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आज खुद रखेंगे अपना ध्यान, हड़ताल पर रहेंगे जिलेभर के प्राइवेट डाक्टर्स

Mon, 05 Jun 2017 07:51 PM IST
Updated Mon, 05 Jun 2017 07:51 PM IST
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आज खुद रखेंगे अपना ध्यान, हड़ताल पर रहेंगे जिलेभर के प्राइवेट डाक्टर्स
अमर उजाला ब्यूरो
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फतेहाबाद।
जिले के सभी प्राइवेट चिकित्सक मंगलवार को एक दिन की हड़ताल पर रहेंगे। इस दौरान कोई भी निजी चिकित्सक न तो मरीजों की जांच करेगा और न ही अस्पताल के अंदर दवाइयों की दुकानें और लैब खुलेंगी। आईएमए के जिला प्रधान डॉ. मनमोहन पाहवा ने इसकी पुष्टि की है। डॉ. पाहवा के मुताबिक आईएमए की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के आह्वान पर एक दिन की हड़ताल की घोषणा की गई है। 6 जून मंगलवार को दिल्ली में आईएमए की एक बड़ी रैली रखी गई है, जिसमें फतेहाबाद से भी तकरीबन 60 के करीब चिकित्सक शामिल होंगे।

आपातकालीन सेवाएं भी रहेंगी बाधित, उपचार के लिए सिविल अस्पताल ही उपाय
मंगलवार को प्राइवेट डॉक्टरों की सेवाएं पूरी तरह बंद रहेंगी। उन्होंने आपातकालीन सेवाएं भी बंद रखने का निर्णय लिया है, ऐसे में जिले के लोगों के पास महज सरकारी अस्पताल ही उपचार का एकमात्र साधन रहेंगे। हालांकि सिविल अस्पताल में भी कई सेवाएं मसलन अल्ट्रासाउंड आदि, उपलब्ध नहीं है जिसके लिए वो निजी अस्पतालों पर निर्भर रहते हैं।
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पूरी तरह से बंद रहेंगी निजी चिकित्सा सेवाएं : डॉ. पाहवा
आईएमए के अध्यक्ष डॉ. मनमोहन पाहवा ने बताया कि आईएमए के आह्वान पर जिले के सभी प्राइवेट चिकित्सक एक दिन की हड़ताल पर रहेंगे। जिले से 20 निजी चिकित्सकों का एक दल दिल्ली में होने वाली रैली में शिरकत करेगा। आपातकालीन सेवाओं को भी ठप रखने का फैसला लिया गया है। उम्मीद है कि इस हड़ताल से सरकार की नींद खुलेगी और हमारी मांगों को पूरा किया जाएगा।
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ये हैं प्राइवेट डाक्टरों की मुख्य मांगें
1. अस्पतालों में तोड़फोड़ व चिकित्सकों पर हमला करने वालों पर सख्त कानून बनाया जाए।
2. डॉक्टर्स व अस्पतालों का रजिस्ट्रेशन के लिए सिंगल विंडो सिस्टम हो, लाइसेंस का झंझट खत्म किया जाए।
3. इलाज में लापरवाही के मामलों की जांच पुलिस की बजाए सिविल सर्जन या एमसीआई की कमेटी से हो।
4. नेशनल मेडिकल कमीशन थोपने की बजाए एमसीआई में ही सुधार किया जाए।
5. केवल जेनेरिक दवाइयां लिखने की बाध्यता ना हो।
6. पीएनडीटी एक्ट की त्रुटि को आपराधिक श्रेणी से बाहर किया जाए।
7. इंटर मिनिस्ट्रियल कमेटी की सिफारिशों को छह सप्ताह में लागू किया जाए।
8. डाक्टरों को वकीलों एवं सीए की तरह ट्रैड लाइसैंस प्रक्रिया से बाहर रखा जाए।
9. अस्पतालों को डेयरियों की तर्ज पर शहर से बाहर करने का निर्णय ना थोपा जाए।


आज खुद रखेंगे अपना ध्यान, हड़ताल पर रहेंगे जिलेभर के प्राइवेट डॉक्टर्स
आईएमए के आह्वान पर एक दिन की हड़ताल आज
अस्पतालों के अंदर के मेडिकल और लैब भी रहेंगे बंद
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