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आजादी के 70 साल बाद भी मजदूरों के हालात दयनीय : जगतार
Updated Thu, 27 Jul 2017 12:40 AM IST
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आजादी के 70 साल बाद भी मजदूरों के हालात दयनीय : जगतार
फतेहाबाद।
आजादी के 70 वर्ष बाद भी मजदूरों के हालात दयनीय बने हुए हैं। मजदूर यूनियनों के दबाव में मनरेगा कानून बना लेकिन शासन-प्रशासन मनरेगा कानून को सही ढंग से लागू नहीं कर रहा है जिसके कारण मजदूरों के परिवारों, बच्चों का पालन पोषण नहीं हो रहा है इसलिए मजदूरों को एकजुट होकर संघर्ष करने की जरूरत है। यह बात सीटू जिला प्रधान जगतार सिंह ने जत्था अभियान के तहत फतेहाबाद के गांव भिरड़ाना, भूथनकलां, झलनियां, माजरा, काताखेड़ी, रजाबाद, रामपुरा, ढाणी टाहलीवाली, बरसीन में मजदूरों को संबोधित करते हुए कही। जत्थे में सीटू जिला उपप्रधान रमेश जाण्डली, सचिव ओमप्रकाश अनेजा, मनरेगा यूनियन नेता वीर सिंह, सुनीता झलनियां, पिंकी भिरड़ाना सहित सीटू के अनेक नेता शामिल थे।
सीटू जिला प्रधान जगतार सिंह ने कहा कि आज देश, प्रदेश में मजदूरों के पास जिंदा रहने के लिए मनरेगा ही एक साधन है। उन्होंने मांग की कि मनरेगा को कृषि से जोड़ा जाए। वर्ष में 100 दिन पूरा काम दिया जाए। इसके अलावा उन्होंने मनरेगा मजदूरों को 600 रुपये दिहाड़ी, मनरेगा केे काम के लिए औजार सरकारी खर्चे पर उपलब्ध करवाने, किए गए काम के पैसे 14 दिनों में देना सुनिश्चित करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार श्रम कानूनों को बदलकर इन्हें पूंजीपतियों और कम्पनियों के पक्ष में बना रही है। इसके कारण मजदूरों के पास यूनियन बनाने के अधिकार पर कुठाराघात हो रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में धरने-प्रदर्शन करना मौलिक अधिकार है परंतु भाजपा सरकार आंगनबाड़ी वर्करों, हेल्परों के धरने पर रोक लगाकर उनके लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला कर रही है जिसको किसी कीमत पर सहन नहीं किया जा सकता। उन्होंने आह्वान किया कि आशा, मिड डे मील वर्करों सहित तमाम परियोजना कर्मियों को पक्के रोजगार के लिए संघर्ष को तेज करना होगा। इसी कड़ी में 31 जुलाई को प्रात: 11 बजे फतेहाबाद में प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने मजदूरों, किसानों व परियोजना कर्मियों से इस प्रदर्शन में बढ़चढ़ कर भाग लेने का आह्वान किया।
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फतेहाबाद।
आजादी के 70 वर्ष बाद भी मजदूरों के हालात दयनीय बने हुए हैं। मजदूर यूनियनों के दबाव में मनरेगा कानून बना लेकिन शासन-प्रशासन मनरेगा कानून को सही ढंग से लागू नहीं कर रहा है जिसके कारण मजदूरों के परिवारों, बच्चों का पालन पोषण नहीं हो रहा है इसलिए मजदूरों को एकजुट होकर संघर्ष करने की जरूरत है। यह बात सीटू जिला प्रधान जगतार सिंह ने जत्था अभियान के तहत फतेहाबाद के गांव भिरड़ाना, भूथनकलां, झलनियां, माजरा, काताखेड़ी, रजाबाद, रामपुरा, ढाणी टाहलीवाली, बरसीन में मजदूरों को संबोधित करते हुए कही। जत्थे में सीटू जिला उपप्रधान रमेश जाण्डली, सचिव ओमप्रकाश अनेजा, मनरेगा यूनियन नेता वीर सिंह, सुनीता झलनियां, पिंकी भिरड़ाना सहित सीटू के अनेक नेता शामिल थे।
सीटू जिला प्रधान जगतार सिंह ने कहा कि आज देश, प्रदेश में मजदूरों के पास जिंदा रहने के लिए मनरेगा ही एक साधन है। उन्होंने मांग की कि मनरेगा को कृषि से जोड़ा जाए। वर्ष में 100 दिन पूरा काम दिया जाए। इसके अलावा उन्होंने मनरेगा मजदूरों को 600 रुपये दिहाड़ी, मनरेगा केे काम के लिए औजार सरकारी खर्चे पर उपलब्ध करवाने, किए गए काम के पैसे 14 दिनों में देना सुनिश्चित करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार श्रम कानूनों को बदलकर इन्हें पूंजीपतियों और कम्पनियों के पक्ष में बना रही है। इसके कारण मजदूरों के पास यूनियन बनाने के अधिकार पर कुठाराघात हो रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में धरने-प्रदर्शन करना मौलिक अधिकार है परंतु भाजपा सरकार आंगनबाड़ी वर्करों, हेल्परों के धरने पर रोक लगाकर उनके लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला कर रही है जिसको किसी कीमत पर सहन नहीं किया जा सकता। उन्होंने आह्वान किया कि आशा, मिड डे मील वर्करों सहित तमाम परियोजना कर्मियों को पक्के रोजगार के लिए संघर्ष को तेज करना होगा। इसी कड़ी में 31 जुलाई को प्रात: 11 बजे फतेहाबाद में प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने मजदूरों, किसानों व परियोजना कर्मियों से इस प्रदर्शन में बढ़चढ़ कर भाग लेने का आह्वान किया।
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