{"_id":"59ff686d4f1c1b59678b9cfe","slug":"111509910637-fatehabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ठापठक में डेढ़ साल से उद्घाटन के इंतजार की बाट जोह रहा 10 करोड़ का पॉलीटेक्रिक भवन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ठापठक में डेढ़ साल से उद्घाटन के इंतजार की बाट जोह रहा 10 करोड़ का पॉलीटेक्रिक भवन
Updated Mon, 06 Nov 2017 01:07 AM IST
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डेढ़ साल से उद्घाटन की बाट जोह रहा पॉलिटेक्निकभवन
अमर उजाला ब्यूरो
टोहाना।
गांव जमालपुर शेखा में करीब 10 करोड़ रुपए की लागत से तैयार सरदार हरपाल सिंह पॉलिटेक्निक कॉलेज का नवनिर्मित भवन पिछले डेढ़ साल से उद्घाटन के इंतजार में धूल फांक रहा है। सरकार अभी तक ये तय नहीं कर पाई है कि इस भवन में पोलटेक्रिक कालेज ही खोला जाएगा या आईजी कालेज की बीएससी की कक्षाओं के लिए ये भवन आईजी कालेज को सुपुर्द कर दिया जाएगा। इसके चलते गांव के ग्रामीण पहले भी लगातार 15 दिन तक धरना-प्रदर्शन कर चुके हैं। ऐसे में किसी भी विवाद से बचने के लिए अभी तक इसपर कोई अंतिम निर्णय नहीं हो सका है। ग्रामीणों का तर्क है कि पंचायत ने जमीन पोलटेक्रिक कालेज बनाने के लिए दी थी, इसलिए इस पर पॉलिटेक्निक कॉलेज ही बनाया जाना चाहिए।
8 एकड के कालेज में है 85 कमरे
इस कालेज का निर्माण टेक्निकल एजुकेशन विभाग द्वारा करवाया गया है और यह पॉलिटेक्निक कॉलेज करीब 8 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। इस भवन में करीब 85 कमरे बनाए गए हैं। इसके अलावा प्रयोगशाला अन्य जरूरतों के लिए भी कमरों का निर्माण किया गया है। कॉलेज के लिए गांव की पंचायत ने टोहाना फतेहाबाद रोड पर बिजलीघर के पीछे जमीन उपलब्ध करवाई थी। इस भवन के निर्माण आदि का कार्य पीडब्ल्यूडी बीएंडआर की देखरेख में करवाया गया है तथा इस भवन पर करीब 10 करोड़ रुपये खर्च आए हैं। एनसीसी कंस्ट्रक्शन कंपनी की माने तो उन्होने इसे निर्धारित समय फरवरी 2016 में तैयार कर दिया था।
आईजी कालेज को शिफ्ट करने का लिया था फैसला, ग्रामीणों के विरोध के चलते ठंडे बस्ते में गया मसला
पोलटेक्रिक कालेज में छात्रों की घटती रूचि के चलते प्रशासन ने निर्णय लिया था कि जमालपुर गांव में बने इस भवन में इंदिरा गांधी कालेज को स्थानांतरित कर दिया जाए। लेकिन प्रशासन के इस फैसले का चौतरफा विरोध शुरु हो गया। जमालपुर के ग्रामीणों ने तो बकायदा 15 दिन तक लगातार धरना-प्रदर्शन भी किया था। इसके अलावा कालेज भवन को शहर से दूर ले जाने की संभावनाओं पर छात्राओं ने भी काफी विरोध किया था। इसके चलते फिलहाल आईजी कालेज की पुरानी बिल्डिंग में ही साइंस की कक्षाएं लगाई जा रही हैं।
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विधायक बोले, कांग्रेस के लोगों ने लगाया अडंगा
इस बारे में बात करने पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष एवं टोहाना के विधायक सुभाष बराला ने कहा कि बीजेपी सरकार ने पॉलिटेक्निक कालेज का भवन तैयार कर दिया था। इसमें काफी कमरे हैं और दूसरी ओर आईजी कालेज में जगह की कमी के कारण हम चाहते थे कि साईंस की कक्षाएं पॉलिटेक्निक के साथ इसी भवन में लगा दी जाएं लेकिन कांग्रेस के लोगों ने विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ करते हुए इसमें अड़ंगा लगवा दिया।
पूर्व मंत्री ने बीजेपी सरकार के सिर फोड़ा सारा ठीकरा
इस बारे में बात करने पर पूर्व मंत्री परमवीर सिंह ने कहा कि सरकार ने तुगलकी फरमान सुनाते हुए कालेज को पंचायत की जमीन देने का फैसला किया तो ग्रामीणों ने कोर्ट में केस कर दिया। सरकार जानबूझकर बच्चों का भविष्य विवाद में घसीट रही है। सरकार अगर गंभीर होती तो कालेज की मौजूदा बिल्डिंग में ही ऊपर की ओर कमरे बनाए जा सकते थे।
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अमर उजाला ब्यूरो
टोहाना।
गांव जमालपुर शेखा में करीब 10 करोड़ रुपए की लागत से तैयार सरदार हरपाल सिंह पॉलिटेक्निक कॉलेज का नवनिर्मित भवन पिछले डेढ़ साल से उद्घाटन के इंतजार में धूल फांक रहा है। सरकार अभी तक ये तय नहीं कर पाई है कि इस भवन में पोलटेक्रिक कालेज ही खोला जाएगा या आईजी कालेज की बीएससी की कक्षाओं के लिए ये भवन आईजी कालेज को सुपुर्द कर दिया जाएगा। इसके चलते गांव के ग्रामीण पहले भी लगातार 15 दिन तक धरना-प्रदर्शन कर चुके हैं। ऐसे में किसी भी विवाद से बचने के लिए अभी तक इसपर कोई अंतिम निर्णय नहीं हो सका है। ग्रामीणों का तर्क है कि पंचायत ने जमीन पोलटेक्रिक कालेज बनाने के लिए दी थी, इसलिए इस पर पॉलिटेक्निक कॉलेज ही बनाया जाना चाहिए।
8 एकड के कालेज में है 85 कमरे
इस कालेज का निर्माण टेक्निकल एजुकेशन विभाग द्वारा करवाया गया है और यह पॉलिटेक्निक कॉलेज करीब 8 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। इस भवन में करीब 85 कमरे बनाए गए हैं। इसके अलावा प्रयोगशाला अन्य जरूरतों के लिए भी कमरों का निर्माण किया गया है। कॉलेज के लिए गांव की पंचायत ने टोहाना फतेहाबाद रोड पर बिजलीघर के पीछे जमीन उपलब्ध करवाई थी। इस भवन के निर्माण आदि का कार्य पीडब्ल्यूडी बीएंडआर की देखरेख में करवाया गया है तथा इस भवन पर करीब 10 करोड़ रुपये खर्च आए हैं। एनसीसी कंस्ट्रक्शन कंपनी की माने तो उन्होने इसे निर्धारित समय फरवरी 2016 में तैयार कर दिया था।
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आईजी कालेज को शिफ्ट करने का लिया था फैसला, ग्रामीणों के विरोध के चलते ठंडे बस्ते में गया मसला
पोलटेक्रिक कालेज में छात्रों की घटती रूचि के चलते प्रशासन ने निर्णय लिया था कि जमालपुर गांव में बने इस भवन में इंदिरा गांधी कालेज को स्थानांतरित कर दिया जाए। लेकिन प्रशासन के इस फैसले का चौतरफा विरोध शुरु हो गया। जमालपुर के ग्रामीणों ने तो बकायदा 15 दिन तक लगातार धरना-प्रदर्शन भी किया था। इसके अलावा कालेज भवन को शहर से दूर ले जाने की संभावनाओं पर छात्राओं ने भी काफी विरोध किया था। इसके चलते फिलहाल आईजी कालेज की पुरानी बिल्डिंग में ही साइंस की कक्षाएं लगाई जा रही हैं।
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विधायक बोले, कांग्रेस के लोगों ने लगाया अडंगा
इस बारे में बात करने पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष एवं टोहाना के विधायक सुभाष बराला ने कहा कि बीजेपी सरकार ने पॉलिटेक्निक कालेज का भवन तैयार कर दिया था। इसमें काफी कमरे हैं और दूसरी ओर आईजी कालेज में जगह की कमी के कारण हम चाहते थे कि साईंस की कक्षाएं पॉलिटेक्निक के साथ इसी भवन में लगा दी जाएं लेकिन कांग्रेस के लोगों ने विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ करते हुए इसमें अड़ंगा लगवा दिया।
पूर्व मंत्री ने बीजेपी सरकार के सिर फोड़ा सारा ठीकरा
इस बारे में बात करने पर पूर्व मंत्री परमवीर सिंह ने कहा कि सरकार ने तुगलकी फरमान सुनाते हुए कालेज को पंचायत की जमीन देने का फैसला किया तो ग्रामीणों ने कोर्ट में केस कर दिया। सरकार जानबूझकर बच्चों का भविष्य विवाद में घसीट रही है। सरकार अगर गंभीर होती तो कालेज की मौजूदा बिल्डिंग में ही ऊपर की ओर कमरे बनाए जा सकते थे।