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Charkhi Dadri News: कागजों में सिमटा वेयरहाउस, खेतों में बिखरे किसानों के सपने
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कस्बे के जुई रोड पर अस्थाई रूप से रखीं गेहूं की ढेरियां।
बाढड़ा। जमीन की कमी के कारण उपमंडल में अनाज भंडारण के लिए वेयर हाउस की सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाई है। मंडी में जगह की कमी बनी हुई है। गोदाम नहीं होने के कारण मंडियों से अनाज उठान कार्य धीमी गति से चल रहा है। पिछले चार साल से वेयरहाउस निर्माण की योजना कागजों तक ही सिमटी हुई है।
बेरला, कादमा, हड़ौदी में अस्थायी खरीद केंद्र बनाकर काम चलाया जा रहा है। बाढड़ा में अनाज रखने की जगह की कमी के कारण दादरी, कोहलावास व घसौला स्थित गोदामों में अनाज रखा जा रहा है। कई बार ज्यादा मात्रा में अनाज का उत्पादन होने पर खरीद एजेंसी को उसे हांसी व जींद भेजना पड़ता है।
कांग्रेस शासनकाल के समय तत्कालीन सहकारिता मंत्री सतपाल सांगवान ने वेयरहाउस निर्माण के लिए प्रयास किए थे। इसकी फाइल अधर में ही लटक गई। वर्ष 2020 में विधायक नैना चौटाला ने किसानों, खरीद एजेंसी अधिकारियों व आढ़तियों की मांग पर बाढड़ा के साथ लगते गांव में पांच लाख क्विंटल अनाज के भंडारण केंद्र के निर्माण का प्रस्ताव तैयार करवाया था। यह योजना भी केवल कागजों तक सिमट कर रह गई है। हर सीजन में अनाज का उठान समय पर न होने से न तो किसानों को समय पर भुगतान हो पा रहा है न ही समय पर खरीद कार्य हो पाता है।
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आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष हनुमान शर्मा, भाकियू के अध्यक्ष हरपाल भांडवा और महासचिव ओमप्रकाश उमरवास ने बताया कि क्षेत्र का किसान आज उपेक्षा का शिकार बना हुआ है। उपमंडल में अनाज भंडारण केंद्र न होने का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। मंडी में खरीदे गए अनाज की उठान न होने से किसान को भुगतान समय पर नहीं हो पा रहा है। दूसरे जिलों में कई-कई वेयरहाउस बने हुए हैं। दादरी जिले में तीन तो बाढड़ा क्षेत्र में एक भी भंडारण केंद्र नहीं है। अगर बाढड़ा, झोझू कलां खंड के किसी गांव में भंडारण केंद्र बन जाता है तो उठान में भी तेजी आएगी और किसान को समय पर भुगतान हो सकेगा।
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बेरला, कादमा, हड़ौदी में अस्थायी खरीद केंद्र बनाकर काम चलाया जा रहा है। बाढड़ा में अनाज रखने की जगह की कमी के कारण दादरी, कोहलावास व घसौला स्थित गोदामों में अनाज रखा जा रहा है। कई बार ज्यादा मात्रा में अनाज का उत्पादन होने पर खरीद एजेंसी को उसे हांसी व जींद भेजना पड़ता है।
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कांग्रेस शासनकाल के समय तत्कालीन सहकारिता मंत्री सतपाल सांगवान ने वेयरहाउस निर्माण के लिए प्रयास किए थे। इसकी फाइल अधर में ही लटक गई। वर्ष 2020 में विधायक नैना चौटाला ने किसानों, खरीद एजेंसी अधिकारियों व आढ़तियों की मांग पर बाढड़ा के साथ लगते गांव में पांच लाख क्विंटल अनाज के भंडारण केंद्र के निर्माण का प्रस्ताव तैयार करवाया था। यह योजना भी केवल कागजों तक सिमट कर रह गई है। हर सीजन में अनाज का उठान समय पर न होने से न तो किसानों को समय पर भुगतान हो पा रहा है न ही समय पर खरीद कार्य हो पाता है।
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आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष हनुमान शर्मा, भाकियू के अध्यक्ष हरपाल भांडवा और महासचिव ओमप्रकाश उमरवास ने बताया कि क्षेत्र का किसान आज उपेक्षा का शिकार बना हुआ है। उपमंडल में अनाज भंडारण केंद्र न होने का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। मंडी में खरीदे गए अनाज की उठान न होने से किसान को भुगतान समय पर नहीं हो पा रहा है। दूसरे जिलों में कई-कई वेयरहाउस बने हुए हैं। दादरी जिले में तीन तो बाढड़ा क्षेत्र में एक भी भंडारण केंद्र नहीं है। अगर बाढड़ा, झोझू कलां खंड के किसी गांव में भंडारण केंद्र बन जाता है तो उठान में भी तेजी आएगी और किसान को समय पर भुगतान हो सकेगा।