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आम बजट-2018 : फतेहाबाद को ना रेल मिली ना राहत
Updated Fri, 02 Feb 2018 12:29 AM IST
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आम बजट-2018 : फतेहाबाद को ना रेल मिली ना राहत
फतेहाबाद-अग्रोहा रेल लाइन पर एक शब्द भी ना बोले वित्तमंत्री, नौकरीपेशा लोगों का भी तोड़ा दिल
मेडिकल कालेज, आलू-प्याज की घोषणा फतेहाबाद के लिए बेमानी, प्रदेश सरकार पहले ही दे चुकी व्यवस्था
खरीफ फसलों का समर्थन मूल्य बढ़ने से किसान खुश, पशुपालकों को क्रेडिट कार्ड से होगा सवा लाख पशुपालकों को फायदा
अमित रूखाया
फतेहाबाद । केंद्र की मोदी सरकार का आखिरी पूर्ण बजट फतेहाबाद के लिए निराशाजनक ही रहा। फतेहाबाद वासियों की ना तो बहुप्रतीक्षित रेल की मांग पूरी होने की दिशा में कोई ऐलान हुआ। इनकम टैक्स की स्लैब में कोई बढ़ोतरी ना करके वित्तमंत्री ने नौकरीपेशा लोगों का भी दिल तोड़ दिया। हालांकि वरिष्ठ नागरिकों को हेल्थ इंश्योरेंस में छूट दी गई है तो साथ ही फिक्स डिपॉजिट के ब्याज पर मिलने वाली छूट को दस हजार रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये किया गया है। आम बजट 2018 के प्रमुख बिंदुओं का फतेहाबाद जिले पर कितना असर पड़ेगा। ‘अमर उजाला’ ने इसकी पड़ताल की है।
आम बजट का फतेहाबाद पर क्या होगा असर
टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं, फतेहाबाद जिले के दो लाख नौकरीपेशा लोगों को झटका
वित्तमंत्री अरूण जेटली ने तमाम संभावनाओं को धता बताते हुए आश्चर्यजनक रूप से इनकम टैक्स की स्लैब में किसी प्रकार का कोई बदलाव नहीं किया है। पहले ये संभावना जताई जा रही थी कि इनकम टैक्स की शुरुआती स्लैब को ढाई लाख से बढ़ाकर तीन लाख किया जाएगा। केंद्र सरकार के इस फैसले से जिले के दो लाख के करीब नौकरीपेशा लोगों को सीधा नुकसान होगा। फतेहाबाद जिले में सबसे अधिक सरकारी अध्यापक, बिजली, पुलिस व पंचायत और राजस्व विभाग में कर्मचारी हैं। इसके अलावा प्राइवेट संस्थानों में काम करने वाले नौकरीपेशा जो आईटी रिटर्न भरते हैं, उनको भी सरकार के इस फैसले से नुकसान हो सकता है। वैसे सरकार ने बैकडोर से महिलाओं की सैलरी से कटने वाला पीएफ को 12 से कम करके 8 फीसदी कर दिया है जिससे उनके हाथ में सैलरी पहले से अधिक आएगी। स्टैंडर्ड डिडेक्शन स्कीम से भी इस झटके को कम करने का प्रयास अवश्य किया गया है, लेकिन केंद्र सरकार इसमें कितना कामयाब होगी, ये देखना दिलचस्प होगा।
पशुपालकों को क्रेडिट कार्ड, सवा लाख पशुपालकों को फायदा
सरकार ने किसान क्रेडिट कार्ड की तर्ज पर पशुपालकों के लिए भी क्रेडिट कार्ड स्कीम शुरू करने का ऐलान किया है। पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. कांशीराम के अनुसार फतेहाबाद जिले में तकरीबन 4 लाख के करीब पालतू पशु हैं जिनमें गाय-भैंस, भेड़-बकरी, ऊंट, बैल शामिल हैं। पशुपालन विभाग के आंकड़ों के अनुसार फतेहाबाद जिले में कुल सवा लाख से लेकर डेढ़ लाख तक पशु पालक हैं। इन सभी को क्रेडिट कार्ड की सुविधा उपलब्ध होगी। ये माना जा रहा है कि अगले वित्त वर्ष की शुरूआत में इसकी कार्य योजना विभाग के पास पहुंच जाएगी।
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आलू-प्याज के लिए केंद्र सरकार के पांच सौ करोड़, फतेहाबाद पहले ही भावांतर योजना में
वित्तमंत्री अरूण जेटली ने आलू-प्याज के भावों में उतार-चढ़ाव रोकने के लिए पांच सौ करोड़ का प्रावधान किया है। लेकिन फतेहाबाद के किसानों को इससे बहुत ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा। प्रदेश सरकार की हालिया लांच भावांतर योजना के तहत पहले फतेहाबाद के किसानों को आलू-प्याज के साथ साथ गोभी और टमाटर के रेटों में उतार-चढ़ाव को भी सुरक्षित कर दिया गया है। फतेहाबाद जिले में डेढ़ हजार एकड़ में प्याज व बारह सौ एकड़ में आलू की पैदावार होती है। बागवानी विभाग के उपनिदेशक डॉ. श्रवण कुमार के मुताबिक फतेहाबाद में प्रति एकड़ प्याज की पैदावार अमूमन सौ क्विंटल एवं आलू की पैदावार 120 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।
तीन संसदीय क्षेत्रों पर एक मेडिकल कालेज का ऐलान, फतेहाबाद में पहले ही हो चुकी घोषणा
आम बजट में वित्तमंत्री अरूण जेटली ने ऐलान किया है कि तीन संसदीय क्षेत्रों में एक मेडिकल कालेज की स्थापना की जाएगी। प्रदेश की बीजेपी सरकार इससे पहले ही ये ऐलान कर चुकी है कि प्रत्येक जिले में एक मेडिकल कालेज होगा। फतेहाबाद में नागरिक अस्पताल की नई बिल्डिंग के साथ ही मेडिकल कालेज बनाए जाने की चर्चाएं पहले से चल रही हैं। फिलहाल सिरसा-हिसार और भिवानी संसदीय क्षेत्र में एकमात्र अग्रोहा मेडिकल कालेज स्थापित है।
चारों सरकारी जनरल इंश्योरेंस कंपनियों को मर्ज करने पर खुश स्थानीय कर्मचारी
केंद्र सरकार द्वारा बजट में चारों सरकारी जनरल इंश्योरेंस कंपनियों को आपस में मर्ज करके एक कंपनी बनाने का ऐलान किया गया है। नेशनल इंश्योरेंस, ओरियंटल इंश्योरेंस, जनरल इंश्योरेंस कंपनी के स्थानीय कर्मचारी इस ऐलान से खुश बताए गए हैं। हालांकि स्थानीय कर्मचारी खुलकर कुछ भी बोलने से झिझकते रहे लेकिन दबी जुबान में उन्होंने ये जरूर माना कि इससे कर्मचारियों को फायदा होगा। कर्मचारियों की मानें तो सरकार के इस निर्णय से कर्मचारियों की जॉब सिक्योरिटी और बेहतर होगी।
फतेहाबाद-अग्रोहा रेललाइन पर कोई घोषणा नहीं, फिलहाल भट्टू स्टेशन बेहतर विकल्प
इस बार बजट में फतेहाबाद की बहुप्रतीक्षित अग्रोहा-फतेहाबाद रेल मार्ग से संबंधित कोई घोषणा नहीं की गई है। हालांकि दो साल पहले इस रूट पर सर्वे के लिए जरूर राशि जारी की गई थी। ऐसे में फिलहाल फतेहाबाद वासियों के लिए बेहतर विकल्प निकटतम भट्टू स्टेशन ही हो सकता है। अगर फतेहाबाद प्रशासन ट्रेनों के समयानुसार रोडवेज बसों व स्टेशन पर पेड पार्किंग की व्यवस्था शुरू कर दे तो भट्टू स्टेशन भी फतेहाबाद वासियों के लिए काफी फायदेमंद हो सकता है।
उज्जवला योजना का बढ़ा लक्ष्य, फतेहाबाद में अभी तक साढ़े 16 हजार कनेक्शन वितरित
मोदी सरकार के आखिरी पूर्ण बजट में महत्वकांक्षी उज्जवला गैस योजना के तहत महिलाओं को दिए जाने वाले गैस कनेक्शनों का लक्ष्य पांच करोड़ से बढ़ाकर 8 करोड़ कर दिया गया है। ऐसा होने पर फतेहाबाद जिले की अधिक महिलाओं को चूल्हे से निजात मिलने की संभावना बनी है। फिलहाल तक फतेहाबाद जिले में 16 हजार 560 महिलाओं को उज्जवला स्कीम के तहत गैस कनेक्शन दिए जा चुके हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि बजट में लक्ष्य बढ़ने के बाद फतेहाबाद जिले में भी ये आंकड़ा अगले साल तक 22 हजार महिलाओं तक पहुंच सकता है।
खरीफ फसलों पर लागत पर न्यूनतम समर्थन मूल्य डेढ़ गुणा बढ़ेगा, फतेहाबाद में धान-कपास उत्पादकों को फायदा
केंद्र सरकार के बजट में खरीफ की फसल पर लागत पर डेढ़ गुणा अधिक न्यूनतम समर्थन मूल्य दिए जाने का ऐलान किया गया है। अगर ऐसा होता है तो फतेहाबाद में धान और नरमा-कपास उत्पादक किसानों को फायदा होगा। फतेहाबाद जिले में धान का रकबा तकरीबन 90 हजार हेक्टेयर के करीब है जबकि नरमा-कपास का रकबा 70 हजार हेक्टेयर के करीब है। इस बार वैसे भी धान और नरमा उत्पादक किसानों को फतेहाबाद में अपनी फसलों के अच्छे दाम मिले हैं। न्यूनतम समर्थन मूल्य डेढ़ गुणा बढने से किसानों को फायदा होना तय है लेकिन अभी तक ये साफ नहीं है कि खरीफ की फसल का लागत मूल्य की गणना कैसे होगी।
हेल्थ और एजुकेशन सेस तीन की बजाय हुआ 4 फीसदी, बढ़कर आएगा बिल
अभी तक प्रत्येक पक्के बिल पर स्वास्थ्य और शिक्षा सेस तीन फीसदी लगता था। केंद्र सरकार ने मौजूदा बजट में सेस में एक फीसदी की बढ़ोतरी कर दी है। इसके साथ ही अब आपके हर बिल में सेस के नाम की बढ़ोतरी होगी। मसलन एक शोरूम से आप सौ रुपये का सामान खरीदते थे तो आपको सेस मिलाकर 103 रुपये भुगतान करना पड़ता था, वही भुगतान अब 104 रुपये का होगा।
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फतेहाबाद-अग्रोहा रेल लाइन पर एक शब्द भी ना बोले वित्तमंत्री, नौकरीपेशा लोगों का भी तोड़ा दिल
मेडिकल कालेज, आलू-प्याज की घोषणा फतेहाबाद के लिए बेमानी, प्रदेश सरकार पहले ही दे चुकी व्यवस्था
खरीफ फसलों का समर्थन मूल्य बढ़ने से किसान खुश, पशुपालकों को क्रेडिट कार्ड से होगा सवा लाख पशुपालकों को फायदा
अमित रूखाया
फतेहाबाद । केंद्र की मोदी सरकार का आखिरी पूर्ण बजट फतेहाबाद के लिए निराशाजनक ही रहा। फतेहाबाद वासियों की ना तो बहुप्रतीक्षित रेल की मांग पूरी होने की दिशा में कोई ऐलान हुआ। इनकम टैक्स की स्लैब में कोई बढ़ोतरी ना करके वित्तमंत्री ने नौकरीपेशा लोगों का भी दिल तोड़ दिया। हालांकि वरिष्ठ नागरिकों को हेल्थ इंश्योरेंस में छूट दी गई है तो साथ ही फिक्स डिपॉजिट के ब्याज पर मिलने वाली छूट को दस हजार रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये किया गया है। आम बजट 2018 के प्रमुख बिंदुओं का फतेहाबाद जिले पर कितना असर पड़ेगा। ‘अमर उजाला’ ने इसकी पड़ताल की है।
आम बजट का फतेहाबाद पर क्या होगा असर
टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं, फतेहाबाद जिले के दो लाख नौकरीपेशा लोगों को झटका
वित्तमंत्री अरूण जेटली ने तमाम संभावनाओं को धता बताते हुए आश्चर्यजनक रूप से इनकम टैक्स की स्लैब में किसी प्रकार का कोई बदलाव नहीं किया है। पहले ये संभावना जताई जा रही थी कि इनकम टैक्स की शुरुआती स्लैब को ढाई लाख से बढ़ाकर तीन लाख किया जाएगा। केंद्र सरकार के इस फैसले से जिले के दो लाख के करीब नौकरीपेशा लोगों को सीधा नुकसान होगा। फतेहाबाद जिले में सबसे अधिक सरकारी अध्यापक, बिजली, पुलिस व पंचायत और राजस्व विभाग में कर्मचारी हैं। इसके अलावा प्राइवेट संस्थानों में काम करने वाले नौकरीपेशा जो आईटी रिटर्न भरते हैं, उनको भी सरकार के इस फैसले से नुकसान हो सकता है। वैसे सरकार ने बैकडोर से महिलाओं की सैलरी से कटने वाला पीएफ को 12 से कम करके 8 फीसदी कर दिया है जिससे उनके हाथ में सैलरी पहले से अधिक आएगी। स्टैंडर्ड डिडेक्शन स्कीम से भी इस झटके को कम करने का प्रयास अवश्य किया गया है, लेकिन केंद्र सरकार इसमें कितना कामयाब होगी, ये देखना दिलचस्प होगा।
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पशुपालकों को क्रेडिट कार्ड, सवा लाख पशुपालकों को फायदा
सरकार ने किसान क्रेडिट कार्ड की तर्ज पर पशुपालकों के लिए भी क्रेडिट कार्ड स्कीम शुरू करने का ऐलान किया है। पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. कांशीराम के अनुसार फतेहाबाद जिले में तकरीबन 4 लाख के करीब पालतू पशु हैं जिनमें गाय-भैंस, भेड़-बकरी, ऊंट, बैल शामिल हैं। पशुपालन विभाग के आंकड़ों के अनुसार फतेहाबाद जिले में कुल सवा लाख से लेकर डेढ़ लाख तक पशु पालक हैं। इन सभी को क्रेडिट कार्ड की सुविधा उपलब्ध होगी। ये माना जा रहा है कि अगले वित्त वर्ष की शुरूआत में इसकी कार्य योजना विभाग के पास पहुंच जाएगी।
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आलू-प्याज के लिए केंद्र सरकार के पांच सौ करोड़, फतेहाबाद पहले ही भावांतर योजना में
वित्तमंत्री अरूण जेटली ने आलू-प्याज के भावों में उतार-चढ़ाव रोकने के लिए पांच सौ करोड़ का प्रावधान किया है। लेकिन फतेहाबाद के किसानों को इससे बहुत ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा। प्रदेश सरकार की हालिया लांच भावांतर योजना के तहत पहले फतेहाबाद के किसानों को आलू-प्याज के साथ साथ गोभी और टमाटर के रेटों में उतार-चढ़ाव को भी सुरक्षित कर दिया गया है। फतेहाबाद जिले में डेढ़ हजार एकड़ में प्याज व बारह सौ एकड़ में आलू की पैदावार होती है। बागवानी विभाग के उपनिदेशक डॉ. श्रवण कुमार के मुताबिक फतेहाबाद में प्रति एकड़ प्याज की पैदावार अमूमन सौ क्विंटल एवं आलू की पैदावार 120 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।
तीन संसदीय क्षेत्रों पर एक मेडिकल कालेज का ऐलान, फतेहाबाद में पहले ही हो चुकी घोषणा
आम बजट में वित्तमंत्री अरूण जेटली ने ऐलान किया है कि तीन संसदीय क्षेत्रों में एक मेडिकल कालेज की स्थापना की जाएगी। प्रदेश की बीजेपी सरकार इससे पहले ही ये ऐलान कर चुकी है कि प्रत्येक जिले में एक मेडिकल कालेज होगा। फतेहाबाद में नागरिक अस्पताल की नई बिल्डिंग के साथ ही मेडिकल कालेज बनाए जाने की चर्चाएं पहले से चल रही हैं। फिलहाल सिरसा-हिसार और भिवानी संसदीय क्षेत्र में एकमात्र अग्रोहा मेडिकल कालेज स्थापित है।
चारों सरकारी जनरल इंश्योरेंस कंपनियों को मर्ज करने पर खुश स्थानीय कर्मचारी
केंद्र सरकार द्वारा बजट में चारों सरकारी जनरल इंश्योरेंस कंपनियों को आपस में मर्ज करके एक कंपनी बनाने का ऐलान किया गया है। नेशनल इंश्योरेंस, ओरियंटल इंश्योरेंस, जनरल इंश्योरेंस कंपनी के स्थानीय कर्मचारी इस ऐलान से खुश बताए गए हैं। हालांकि स्थानीय कर्मचारी खुलकर कुछ भी बोलने से झिझकते रहे लेकिन दबी जुबान में उन्होंने ये जरूर माना कि इससे कर्मचारियों को फायदा होगा। कर्मचारियों की मानें तो सरकार के इस निर्णय से कर्मचारियों की जॉब सिक्योरिटी और बेहतर होगी।
फतेहाबाद-अग्रोहा रेललाइन पर कोई घोषणा नहीं, फिलहाल भट्टू स्टेशन बेहतर विकल्प
इस बार बजट में फतेहाबाद की बहुप्रतीक्षित अग्रोहा-फतेहाबाद रेल मार्ग से संबंधित कोई घोषणा नहीं की गई है। हालांकि दो साल पहले इस रूट पर सर्वे के लिए जरूर राशि जारी की गई थी। ऐसे में फिलहाल फतेहाबाद वासियों के लिए बेहतर विकल्प निकटतम भट्टू स्टेशन ही हो सकता है। अगर फतेहाबाद प्रशासन ट्रेनों के समयानुसार रोडवेज बसों व स्टेशन पर पेड पार्किंग की व्यवस्था शुरू कर दे तो भट्टू स्टेशन भी फतेहाबाद वासियों के लिए काफी फायदेमंद हो सकता है।
उज्जवला योजना का बढ़ा लक्ष्य, फतेहाबाद में अभी तक साढ़े 16 हजार कनेक्शन वितरित
मोदी सरकार के आखिरी पूर्ण बजट में महत्वकांक्षी उज्जवला गैस योजना के तहत महिलाओं को दिए जाने वाले गैस कनेक्शनों का लक्ष्य पांच करोड़ से बढ़ाकर 8 करोड़ कर दिया गया है। ऐसा होने पर फतेहाबाद जिले की अधिक महिलाओं को चूल्हे से निजात मिलने की संभावना बनी है। फिलहाल तक फतेहाबाद जिले में 16 हजार 560 महिलाओं को उज्जवला स्कीम के तहत गैस कनेक्शन दिए जा चुके हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि बजट में लक्ष्य बढ़ने के बाद फतेहाबाद जिले में भी ये आंकड़ा अगले साल तक 22 हजार महिलाओं तक पहुंच सकता है।
खरीफ फसलों पर लागत पर न्यूनतम समर्थन मूल्य डेढ़ गुणा बढ़ेगा, फतेहाबाद में धान-कपास उत्पादकों को फायदा
केंद्र सरकार के बजट में खरीफ की फसल पर लागत पर डेढ़ गुणा अधिक न्यूनतम समर्थन मूल्य दिए जाने का ऐलान किया गया है। अगर ऐसा होता है तो फतेहाबाद में धान और नरमा-कपास उत्पादक किसानों को फायदा होगा। फतेहाबाद जिले में धान का रकबा तकरीबन 90 हजार हेक्टेयर के करीब है जबकि नरमा-कपास का रकबा 70 हजार हेक्टेयर के करीब है। इस बार वैसे भी धान और नरमा उत्पादक किसानों को फतेहाबाद में अपनी फसलों के अच्छे दाम मिले हैं। न्यूनतम समर्थन मूल्य डेढ़ गुणा बढने से किसानों को फायदा होना तय है लेकिन अभी तक ये साफ नहीं है कि खरीफ की फसल का लागत मूल्य की गणना कैसे होगी।
हेल्थ और एजुकेशन सेस तीन की बजाय हुआ 4 फीसदी, बढ़कर आएगा बिल
अभी तक प्रत्येक पक्के बिल पर स्वास्थ्य और शिक्षा सेस तीन फीसदी लगता था। केंद्र सरकार ने मौजूदा बजट में सेस में एक फीसदी की बढ़ोतरी कर दी है। इसके साथ ही अब आपके हर बिल में सेस के नाम की बढ़ोतरी होगी। मसलन एक शोरूम से आप सौ रुपये का सामान खरीदते थे तो आपको सेस मिलाकर 103 रुपये भुगतान करना पड़ता था, वही भुगतान अब 104 रुपये का होगा।