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बारिश के पानी की निकासी के लिए हाथोंहाथ कनेक्शन देगा विभाग
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चरखी दादरी। जिले में बारिश के पानी के निकासी के लिए बिजली निगम हाथोंहाथ कनेक्शन देगा। दूसरी ओर जनस्वास्थ्य या सिंचाई विभाग पानी निकासी के नाम पर बिजली की निशुल्क सेवा भी नहीं ले सकेंगे। इसके लिए बिजली निगम स्पेशल मीटर लगाएगा और बिल भी वसूलेगा। अब तक बिजली निगम के पास कनेक्शन के लिए 107 आवेदन आ चुके हैं और इनमें से 75 कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं। शहर में नौ स्थानों पर कनेक्शन के लिए आवदेन आ चुके हैं। इस बार जिला भर में करीब 120 प्वाइंटों पर पंप व मोटर के लिए बिजली कनेक्शन की जरूरत पड़ सकती है।
शहर व गांवों में जलभराव की समस्या को देखते हुए जनस्वास्थ्य व सिंचाई विभाग सतर्क हो गए हैं। जुलाई से संभावित मानसून को देखते हुए आवश्यक तैयारियां अंतिम चरण में हैं, ताकि जलभराव होने पर पानी की निकासी तुरंत हो सके। जिले के नहरी क्षेत्रों में जलभराव की ज्यादा दिक्कत बनी रहती है। शहर ही नहीं जिला के कई गांव भी ऐसे हैं, जिनके नजदीक से मेन नहरें गुजरती हैं, जिससे कई बार शहर में भी बाढ़ जैसे हालात बन जाते हैं। कई बार ज्यादा पानी आने से नहरें ओवरफ्लो भी हो जाती हैं।
सिंचाई व जनस्वास्थ्य जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी करने का दावा जता रहा है, लेकिन कुछ क्षेत्र ऐसे हैं जहां पानी की निकासी के प्रबंध होने के बाद भी हालात खराब हो जाते हैं। खासकर निचले भागों में जलभराव ज्यादा बनता है। शहर से तीन किलोमीटर दूर स्थित गांव चरखी में तीन दिशाओं से नहरें गुजरती हैं ऐसे में इस गांव के चारो ओर पानी भर जाता है। चव्वा की समस्या बन जाती है, जिससे पानी निकासी करना भी मुश्किल हो जाता है। जमीन का वाटर लेवल ऊपर तक आ जाता है।
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इन गांवों में रहती है जलभराव की समस्या
गांव इमलोटा के अलावा, अचीना, पांडवान, बिरही कलां, छपार, सरूपगढ़, समसपुर, जयश्री, मिसरी, बौंदकलां, सांतौर व भागवी आदि गांवों में भी जलभराव ज्यादा मात्रा में होता है। सिंचाई विभाग ने पानी की निकासी के लिए प्रबंध शुरू कर रखे हैं, लेकिन कई बार बारिश की झड़ी में बिजली की लाइनों में फॉल्ट आने पर पंप व मोटर पानी का उठान नहीं कर पाते, जिससे पानी की निकासी नहीं हो पाती। जलभराव से फसलें भी खराब हो जाती हैं।
पंप और मोटरों में नहीं आएगा बिजली व्यवधान
जिन भागों में पंप व मोटरें लगाई जारी हैं वहां बिजली की किल्लत नहीं होने पाए और पानी की निकासी लगातार होती रहे, इसके लिए बिजली कनेक्शन भी जरूरी है। इन क्षेत्रों में बिजली निगम लगती बिजली की लाइनों से कनेक्शन जारी करता है। इन लाइनों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति की भी व्यवस्था की जाती है, ताकि बिजली से पंप नियमित रूप से चलते रहें। थ्री फेस बिजली दी जाती है। इस समय सिंचाई विभाग अधिकारी भी जलभराव की स्थिति का लगातार अवलोकन कर रहे हैं। सभी साइटों की सर्वे की जा चुकी है।
नहरों में बढ़ेगी पानी का मात्रा
बारिश सीजन में जिला की नहरों में भी दो से तीन माह तक पानी लगातार चलता है। पीछे हैड से बारिश के पानी का दबाव बनने से सभी नहरों में पानी छोड़ना पड़ता है, ताकि यमुना व अन्य प्रमुख नदियों में उफान न आए और पानी का वितरण होता रहे।
बिजली कनेक्शन जारी करने में निगम देरी नहीं करेगा। आवेदन करने के बाद कनेक्शन हाथोंहाथ मिलेगा। कनेक्शन के लिए मीटर भी लगाया जाएगा। बिल राशि भी वसूली जाएगी। कनेक्शन थ्री फेस मिलेगा।
प्रदीप सोनी, एसडीओ, बिजली निगम
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शहर व गांवों में जलभराव की समस्या को देखते हुए जनस्वास्थ्य व सिंचाई विभाग सतर्क हो गए हैं। जुलाई से संभावित मानसून को देखते हुए आवश्यक तैयारियां अंतिम चरण में हैं, ताकि जलभराव होने पर पानी की निकासी तुरंत हो सके। जिले के नहरी क्षेत्रों में जलभराव की ज्यादा दिक्कत बनी रहती है। शहर ही नहीं जिला के कई गांव भी ऐसे हैं, जिनके नजदीक से मेन नहरें गुजरती हैं, जिससे कई बार शहर में भी बाढ़ जैसे हालात बन जाते हैं। कई बार ज्यादा पानी आने से नहरें ओवरफ्लो भी हो जाती हैं।
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सिंचाई व जनस्वास्थ्य जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी करने का दावा जता रहा है, लेकिन कुछ क्षेत्र ऐसे हैं जहां पानी की निकासी के प्रबंध होने के बाद भी हालात खराब हो जाते हैं। खासकर निचले भागों में जलभराव ज्यादा बनता है। शहर से तीन किलोमीटर दूर स्थित गांव चरखी में तीन दिशाओं से नहरें गुजरती हैं ऐसे में इस गांव के चारो ओर पानी भर जाता है। चव्वा की समस्या बन जाती है, जिससे पानी निकासी करना भी मुश्किल हो जाता है। जमीन का वाटर लेवल ऊपर तक आ जाता है।
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इन गांवों में रहती है जलभराव की समस्या
गांव इमलोटा के अलावा, अचीना, पांडवान, बिरही कलां, छपार, सरूपगढ़, समसपुर, जयश्री, मिसरी, बौंदकलां, सांतौर व भागवी आदि गांवों में भी जलभराव ज्यादा मात्रा में होता है। सिंचाई विभाग ने पानी की निकासी के लिए प्रबंध शुरू कर रखे हैं, लेकिन कई बार बारिश की झड़ी में बिजली की लाइनों में फॉल्ट आने पर पंप व मोटर पानी का उठान नहीं कर पाते, जिससे पानी की निकासी नहीं हो पाती। जलभराव से फसलें भी खराब हो जाती हैं।
पंप और मोटरों में नहीं आएगा बिजली व्यवधान
जिन भागों में पंप व मोटरें लगाई जारी हैं वहां बिजली की किल्लत नहीं होने पाए और पानी की निकासी लगातार होती रहे, इसके लिए बिजली कनेक्शन भी जरूरी है। इन क्षेत्रों में बिजली निगम लगती बिजली की लाइनों से कनेक्शन जारी करता है। इन लाइनों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति की भी व्यवस्था की जाती है, ताकि बिजली से पंप नियमित रूप से चलते रहें। थ्री फेस बिजली दी जाती है। इस समय सिंचाई विभाग अधिकारी भी जलभराव की स्थिति का लगातार अवलोकन कर रहे हैं। सभी साइटों की सर्वे की जा चुकी है।
नहरों में बढ़ेगी पानी का मात्रा
बारिश सीजन में जिला की नहरों में भी दो से तीन माह तक पानी लगातार चलता है। पीछे हैड से बारिश के पानी का दबाव बनने से सभी नहरों में पानी छोड़ना पड़ता है, ताकि यमुना व अन्य प्रमुख नदियों में उफान न आए और पानी का वितरण होता रहे।
बिजली कनेक्शन जारी करने में निगम देरी नहीं करेगा। आवेदन करने के बाद कनेक्शन हाथोंहाथ मिलेगा। कनेक्शन के लिए मीटर भी लगाया जाएगा। बिल राशि भी वसूली जाएगी। कनेक्शन थ्री फेस मिलेगा।
प्रदीप सोनी, एसडीओ, बिजली निगम