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किसान फसल अवशेषों का प्रबंधन करें : उपायुक्त
Updated Thu, 12 Jul 2018 12:35 AM IST
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किसान फसल अवशेषों का करें प्रबंधन : उपायुक्त
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। उपायुक्त डॉ. हरदीप सिंह ने कहा कि फसलों के अवशेष जलाने से भूमि की उपजाऊ शक्ति कमजोर होती और यह पर्यावरण के लिए भी ये हानिकारक है। किसान फसलों के अवशेष न जला कर उनका प्रबंधन करें, सरकार भी इसके लिए किसानों को प्रोत्साहित कर रही है। उपायुक्त बुधवार को पटवार भवन में कृषि विभाग के एडीओ, पटवारी और ग्राम सचिव की एक दिवसीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। उपायुक्त ने कहा कि राजस्व और कृषि विभाग के अधिकारी और कर्मचारी इस बारे में किसानों को जागरूक करें। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को कृषि यंत्रों पर सब्सिडी भी दे रही है। इसका लाभ किसान तक पहुंचाया जाए।
फसल अवशेषों के प्रबंधन के लिए सरकार द्वारा आठ प्रकार की मशीनों, जिनमें रोटावेटर, हैप्पी सीडर, जीरो टिल सीड ड्रिल, शर्ब मास्टर, रोटरी शैलर आदि को खरीदा जाएगा। इन मशीनों को खरीदने पर किसानों को 50 प्रतिशत की सब्सिडी दी जाएगी। इसके अलावा यदि आठ किसानों का समूह कस्टम हायरिंग केंद्र खेलेंगे तो उन्हें मशीनों की खरीद पर 80 प्रतिशत की छूट दी जायेगी। 1500 किसानों ने इनके लिए आवेदन किया है और वे सरकार से भी मांग करेंगे कि इस पर सब्सिडी एक वर्ष और बढ़ाएं ताकि ज्यादा से ज्यादा किसान इसका लाभ ले सकें। शिविर को कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. रणबीर सिंह, उप निदेशक डॉ. बलवंत सहारण, डीएचओ डॉ. श्रवण कुमार ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर जिला राजस्व अधिकारी बिजेंद्र भारद्वाज, डीडीपीओ अनुभव मेहता, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के जेई संजीव कुमार सहित बड़ी संख्या में पटवारी, एडीओ व ग्राम सचिव मौजूद थे।
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। उपायुक्त डॉ. हरदीप सिंह ने कहा कि फसलों के अवशेष जलाने से भूमि की उपजाऊ शक्ति कमजोर होती और यह पर्यावरण के लिए भी ये हानिकारक है। किसान फसलों के अवशेष न जला कर उनका प्रबंधन करें, सरकार भी इसके लिए किसानों को प्रोत्साहित कर रही है। उपायुक्त बुधवार को पटवार भवन में कृषि विभाग के एडीओ, पटवारी और ग्राम सचिव की एक दिवसीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। उपायुक्त ने कहा कि राजस्व और कृषि विभाग के अधिकारी और कर्मचारी इस बारे में किसानों को जागरूक करें। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को कृषि यंत्रों पर सब्सिडी भी दे रही है। इसका लाभ किसान तक पहुंचाया जाए।
फसल अवशेषों के प्रबंधन के लिए सरकार द्वारा आठ प्रकार की मशीनों, जिनमें रोटावेटर, हैप्पी सीडर, जीरो टिल सीड ड्रिल, शर्ब मास्टर, रोटरी शैलर आदि को खरीदा जाएगा। इन मशीनों को खरीदने पर किसानों को 50 प्रतिशत की सब्सिडी दी जाएगी। इसके अलावा यदि आठ किसानों का समूह कस्टम हायरिंग केंद्र खेलेंगे तो उन्हें मशीनों की खरीद पर 80 प्रतिशत की छूट दी जायेगी। 1500 किसानों ने इनके लिए आवेदन किया है और वे सरकार से भी मांग करेंगे कि इस पर सब्सिडी एक वर्ष और बढ़ाएं ताकि ज्यादा से ज्यादा किसान इसका लाभ ले सकें। शिविर को कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. रणबीर सिंह, उप निदेशक डॉ. बलवंत सहारण, डीएचओ डॉ. श्रवण कुमार ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर जिला राजस्व अधिकारी बिजेंद्र भारद्वाज, डीडीपीओ अनुभव मेहता, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के जेई संजीव कुमार सहित बड़ी संख्या में पटवारी, एडीओ व ग्राम सचिव मौजूद थे।
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