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बार-बार इंटरलॉक टाइलें उखाडने पर नागरिक अधिकार मंच ने उठाए सवाल
Updated Sun, 24 Jun 2018 12:25 AM IST
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बार-बार सड़क निर्माण पर नागरिक अधिकार मंच ने उठाए सवाल
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। मुख्यमंत्री के फतेहाबाद के आगमन पर जीटी रोड पर इंटरलॉकिंग टाइल्सों को लेकर नागरिक अधिकार मंच ने कई सवाल उठाए हैं। मंच के संयोजक मोहन लाल नारंग ने कहा कि पिछले 5 सालों में जीटी रोड पर इंटरलॉकिंग का कार्य तीसरी बार हो रहा है। बार-बार सड़क उखाड़ने से दुकानदारों, छोटे कारोबारियों का काम बुरी तरह प्रभावित होता है तथा आम जनता भी परेशान होती है। यह सब स्थानीय प्रशासन का अन्य विभागों के साथ तालमेल न होने के कारण हो रहा है। बार-बार कभी सीवरेज लाइन बिछाने के नाम पर, कभी पेयजल सप्लाई लाइन डालने तो कभी टेलीफोन केबल डालने को लेकर और अब इंटरलॉकिंग टाइलों के नीचे पत्थर डालने को लेकर पहले से लगी टाइलों को उखाड़कर दोबारा से लगाया जा रहा है। ऐसे में प्रशासन की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठने लाजमी है। आखिर जनता की गाढ़ी कमाई से अलग-अलग प्रकार के टैक्सों को वसूल कर विकास कार्य करवाए जाते हैं। नारंग ने कहा कि इसी तरह भट्टू रोड पर सड़क के किनारे भी रोड़ी बिछाने का काम चल रहा है लेकिन इसमें पर्यावरण की अनदेखी करते हुए वृक्षारोपण का कहीं कोई नाम नहीं है। भट्टू रोड, बीघड़ रोड, माजरा रोड व जीटी रोड पर चंडीगढ़ व पंचकूला की तर्ज पर वृक्षारोपण किया जाना चाहिए लेकिन पर्यावरण दिवस, योग दिवस, वृक्षारोपण दिवस मात्र खबरों तक सीमित हो गए हैं। नागरिक अधिकार मंच ने मांग की है कि स्थानीय प्रशासन सम्बंधित विभागों से तालमेल कर शहर का सर्वांगीण करवाए तथा जनता के पैसों की हो रही बर्बादी को रोके और फतेहाबाद शहर को कंक्रीट का शहर बनाने की बजाय सड़कों के किनारे अधिक से अधिक वृक्षारोपण किया जाए।
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। मुख्यमंत्री के फतेहाबाद के आगमन पर जीटी रोड पर इंटरलॉकिंग टाइल्सों को लेकर नागरिक अधिकार मंच ने कई सवाल उठाए हैं। मंच के संयोजक मोहन लाल नारंग ने कहा कि पिछले 5 सालों में जीटी रोड पर इंटरलॉकिंग का कार्य तीसरी बार हो रहा है। बार-बार सड़क उखाड़ने से दुकानदारों, छोटे कारोबारियों का काम बुरी तरह प्रभावित होता है तथा आम जनता भी परेशान होती है। यह सब स्थानीय प्रशासन का अन्य विभागों के साथ तालमेल न होने के कारण हो रहा है। बार-बार कभी सीवरेज लाइन बिछाने के नाम पर, कभी पेयजल सप्लाई लाइन डालने तो कभी टेलीफोन केबल डालने को लेकर और अब इंटरलॉकिंग टाइलों के नीचे पत्थर डालने को लेकर पहले से लगी टाइलों को उखाड़कर दोबारा से लगाया जा रहा है। ऐसे में प्रशासन की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठने लाजमी है। आखिर जनता की गाढ़ी कमाई से अलग-अलग प्रकार के टैक्सों को वसूल कर विकास कार्य करवाए जाते हैं। नारंग ने कहा कि इसी तरह भट्टू रोड पर सड़क के किनारे भी रोड़ी बिछाने का काम चल रहा है लेकिन इसमें पर्यावरण की अनदेखी करते हुए वृक्षारोपण का कहीं कोई नाम नहीं है। भट्टू रोड, बीघड़ रोड, माजरा रोड व जीटी रोड पर चंडीगढ़ व पंचकूला की तर्ज पर वृक्षारोपण किया जाना चाहिए लेकिन पर्यावरण दिवस, योग दिवस, वृक्षारोपण दिवस मात्र खबरों तक सीमित हो गए हैं। नागरिक अधिकार मंच ने मांग की है कि स्थानीय प्रशासन सम्बंधित विभागों से तालमेल कर शहर का सर्वांगीण करवाए तथा जनता के पैसों की हो रही बर्बादी को रोके और फतेहाबाद शहर को कंक्रीट का शहर बनाने की बजाय सड़कों के किनारे अधिक से अधिक वृक्षारोपण किया जाए।