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Charkhi Dadri News: नगर परिषद् कर्मचारियों की हड़ताल व पटवारी-कानूनगो के धरने को मिला अनेक संगठनों का समर्थन
Sat, 22 Aug 2026 12:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sat, 22 Aug 2026 12:18 AM IST
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सफाई कर्मचारियों के साथ प्रदर्शन में शामिल भगत सिंह सेना अध्यक्ष व अन्य ।
- फोटो : 1
चरखी दादरी। सीटू यूनियन के नेताओं ने नगर परिषद कर्मचारियों की हड़ताल व पटवारी-कानूनगो के धरने का समर्थन किया है। सीटू जिला संयोजक राजकुमार घिकाड़ा, जिला सहसंयोजक कमलेश भैरवी, भवन निर्माण कामगार यूनियन सीटू के जिला संयोजक सुमेर सिंह धारणी व ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन के जिला सचिव सुरेश कुमार ने समर्थन दिया।
कमलेश भैरवी ने कहा कि नगर परिषद कर्मचारी शहरों की सफाई, स्वच्छता और जरूरी जनसेवाओं को सुचारु रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके बावजूद उनकी जायज मांगों की अनदेखी की जा रही है, जिसके चलते कर्मचारियों को आंदोलन और हड़ताल का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
उन्होंने कहा कि पटवारी-कानूनगो एसोसिएशन का धरना और नगर परिषद कर्मचारियों की हड़ताल भले ही अलग-अलग मुद्दों के लिए हो,जबकि दोनों संघर्ष कर्मचारियों के अधिकार, सम्मान, सुरक्षा और न्याय से जुड़े हुए हैं। सीटू हर उस संघर्ष के साथ मजबूती से खड़ी है जिसमें कर्मचारी जायज मांगों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठा रहे हैं।
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सीटू नेताओं ने सरकार से मांग की कि कर्मचारियों की जायज मांगों का बातचीत के माध्यम से समाधान किया जाए और पटवारी-कानूनगो एसोसिएशन की मांगों पर भी सकारात्मक विचार किया जाए। उन्होंने कहा कि दमन, दबाव और टालमटोल से कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं होगा बल्कि इससे आंदोलन और अधिक व्यापक होगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने कर्मचारियों की मांगों को गंभीरता से नहीं लिया तो सीटू के नेतृत्व में विभिन्न कर्मचारी, मजदूर और जनसंगठन एकजुट होकर संघर्ष को और तेज करने के लिए मजबूर होंगे।
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कमलेश भैरवी ने कहा कि नगर परिषद कर्मचारी शहरों की सफाई, स्वच्छता और जरूरी जनसेवाओं को सुचारु रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके बावजूद उनकी जायज मांगों की अनदेखी की जा रही है, जिसके चलते कर्मचारियों को आंदोलन और हड़ताल का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
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उन्होंने कहा कि पटवारी-कानूनगो एसोसिएशन का धरना और नगर परिषद कर्मचारियों की हड़ताल भले ही अलग-अलग मुद्दों के लिए हो,जबकि दोनों संघर्ष कर्मचारियों के अधिकार, सम्मान, सुरक्षा और न्याय से जुड़े हुए हैं। सीटू हर उस संघर्ष के साथ मजबूती से खड़ी है जिसमें कर्मचारी जायज मांगों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठा रहे हैं।
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सीटू नेताओं ने सरकार से मांग की कि कर्मचारियों की जायज मांगों का बातचीत के माध्यम से समाधान किया जाए और पटवारी-कानूनगो एसोसिएशन की मांगों पर भी सकारात्मक विचार किया जाए। उन्होंने कहा कि दमन, दबाव और टालमटोल से कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं होगा बल्कि इससे आंदोलन और अधिक व्यापक होगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने कर्मचारियों की मांगों को गंभीरता से नहीं लिया तो सीटू के नेतृत्व में विभिन्न कर्मचारी, मजदूर और जनसंगठन एकजुट होकर संघर्ष को और तेज करने के लिए मजबूर होंगे।