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Charkhi Dadri News: बारिश से फसलों में हुए नुकसान का 6 चरणों में होगा सत्यापन
Thu, 11 Sep 2025 11:15 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Thu, 11 Sep 2025 11:15 PM IST
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जिले के इमलोटा गांव के खेतों में भरा पानी। संवाद
फोटे 01
जिले के इमलोटा गांव के खेत में भरा पानी। संवाद
फोटो 02
कादमा क्षेत्र में बारिश से प्रभावित बाजरा। संवाद
- जिले में मानसून सीजन में 2.23 लाख एकड़ फसल हुई है प्रभावित, पोर्टल पर पटवारी के बाद कानूनगो, गिरदावर, तहसीलदार, एसडीएम व डीसी करेंगे सत्यापन
- डीआरओ की ओर से पटवारियों को दिए गए खराब फसलों का जमीनी रिकॉर्ड जुटाने के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों में खरीफ की फसलों में हुए नुकसान का किसान की ओर से क्षतिपूर्ति पोर्टल पर अपना विवरण दर्ज करवाने के बाद छह चरणों में नुकसान का सत्यापन होगा। उसके बाद डीसी के माध्यम से नुकसान की रिपोर्ट चंडीगढ़ मुख्यालय भेजी जाएगी। इस संबंध में डीआरओ की ओर से जिले के पटवारियों को खराब फसलों के जमीनी रिकाॅर्ड जुटाने के निर्देश दे दिए गए हैं।
पटवारी पहले नुकसान की जमीन का रिकाॅर्ड तैयार करेंगे और उसके बाद खेतों में जाकर पोर्टल पर इसका सत्यापन करेंगे। उसके बाद कानूनगो व गिरदावर की ओर से सत्यापन होगा। तत्पश्चात तहसीलदार व एसडीएम सत्यापन करेंगे। आखिर में डीसी की संस्तुति के बाद नुकसान का विवरण सरकार के पास जाएगा। इस काम के लिए 52 पटवारियों की ड्यूटी लगा दी गई है। पटवारियों ने काम भी शुरू कर दिया है। आने वाले करीब 20 दिन में यह सारी प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है।
उधर, कृषि विभाग की प्रारंभिक रिपोर्ट में 2 लाख 23 हजार एकड़ में खड़ी बाजरा, ग्वार, धान, कपास व अन्य फसलों में नुकसान का आकलन है। सर्वाधिक बाजरे का नुकसान प्रभावित क्षेत्र 1,51,000 एकड़ है। बारिश से बाजरा, धान व कपास में ज्यादा नुकसान हुआ है। यही फसल क्षेत्र में ज्यादा एरिया में हैं। बारिश की वजह से बाजरे की फसल पीली होकर सूखने लगी है।
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किस फसल में बारिश व जलभराव से हुआ कितना नुकसान
फसल - 0-25 प्रतिशत - 26-50 - 51-75 - 76-100 - कुल जोड़
धान - 10,000 - 5000 - 1000 - 00 - 16,000
कपास - 00 - 18,000 - 20,000 - 2000 - 40,000
बाजरा - 50,000 - 80,000 - 18,000 - 3000 - 1,51,000
ग्वार - 2000 - 11,000 - 2000 - 00 - 15,000
मूंग - 00 - 200 - 500 - 300 - 1000
नोट : इस प्रकार 5300 एकड़ फसल ऐसी है, जिसमें 76 से 100 प्रतिशत तक नुकसान का आकलन है। 41,500 एकड़ एरिया में 51 से 75 प्रतिशत के बीच नुकसान का आकलन है। इसी प्रकार, 1,14,200 एकड़ में 26 से 51 प्रतिशत तक नुकसान का अनुमान है। सरकार आमतौर पर 50 प्रतिशत या इससे अधिक नुकसान पर ही मुआवजा देती है।
वर्जन
नुकसान हुई फसल का रिकाॅर्ड तैयार करने के लिए पटवारियों को निर्देश दे दिए गए हैं। पटवारी खेतों में जाकर नुकसान का सत्यापन करेंगे। उसके बाद कानूनगो, गिरदावर, तहसीलदार व एसडीएम सत्यापित करेंगे। अंत में डीसी की संस्तुति से नुकसान का विवरण सरकार को भेजा जाएगा।
-राजकुमार भौरिया, जिला राजस्व अधिकारी, चरखी दादरी
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जिले के इमलोटा गांव के खेत में भरा पानी। संवाद
फोटो 02
कादमा क्षेत्र में बारिश से प्रभावित बाजरा। संवाद
- जिले में मानसून सीजन में 2.23 लाख एकड़ फसल हुई है प्रभावित, पोर्टल पर पटवारी के बाद कानूनगो, गिरदावर, तहसीलदार, एसडीएम व डीसी करेंगे सत्यापन
- डीआरओ की ओर से पटवारियों को दिए गए खराब फसलों का जमीनी रिकॉर्ड जुटाने के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों में खरीफ की फसलों में हुए नुकसान का किसान की ओर से क्षतिपूर्ति पोर्टल पर अपना विवरण दर्ज करवाने के बाद छह चरणों में नुकसान का सत्यापन होगा। उसके बाद डीसी के माध्यम से नुकसान की रिपोर्ट चंडीगढ़ मुख्यालय भेजी जाएगी। इस संबंध में डीआरओ की ओर से जिले के पटवारियों को खराब फसलों के जमीनी रिकाॅर्ड जुटाने के निर्देश दे दिए गए हैं।
पटवारी पहले नुकसान की जमीन का रिकाॅर्ड तैयार करेंगे और उसके बाद खेतों में जाकर पोर्टल पर इसका सत्यापन करेंगे। उसके बाद कानूनगो व गिरदावर की ओर से सत्यापन होगा। तत्पश्चात तहसीलदार व एसडीएम सत्यापन करेंगे। आखिर में डीसी की संस्तुति के बाद नुकसान का विवरण सरकार के पास जाएगा। इस काम के लिए 52 पटवारियों की ड्यूटी लगा दी गई है। पटवारियों ने काम भी शुरू कर दिया है। आने वाले करीब 20 दिन में यह सारी प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है।
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उधर, कृषि विभाग की प्रारंभिक रिपोर्ट में 2 लाख 23 हजार एकड़ में खड़ी बाजरा, ग्वार, धान, कपास व अन्य फसलों में नुकसान का आकलन है। सर्वाधिक बाजरे का नुकसान प्रभावित क्षेत्र 1,51,000 एकड़ है। बारिश से बाजरा, धान व कपास में ज्यादा नुकसान हुआ है। यही फसल क्षेत्र में ज्यादा एरिया में हैं। बारिश की वजह से बाजरे की फसल पीली होकर सूखने लगी है।
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किस फसल में बारिश व जलभराव से हुआ कितना नुकसान
फसल - 0-25 प्रतिशत - 26-50 - 51-75 - 76-100 - कुल जोड़
धान - 10,000 - 5000 - 1000 - 00 - 16,000
कपास - 00 - 18,000 - 20,000 - 2000 - 40,000
बाजरा - 50,000 - 80,000 - 18,000 - 3000 - 1,51,000
ग्वार - 2000 - 11,000 - 2000 - 00 - 15,000
मूंग - 00 - 200 - 500 - 300 - 1000
नोट : इस प्रकार 5300 एकड़ फसल ऐसी है, जिसमें 76 से 100 प्रतिशत तक नुकसान का आकलन है। 41,500 एकड़ एरिया में 51 से 75 प्रतिशत के बीच नुकसान का आकलन है। इसी प्रकार, 1,14,200 एकड़ में 26 से 51 प्रतिशत तक नुकसान का अनुमान है। सरकार आमतौर पर 50 प्रतिशत या इससे अधिक नुकसान पर ही मुआवजा देती है।
वर्जन
नुकसान हुई फसल का रिकाॅर्ड तैयार करने के लिए पटवारियों को निर्देश दे दिए गए हैं। पटवारी खेतों में जाकर नुकसान का सत्यापन करेंगे। उसके बाद कानूनगो, गिरदावर, तहसीलदार व एसडीएम सत्यापित करेंगे। अंत में डीसी की संस्तुति से नुकसान का विवरण सरकार को भेजा जाएगा।
-राजकुमार भौरिया, जिला राजस्व अधिकारी, चरखी दादरी