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रिहाइशी इलाकों में चल रहे निजी अस्पतालों पर सख्ती करने की तैयार में नगर परिषद, जारी होंगे नोटिस

Mon, 27 Nov 2017 11:02 PM IST
Updated Mon, 27 Nov 2017 11:02 PM IST
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रिहाइशी इलाकों में चल रहे निजी अस्पतालों पर सख्ती करने की तैयार में नगर परिषद, जारी होंगे नोटिस
अमर उजाला ब्यूरो
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फतेहाबाद।
रिहाइशी इलाकों में चल रहे निजी अस्पतालों पर प्रशासन अपनी नजर टेढ़ी करने वाला है। हरियाणा बिल्डिंग कोड 2017 के तहत अभी तक जिन निजी अस्पतालों ने अपना रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया है, उन्हें नगर परिषद की ओर से बहुत जल्द नोटिस देने की तैयारी की जा रही है। नोटिस के बाद अगर निजी अस्पतालों की ओर से अस्पतालों को नियमित करने का प्रोसेस शुरु नहीं किया गया तो शहर के अंदर मौजूद निजी अस्पतालों के सिर पर कार्यवाही की तलवार भी लटक सकती है। उधर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने इस संदर्भ में स्टेट आईएमए से चर्चा करने की बात कही है।
सीएमओ की अध्यक्षता वाली कमेटी को देना होगा आवेदन
हरियाणा बिल्डिंग कोड-2017 के तहत निजी अस्पतालों को अपनी बिल्डिंगों को रेगुलर करवाने के लिए एक कमेटी के समक्ष आवेदन करना होगा। इस कमेटी की अध्यक्षता सिविल सर्जन करते हैं जबकि जिला नगर योजनाकार व नगर परिषद के ईओ इस कमेटी के सदस्य होते हैं। निजी अस्पताल प्रबंधन की ओर से आवेदन आने के बाद कमेटी अस्पताल की बिल्डिंग का निरीक्षण करेगी और अपनी जांच पूरी होने के बाद ही संबंधित आवेदक अस्पताल की बिल्डिंग को रेगुलर करने का प्रमाणपत्र दिया जाएगा।
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20 बिस्तर के अस्पताल में अनिवार्य है 24 वाहनों की पार्किंग, मेडिकल वेस्ट के लिए करना होगा प्रबंध
सरकार द्वारा लागू किए गए हरियाणा बिल्डिंग कोड-2017 के तहत निजी अस्पताल को अपनी बिल्डिंग में कई तरह के प्रबंध करने होंगे। मसलन अगर अस्पताल 20 बिस्तर का है तो अस्पताल परिसर में कम से कम 24 वाहनों की पार्किंग क्षमता अवश्य होनी चाहिए। इसके अलावा मेडिकल वेस्ट के प्रबंधन का भी पूरा इंतजाम करना होगा। खुले में मेडिकल वेस्ट फैंके जाने पर अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्यवाही की जा सकती है। इसके अलावा फायर, प्रदूषण विभाग से भी एनओसी लेनी होगी। इसके बाद ही एक अस्पताल को रेगुलर किया जा सकेगा।
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शहर में पचास, जिले में दो सौ के करीब अस्पताल, एक ने भी अब तक नहीं किया आवेदन
फतेहाबाद शहर की बात की जाए तो यहां पर तकरीबन पचास के करीब अस्पताल हैं। इसके अलावा जिले भर में अस्पतालों की संख्या दो सौ से अधिक है। लेकिन एक भी अस्पताल ने अभी तक अपनी बिल्डिंग को रेगुलर करने का आवेदन नहीं किया है। इसी के कारण अब प्रशासन खुद इस मामले में कदम उठाने की तैयारी कर रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दिसंबर माह के प्रथम सप्ताह में प्रशासन की ओर से अस्पताल प्रबंधकों को नोटिस जारी किए जा सकते हैं जिसके जवाब में अस्पताल प्रबंधन को अपनी बिल्डिंग को रेगुलर करवाने पर सीधा जवाब देना होगा। ऐसा ना करने की स्थिति में कार्यवाही भी की जा सकती है।
आईएमए अध्यक्ष ने कहा, स्टेट बॉडी से करेंगे चर्चा, नियमों को बताया कठिन
इस बारे में बात करने पर आईएमए के जिलाध्यक्ष डा. मनमोहन पाहवा ने कहा कि सरकार की नई पॉलिसी के तहत आने वाले नियम काफी कठिन हैं। इन्हें एक दम से पूरा करवाना किसी भी अस्पताल के लिए संभव नहीं है। इस बारे में आईएमए की स्टेट बॉडी से चर्चा करेंगे और उसके बाद आगे की रणनीति पर विचार होगा।


रेगुलर नहीं होने वाले अस्पतालों को जल्द जारी किए जाएंगे नोटिस : ईओ
नगर परिषद फतेहाबाद के ईओ अमन ढांडा ने कहा कि अस्पताल प्रबंधकों को सरकार की पॉलिसी के अनुसार अपनी बिल्डिंग को रेगुलराइज करवाना होगा। अभी तक किसी अस्पताल ने इसको लेकर आवेदन नहीं किया है। जल्द ही अस्पताल संचालकों को नोटिस जारी किए जाएंगे।
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