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Charkhi Dadri News: गांवों के तालाबों में पशुओं के लिए नहीं पर्याप्त पानी

Fri, 28 Mar 2025 11:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Fri, 28 Mar 2025 11:58 PM IST
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There is not enough water for animals in the ponds of the villages
चरखी दादरी/बाढड़ा। जिले में 1.98 लाख पशुओं के लिए प्रतिदिन पानी की खपत 78 लाख लीटर है। इस समय तालाबों मेंं पानी की मात्रा काफी कम है। 78 तालाबों में पानी डालने की जरूरत बनी हुई है। नहरों से जुड़े सभी जलघरों में पानी डालने की जरूरत है। ताकि, गर्मी में पानी का संकट न होने पाए।
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जो तालाब नहरों से जुड़ा हुआ है, उसमें सिंचाई विभाग पानी डलवाता है। मानसून सीजन में तालाब बारिश के पानी से स्वत: भर जाते हैं। गर्मी के मौसम में तालाबों में पानी सूख जाने पर पशुओं के लिए पानी का संकट बढ़ जाता है। जिले में 167 ग्राम पंचायतें हैं। अधिकतर तालाबों में नहरों से ही पानी डाला जाता है। गर्मी बढ़ने पर तालाबों में भी पेयजल किल्लत बढ़ जाती है।
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दरअसल, जिले की नहरों में पानी 17 मार्च से छोड़ रखा है। जिले में 1.98 लाख पशु हैं। इनके लिए प्रतिदिन पानी की खपत 75 लाख लीटर है। आने वाले दिनों में तापमान दिनोंदिन बढ़ता जाएगा। पेयजल व पशुओं के लिए पानी का संकट गहराना स्वाभाविक है। प्रत्येक गांव में एक तालाब तो जरूर मिल जाता है। बारिश के मौसम में तो तालाब पानी से भर जाते हैं जबकि गर्मियों में पानी सूख जाता है।
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ज्यादातर तालाबों में बचा पानी प्रदूषित
इस समय अधिकतर तालाबों में पानी प्रदूषित एवं कम मात्रा में है। तालाब गाद एवं काई से भी अटे पड़े हैं। इन तालाबों के जीर्णोद्धार की भी जरूरत बनी हुई है। ताकि, इनमें स्वच्छ पानी बना रहे और पशुओं के लिए पानी का संकट न बढ़ने पाए। काफी संख्या में पशुपालक तो नल व ट्यूबवेल आदि के जरिये पशुओं को पानी पिलाते हैं।
बाढड़ा क्षेत्र में तो तालाबों की ही कमी
जिले के बाढड़ा क्षेत्र में तालाबों की संख्या कम है। नहरी क्षेत्रों के तहत आने वाले गांवों में तालाब ज्यादा संख्या में हैं। इस समय तकरीबन सभी गांवों में तालाबों में पानी डाले जाने की जरूरत बनी हुई है। क्योंकि, आने वाले समय में गर्मी का प्रकोप बढ़ने पर पेयजल को लेकर हालात और भी विकट हो जाएंगे।

सरकार की है सुंदरीकरण कराने की योजना
सरकार की ओर से तालाबों के सुंदरीकरण के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। प्रत्येक जिले में 75 तालाबों का सुंदरीकरण किया जाना है। इन तालाबों के चारों ओर बांध बनाकर पौधे लगाने की भी योजना है। ताकि, आसपास का एरिया हरा-भरा बना रहे और भूमिगत जलस्तर भी संतुलित बना रहे।



तालाबों व जलघरों में पानी डाला जा रहा है। समय रहते इनमें पर्याप्त मात्रा में पानी भर दिया जाएगा। सिंचाई विभाग के कर्मचारी इस काम में जुटे हुए हैं।
-हरवीर सिंह, एसडीओ, सिंचाई विभाग
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