाला जाएगा। जन स्वास्थ्य विभाग ने इसका प्रपोजल तैयार करवा अपने मुख्यालय भेजा था। जिसके बाद जन स्वास्थ्य विभाग के तकनीकी विभाग ने इसकी मंजूरी देते हुए लगभग 8 करोड़ 42 लाख रुपये की राशि का खर्च आने की बात कही। इसके बाद स्थानीय जन स्वास्थ्य विभाग ने इसकी सूचना जिला प्रशासन एवं नगर परिषद को दे दी। ये प्रोजेक्ट लगभग तीन साल पहले तैयार किया गया था, लेकिन रेगुलर फॉलोअप ना लिए जाने के कारण फाइलों में ही ये प्रोजेक्ट अटका रहा।
वर्तमान प्रधान दर्शन नागपाल ने ही इस प्रोजेक्ट को फाइलों से निकालकर एक बार फिर नगर परिषद की हाउस मीटिंग में रखा और वहां से प्रस्ताव पास करवाकर जिला प्रशासन के मार्फत स्थानीय निकाय विभाग को भिजवाया। चूंकि यह प्रोजेक्ट सीएम घोषणा के अंतगर्त था तो स्थानीय निकाय विभाग ने इसकी मंजूरी दे दी। सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए 8 करोड़ 42 लाख रुपये की राशि नगर परिषद के पास भेज दी है और नगर परिषद ने इसे जन स्वास्थ्य विभाग को ट्रांसफर कर दिया है।
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पहले नियमित बहाव था चिल्ली की ओर, पार्किंग के चलते बिगड़ी स्थिति
फतेहाबाद शहर के अंदर बरसात के पानी का सीधा बहाव चिल्ली की ओर था, लेकिन बीच में अवैध अतिक्रमण व मल्टीलेवल पार्किंग की खुदाई के समय पाइपलाइन में बाल्टी फंसने के कारण पानी का प्रवाह अवरुद्ध हो गया। हालांकि पानी का प्राकृतिक बहाव अभी भी चिल्ली की ओर ही है, लेकिन इसे चिल्ली तक जाने के लिए पर्याप्त जगह न मिलने के कारण बाजारों और सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन जाती है। इसके चलते चिल्ली के आसपास के खेतों में भी पानी भरना शुरू हो जाता है।
लगभग तीन साल पहले नगर परिषद और जिला प्रशासन को चिल्ली से रंगोई नाले तक बरसाती पानी ले जाने का प्रपोजल दिया था। यह डिपोजिट वर्क है तो नगर परिषद से 8 करोड़ 42 लाख की राशि आ चुकी है। शीघ्र ही एक प्रक्रिया के बाद टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे। एक वर्ष यह काम पूरा होने की उम्मीद है।
-आरके शर्मा, कार्यकारी अभियंता, जन स्वास्थ्य विभाग, फतेहाबाद ।
इस फाइल को मैंने ही दोबारा तैयार करवाकर हाउस से पास करवाया है। इसे जिला प्रशासन के मार्फत स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक को भेजा गया था। जहां से प्रपोजल स्वीकार होकर 8 करोड़ 42 लाख रुपये की राशि नगर परिषद के खाते में आ चुकी है और इसे जन स्वास्थ्य विभाग को ट्रांसफर कर दिया गया है।
- दर्शन नागपाल, नप अध्यक्ष, फतेहाबाद।
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अब तक फाइलों में अटका था प्रोजेक्ट
लगभग तीन साल पहले नगर परिषद प्रशासन की डिमांड पर जन स्वास्थ्य विभाग ने सर्वे करवाकर एक प्रपोजल तैयार किया था, जिसके तहत खाल व पाइप सिस्टम के द्वारा सारा बरसाती पानी पंपिंग से रंगोई नाले में लेकर डाला जाएगा। जन स्वास्थ्य विभाग ने इसका प्रपोजल तैयार करवा अपने मुख्यालय भेजा था। जिसके बाद जन स्वास्थ्य विभाग के तकनीकी विभाग ने इसकी मंजूरी देते हुए लगभग 8 करोड़ 42 लाख रुपये की राशि का खर्च आने की बात कही। इसके बाद स्थानीय जन स्वास्थ्य विभाग ने इसकी सूचना जिला प्रशासन एवं नगर परिषद को दे दी। ये प्रोजेक्ट लगभग तीन साल पहले तैयार किया गया था, लेकिन रेगुलर फॉलोअप ना लिए जाने के कारण फाइलों में ही ये प्रोजेक्ट अटका रहा।
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वर्तमान प्रधान दर्शन नागपाल ने ही इस प्रोजेक्ट को फाइलों से निकालकर एक बार फिर नगर परिषद की हाउस मीटिंग में रखा और वहां से प्रस्ताव पास करवाकर जिला प्रशासन के मार्फत स्थानीय निकाय विभाग को भिजवाया। चूंकि यह प्रोजेक्ट सीएम घोषणा के अंतगर्त था तो स्थानीय निकाय विभाग ने इसकी मंजूरी दे दी। सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए 8 करोड़ 42 लाख रुपये की राशि नगर परिषद के पास भेज दी है और नगर परिषद ने इसे जन स्वास्थ्य विभाग को ट्रांसफर कर दिया है।
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पहले नियमित बहाव था चिल्ली की ओर, पार्किंग के चलते बिगड़ी स्थिति
फतेहाबाद शहर के अंदर बरसात के पानी का सीधा बहाव चिल्ली की ओर था, लेकिन बीच में अवैध अतिक्रमण व मल्टीलेवल पार्किंग की खुदाई के समय पाइपलाइन में बाल्टी फंसने के कारण पानी का प्रवाह अवरुद्ध हो गया। हालांकि पानी का प्राकृतिक बहाव अभी भी चिल्ली की ओर ही है, लेकिन इसे चिल्ली तक जाने के लिए पर्याप्त जगह न मिलने के कारण बाजारों और सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन जाती है। इसके चलते चिल्ली के आसपास के खेतों में भी पानी भरना शुरू हो जाता है।
लगभग तीन साल पहले नगर परिषद और जिला प्रशासन को चिल्ली से रंगोई नाले तक बरसाती पानी ले जाने का प्रपोजल दिया था। यह डिपोजिट वर्क है तो नगर परिषद से 8 करोड़ 42 लाख की राशि आ चुकी है। शीघ्र ही एक प्रक्रिया के बाद टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे। एक वर्ष यह काम पूरा होने की उम्मीद है।
-आरके शर्मा, कार्यकारी अभियंता, जन स्वास्थ्य विभाग, फतेहाबाद ।
इस फाइल को मैंने ही दोबारा तैयार करवाकर हाउस से पास करवाया है। इसे जिला प्रशासन के मार्फत स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक को भेजा गया था। जहां से प्रपोजल स्वीकार होकर 8 करोड़ 42 लाख रुपये की राशि नगर परिषद के खाते में आ चुकी है और इसे जन स्वास्थ्य विभाग को ट्रांसफर कर दिया गया है।
- दर्शन नागपाल, नप अध्यक्ष, फतेहाबाद।