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इस बार नहरी टर्म पर 300 क्यूसेक कम मिलेगा पानी
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जिले की लोहारु कैनाल।
- फोटो : CharkhiDadri
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चरखी दादरी। जिला की नहरों में मेन खुबड़ू हेड से तीन नवंबर को 600 क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा। चार नवंबर तक जिले की नहरों में पानी पहुंचने की उम्मीद है और इसके बाद लोगों को स्वच्छ पेयजल मिल सकेगा। हालांकि चार माह बाद शुरू होने वाली नहरी टर्म में इस बार दादरी जिले को 300 क्यूसेक पानी कम मिलेगा। वहीं, सिंचाई और जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नहरों में पानी पहुंचते ही जलघरों और तालाबों को भरा प्राथमिकता रहेगी।
जुलाई माह से नहरों में पानी नहीं छोड़ा जा रहा है और लोगों को खरीदकर पानी पीना पड़ा है। इस समय जिला के सभी जलघरों में नहरों का साफ पानी डाले जाने की जरूरत है। अब तक खेतों से पानी की निकासी कर नहरों में डाला जा रहा था जिससे जलघरों का पानी खराब हो गया था। जिला को इस समय कम से कम 900 क्यूसेक पानी की जरूरत है तब जाकर पेयजल की आपूर्ति पर्याप्त मात्रा में संभव है। अब तक नहरों में फ्लड का पानी चल रहा था।
जिले के 172 गांवों में 58 जलघरों के जरिये पेयजल आपूर्ति की जाती है। सभी जलघर नहरों से ही भरे जाते हैं। जिले की नहरों में चार माह से बारिश का ही पानी चल रहा है। यह पानी खेतों से उठाकर नहरों में डाला गया। ऐसे में यह पानी जलघरों में डालने लायक नहीं था क्योंकि खेतों में रसायनिक खादों का इस्तेमाल होने की वजह से पानी की गुणवत्ता बेहद खराब हो गई।
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बिजाई के लिए किसानों को नहीं पानी की जरूरत
इस बार बारिश ज्यादा होने की वजह से रबी की फसलों की बिजाई के लिए भी किसानों को नहरी पानी की जरूरत नहीं है। ऐसे में नहरी पानी की इस बार चोरी भी नहीं होगी। आमतौर पर किसान नहरों पर पानी साइफन पाइप व इंजन आदि लगाकर पानी का उठान करते रहे हैं। बारिश ज्यादा होने की वजह से खेतों में नमी की मात्रा पर्याप्त होने की वजह से किसान सरसों की बिजाई बिना सिंचाई के ही कर रहे हैं।
सप्लाई के पानी की गुणवत्ता में आई गिरावट
इस समय शहर व गांवों के जलघरों में स्वच्छ पानी डाले जाने की सख्त जरूरत है। गांव घसोला, मंदोला, कलियाणा, जावा, चांगरोड़, दातोली, ढाणी फौगाट, चिड़िया, पांडवान, पालड़ी, मिसरी, बौंद कलां, अचीना, रानीला, इमलोटा, चरखी, पैंतावास, झोझू कलां, मंदोला, घिकाड़ा, सांवड़ व सांजरवास सहित तकरीबन गांवों के जलघरों में पानी की गुणवत्ता में गिरावट बनी हुई है।
अब मेन हेड से तीन नवंबर को चरखी दादरी के लिए 600 क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा। चार नवंबर देर रात तक पानी दादरी की मेन लोहारू नहर में पहुंच जाएगा। नहरों से कनेक्ट सभी जलघरों तक पानी पहुंचाना हमारी प्राथमिकता रहेगी।
ओमदत्त, एसडीओ, सिंचाई विभाग
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जुलाई माह से नहरों में पानी नहीं छोड़ा जा रहा है और लोगों को खरीदकर पानी पीना पड़ा है। इस समय जिला के सभी जलघरों में नहरों का साफ पानी डाले जाने की जरूरत है। अब तक खेतों से पानी की निकासी कर नहरों में डाला जा रहा था जिससे जलघरों का पानी खराब हो गया था। जिला को इस समय कम से कम 900 क्यूसेक पानी की जरूरत है तब जाकर पेयजल की आपूर्ति पर्याप्त मात्रा में संभव है। अब तक नहरों में फ्लड का पानी चल रहा था।
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जिले के 172 गांवों में 58 जलघरों के जरिये पेयजल आपूर्ति की जाती है। सभी जलघर नहरों से ही भरे जाते हैं। जिले की नहरों में चार माह से बारिश का ही पानी चल रहा है। यह पानी खेतों से उठाकर नहरों में डाला गया। ऐसे में यह पानी जलघरों में डालने लायक नहीं था क्योंकि खेतों में रसायनिक खादों का इस्तेमाल होने की वजह से पानी की गुणवत्ता बेहद खराब हो गई।
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बिजाई के लिए किसानों को नहीं पानी की जरूरत
इस बार बारिश ज्यादा होने की वजह से रबी की फसलों की बिजाई के लिए भी किसानों को नहरी पानी की जरूरत नहीं है। ऐसे में नहरी पानी की इस बार चोरी भी नहीं होगी। आमतौर पर किसान नहरों पर पानी साइफन पाइप व इंजन आदि लगाकर पानी का उठान करते रहे हैं। बारिश ज्यादा होने की वजह से खेतों में नमी की मात्रा पर्याप्त होने की वजह से किसान सरसों की बिजाई बिना सिंचाई के ही कर रहे हैं।
सप्लाई के पानी की गुणवत्ता में आई गिरावट
इस समय शहर व गांवों के जलघरों में स्वच्छ पानी डाले जाने की सख्त जरूरत है। गांव घसोला, मंदोला, कलियाणा, जावा, चांगरोड़, दातोली, ढाणी फौगाट, चिड़िया, पांडवान, पालड़ी, मिसरी, बौंद कलां, अचीना, रानीला, इमलोटा, चरखी, पैंतावास, झोझू कलां, मंदोला, घिकाड़ा, सांवड़ व सांजरवास सहित तकरीबन गांवों के जलघरों में पानी की गुणवत्ता में गिरावट बनी हुई है।
अब मेन हेड से तीन नवंबर को चरखी दादरी के लिए 600 क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा। चार नवंबर देर रात तक पानी दादरी की मेन लोहारू नहर में पहुंच जाएगा। नहरों से कनेक्ट सभी जलघरों तक पानी पहुंचाना हमारी प्राथमिकता रहेगी।
ओमदत्त, एसडीओ, सिंचाई विभाग