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Charkhi Dadri News: राजस्व अधिकारियों की हड़ताल, नहीं हो सकी रजिस्ट्रियां, प्रमाण पत्र भी नहीं बनें, आज से राहत की उम्मीद
Tue, 10 Feb 2026 11:51 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Tue, 10 Feb 2026 11:51 PM IST
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चरखी दादरी। तहसीलदार, नायब तहसीलदारों की हड़ताल चौथे कार्य दिवस के दौरान मंगलवार को भी जारी रही। राजस्व अधिकारियों की हड़ताल के चलते एक तरफ जहां जमीनों की रजिस्ट्री से संबंधित काम ठप पड़े हैं। वहीं दूसरी तरफ लोगों को जमीनों के इंतकाल, विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्र व शपथ पत्र बनवाने में भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एसडीएम व डीआरओ को जमीनों की रजिस्ट्री करने के आदेश देने के बावजूद जिले में मंगलवार को भी जमीन की एक भी रजिस्ट्री नहीं हो सकी।
वहीं बताया जा रहा है कि मंगलवार शाम को तहसीलदार, नायब तहसीलदारों ने हड़ताल वापस लेने का निर्णय ले लिया है, ऐसे में तहसील कार्यालयों में बुधवार से काम दोबारा पटरी पर आने की संभावना है।
बता दें कि मांगों के लिए तहसीलदार, नायब तहसीलदार गत वीरवार को कलम छोड़ हड़ताल पर चले गए थे। राजस्व अधिकारियों के हड़ताल पर जाने के कारण जमीनों की रजिस्ट्री से संबंधित काम पूरी तरह ठप हो गए थे। इससे सरकार को भी राजस्व का नुकसान हो रहा था जिसको लेकर सरकार ने सोमवार को एसडीएम व डीआरओ को रजिस्ट्रियां करने के आदेश दिए थे, लेकिन प्रशासनिक कारणों के चलते जिले में सोमवार व मंगलवार को भी रजिस्ट्रियां नहीं हो सकी।
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लोग हो रहे परेशान
तहसीलदार, नायब तहसीलदारों की हड़ताल का खामियाजा केवल रजिस्ट्री करवाने वाले लोगों को ही नहीं भुगतना पड़ रहा बल्कि आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, रिहायश प्रमाण पत्र आदि बनवाने वाले लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ रही हैं। इनके अलावा विभिन्न कार्यों में आवश्यक शपथ-पत्रों पर भी तहसीलदार, नायब तहसीलदारों के हस्ताक्षर न होने से लोगों को बैरंग लौटना पड़ रहा है।
सरल केंद्र में खाली रहे काउंटर
राजस्व अधिकारियों की हड़ताल के कारण दादरी के सरल केंद्र में भूमि पंजीकरण से संबंधित काउंटर पिछले चार कार्य दिवसों से खाली नजर आ रहे हैं। कुछ लोग फोन पर तो कुछ लोग यहां आकर रजिस्ट्री शुरू होने से संबंधित पूछताछ करते नजर आए। लेकिन यहां तैनात कर्मचारियों द्वारा अधिकारियों की हड़ताल का हवाला देते हुए उन्हें बैरंग लौटा दिया गया जिससे ग्रामीण क्षेत्र से आए लोगों को अधिक परेशानी उठानी पड़ी।
जिले में हर रोज होती हैं करीब 60 रजिस्ट्रियां
बता दें कि जिले में हर रोज जमीनों की करीब 60 रजिस्ट्रियां होती हैं। इनमें दादरी में हर रोज 30 तथा बाढड़ा में हर रोज करीब 20 रजिस्ट्री होती हैं। इनके अलावा बौंद कलां उप-तहसील में भी औसतन पांच से 10 रजिस्ट्रियां होती हैं। इन रजिस्ट्रियों से सरकार को स्टांप ड्यूटी व रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर करोड़ों रुपये का राजस्व प्राप्त होता है, लेकिन हड़ताल के कारण सरकार को राजस्व का भी नुकसान हो रहा है।
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वहीं बताया जा रहा है कि मंगलवार शाम को तहसीलदार, नायब तहसीलदारों ने हड़ताल वापस लेने का निर्णय ले लिया है, ऐसे में तहसील कार्यालयों में बुधवार से काम दोबारा पटरी पर आने की संभावना है।
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बता दें कि मांगों के लिए तहसीलदार, नायब तहसीलदार गत वीरवार को कलम छोड़ हड़ताल पर चले गए थे। राजस्व अधिकारियों के हड़ताल पर जाने के कारण जमीनों की रजिस्ट्री से संबंधित काम पूरी तरह ठप हो गए थे। इससे सरकार को भी राजस्व का नुकसान हो रहा था जिसको लेकर सरकार ने सोमवार को एसडीएम व डीआरओ को रजिस्ट्रियां करने के आदेश दिए थे, लेकिन प्रशासनिक कारणों के चलते जिले में सोमवार व मंगलवार को भी रजिस्ट्रियां नहीं हो सकी।
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लोग हो रहे परेशान
तहसीलदार, नायब तहसीलदारों की हड़ताल का खामियाजा केवल रजिस्ट्री करवाने वाले लोगों को ही नहीं भुगतना पड़ रहा बल्कि आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, रिहायश प्रमाण पत्र आदि बनवाने वाले लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ रही हैं। इनके अलावा विभिन्न कार्यों में आवश्यक शपथ-पत्रों पर भी तहसीलदार, नायब तहसीलदारों के हस्ताक्षर न होने से लोगों को बैरंग लौटना पड़ रहा है।
सरल केंद्र में खाली रहे काउंटर
राजस्व अधिकारियों की हड़ताल के कारण दादरी के सरल केंद्र में भूमि पंजीकरण से संबंधित काउंटर पिछले चार कार्य दिवसों से खाली नजर आ रहे हैं। कुछ लोग फोन पर तो कुछ लोग यहां आकर रजिस्ट्री शुरू होने से संबंधित पूछताछ करते नजर आए। लेकिन यहां तैनात कर्मचारियों द्वारा अधिकारियों की हड़ताल का हवाला देते हुए उन्हें बैरंग लौटा दिया गया जिससे ग्रामीण क्षेत्र से आए लोगों को अधिक परेशानी उठानी पड़ी।
जिले में हर रोज होती हैं करीब 60 रजिस्ट्रियां
बता दें कि जिले में हर रोज जमीनों की करीब 60 रजिस्ट्रियां होती हैं। इनमें दादरी में हर रोज 30 तथा बाढड़ा में हर रोज करीब 20 रजिस्ट्री होती हैं। इनके अलावा बौंद कलां उप-तहसील में भी औसतन पांच से 10 रजिस्ट्रियां होती हैं। इन रजिस्ट्रियों से सरकार को स्टांप ड्यूटी व रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर करोड़ों रुपये का राजस्व प्राप्त होता है, लेकिन हड़ताल के कारण सरकार को राजस्व का भी नुकसान हो रहा है।