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खेत में करंट लगने से किसान की मौत, जेई चार्जशीट
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चरखी दादरी। गांव बलाली निवासी एक किसान की शनिवार रात करीब चार फुट की ऊंचाई पर लटक रहे बिजली के तारों की चपेट में आने से मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने बिजली निगम पर शिकायत के बावजूद तारों को ऊंचा नहीं करने का आरोप लगाया है। ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार राजकुमार शर्मा की मौजूदगी में बिजली निगम के अधिकारियों ने परिजनों को दोषी कर्मचारी पर कार्रवाई करने और नियमानुसार मदद का आश्वासन दिया है। वहीं, पुलिस ने इस संबंध में बिजली निगम के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। जांच अधिकारी हेड कांस्टेबल अनिल कुमार ने बताया कि किसी कर्मचारी या अधिकारी पर नामजद मामला दर्ज नहीं किया गया है। वहीं, इस मामले की जांच शुरू कर निगम ने जेई को चार्जशीट कर दिया है। पुलिस ने सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया।
जानकारी के अनुसार बलाली निवासी किसान सुनील कुमार शनिवार रात खेत में सिंचाई के लिए गया था। बताया जा रहा है कि रात करीब दस बजे बिजली आई थी। इसके कुछ देर बाद जब सुनील सिंचाई के लिए पाइप बदल रहा था तो महज चार फुट की ऊंचाई पर लटक रहे बिजली के तारों को पाइप की नोजल छू गई। इससे सुनील को करंट का जोरदार झटका लगा। इससे उसकी मौत हो गई। सुबह किसी राहगीर ने जब सुनील को मृत देखा तो इसकी सूचना उसके परिजनों को दी। इसके बाद परिजन मौके पर पहुंचे और झोझूकलां चौकी को मामले से अवगत कराया गया। इसके बाद पुलिस और निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे। वहीं, अधिकारियों के साथ मारपीट जैसी घटना न हो इसके लिए नायब तहसीलदार राजकुमार शर्मा को बतौर ड्यूटी मजिस्ट्रेट मौके पर भेजा गया। उनके सामने परिजनों ने बिजली निगम अधिकारियों पर लापरवाही के आरोप लगाए। परिजनों ने बताया कि तार पिछले काफी समय नीचे लटक रही हैं और इस संबंध में वो निगम अधिकारियों से शिकायत भी कर चुके हैं। इसके बावजूद निगम ने तारों को ऊंचा उठाने की जहमत नहीं उठाई। मौके पर पहुंचे निगम अधिकारियों के सामने परिजनों ने कुछ मांगें भी रखीं। नायब तहसीलदार राजकुमार शर्मा ने बताया कि मृतक के परिजनों ने दोषी कर्मचारी या अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई, मृतक की पत्नी को नौकरी व उचित मुआवजा राशि देने की मांग की। इस पर निगम अधिकारियों ने नियमानुसार हरसंभव मदद करने का आश्वासन दिया। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए दादरी सिविल अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने मृतक के भाई नरेश कुमार के बयान पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मृतक दो भाइयों में बड़ा था और उसके दो बच्चे हैं।
एसडीओ ने माना, नीचे लटक रहे थे तार
निगम एसडीओ जयप्रकाश भी हादसे की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचे। उन्होंने मौके का जायजा लिया और घटनास्थल के हालातों की लिखित रिपोर्ट परिजनों को सौंपी। इस पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट एवं नायब तहसीलदार राजकुमार शर्मा ने भी हस्ताक्षर किए। एसडीओ ने इसमें लिखा कि मौके का निरीक्षण करने के बाद बिजली तार चार फुट की ऊंचाई पर मिले। लोगों ने बताया कि ये तार कई दिनों से नीचे लटक रहे थे और मौका देखने पर लोगों की बात सही लग रही है।
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मृतक के भाई नरेश के बयान पर पुलिस ने बिजली निगम के खिलाफ केस दर्ज किया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अनिल कुमार, हेड कांस्टेबल
मैं बतौर ड्यूटी मजिस्ट्रेट मौके पर गया था। निगम अधिकारियों से परिजनों ने मृतक की पत्नी को नौकरी देने और आर्थिक सहायता की मांग की थी। अधिकारियों ने नियमानुसार हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है।
राजकुमार शर्मा, नायब तहसीलदार
तीन माह पहले ही मैंने सभी सब डिवीजनों पर लटकती तारों को दुरुस्त करने के लिखित आदेश भेज दिए थे। इस मामले में जेई द्वारा ढिलाई बरती गई। मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है और जेई महाबीर को चार्जशीट कर दिया है। जो निगम कर्मचारी तारों को दुरुस्त करने के कार्य में ढिलाई बरतेगा उसके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। ओमबीर सिंह, एक्सईएन, बिजली निगम
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जानकारी के अनुसार बलाली निवासी किसान सुनील कुमार शनिवार रात खेत में सिंचाई के लिए गया था। बताया जा रहा है कि रात करीब दस बजे बिजली आई थी। इसके कुछ देर बाद जब सुनील सिंचाई के लिए पाइप बदल रहा था तो महज चार फुट की ऊंचाई पर लटक रहे बिजली के तारों को पाइप की नोजल छू गई। इससे सुनील को करंट का जोरदार झटका लगा। इससे उसकी मौत हो गई। सुबह किसी राहगीर ने जब सुनील को मृत देखा तो इसकी सूचना उसके परिजनों को दी। इसके बाद परिजन मौके पर पहुंचे और झोझूकलां चौकी को मामले से अवगत कराया गया। इसके बाद पुलिस और निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे। वहीं, अधिकारियों के साथ मारपीट जैसी घटना न हो इसके लिए नायब तहसीलदार राजकुमार शर्मा को बतौर ड्यूटी मजिस्ट्रेट मौके पर भेजा गया। उनके सामने परिजनों ने बिजली निगम अधिकारियों पर लापरवाही के आरोप लगाए। परिजनों ने बताया कि तार पिछले काफी समय नीचे लटक रही हैं और इस संबंध में वो निगम अधिकारियों से शिकायत भी कर चुके हैं। इसके बावजूद निगम ने तारों को ऊंचा उठाने की जहमत नहीं उठाई। मौके पर पहुंचे निगम अधिकारियों के सामने परिजनों ने कुछ मांगें भी रखीं। नायब तहसीलदार राजकुमार शर्मा ने बताया कि मृतक के परिजनों ने दोषी कर्मचारी या अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई, मृतक की पत्नी को नौकरी व उचित मुआवजा राशि देने की मांग की। इस पर निगम अधिकारियों ने नियमानुसार हरसंभव मदद करने का आश्वासन दिया। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए दादरी सिविल अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने मृतक के भाई नरेश कुमार के बयान पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मृतक दो भाइयों में बड़ा था और उसके दो बच्चे हैं।
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एसडीओ ने माना, नीचे लटक रहे थे तार
निगम एसडीओ जयप्रकाश भी हादसे की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचे। उन्होंने मौके का जायजा लिया और घटनास्थल के हालातों की लिखित रिपोर्ट परिजनों को सौंपी। इस पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट एवं नायब तहसीलदार राजकुमार शर्मा ने भी हस्ताक्षर किए। एसडीओ ने इसमें लिखा कि मौके का निरीक्षण करने के बाद बिजली तार चार फुट की ऊंचाई पर मिले। लोगों ने बताया कि ये तार कई दिनों से नीचे लटक रहे थे और मौका देखने पर लोगों की बात सही लग रही है।
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मृतक के भाई नरेश के बयान पर पुलिस ने बिजली निगम के खिलाफ केस दर्ज किया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अनिल कुमार, हेड कांस्टेबल
मैं बतौर ड्यूटी मजिस्ट्रेट मौके पर गया था। निगम अधिकारियों से परिजनों ने मृतक की पत्नी को नौकरी देने और आर्थिक सहायता की मांग की थी। अधिकारियों ने नियमानुसार हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है।
राजकुमार शर्मा, नायब तहसीलदार
तीन माह पहले ही मैंने सभी सब डिवीजनों पर लटकती तारों को दुरुस्त करने के लिखित आदेश भेज दिए थे। इस मामले में जेई द्वारा ढिलाई बरती गई। मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है और जेई महाबीर को चार्जशीट कर दिया है। जो निगम कर्मचारी तारों को दुरुस्त करने के कार्य में ढिलाई बरतेगा उसके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। ओमबीर सिंह, एक्सईएन, बिजली निगम