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Charkhi Dadri News: लंबे समय के बाद राजकीय शिक्षकों को ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण कैंपों से मिली राहत
Sat, 08 Jun 2024 04:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sat, 08 Jun 2024 04:40 AM IST
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प्रशिक्षण के दौरान प्रमाण-पत्रों के साथ शिक्षक।
चरखी दादरी। लंबे समय के बाद राजकीय शिक्षकों को ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण कैंपों से राहत मिल सकी है। आमतौर पर विभाग गर्मी की छुट्टियों के दौरान शिक्षकों के प्रशिक्षण कैंप लगाता रहा है। वहीं,अध्यापक संघ छुटि्टयों में कैंप लगाने का विरोध करता रहा है। ऐसे में इस बार शिक्षकों को कैंपोंं से राहत मिलने पर उनका मानसिक तनाव दूर हो सकेगा। जिला में करीब 2800 शिक्षक हैं।
शिक्षकों की समय-समय पर अन्य प्रशासनिक एवं विभागीय कार्यों में ड्यूटी लगती रही है। इसका शिक्षक विरोध भी करते रहे हैं। बीएलओ, फैमिली आईडी बनाना व अन्य कार्यों में ड्यूटी लगती रहती हैं। शिक्षकों को यह रास नहीं आ रहा है। शिक्षक नेताओं का तर्क रहा है कि शिक्षण के अलावा उनसे दूसरे कार्य नहीं लेने चाहिए क्योंकि छात्रों की पढ़ाई का कार्य बाधित हो जाता है। पाठ्यक्रम पिछड़ जाता है जिसका प्रतिकूल असर परिणाम पर पड़ता है। परिणाम खराब आने पर दाखिला संख्या पर प्रतिकूल असर पड़ता है। शिक्षकों का यह भी तर्क रहा है कि प्रशिक्षण कैंप ऐसेे समय लगाए जाएं जिससे विद्यार्थियाें की पढ़ाई का कार्य बाधित न हो सके।
जिले में हैं 346 राजकीय स्कूल
आमतौर पर पिछले कई सालों से शिक्षकों के लिए गर्मी के अवकाश के दौरान ही प्रशिक्षण कैंप लगते रहे हैं। इस बार कैंप नहीं लगने पर शिक्षकों को मानसिक तौर पर काफी राहत मिली है। इससे शिक्षकों का मानसिक तनाव दूर होगा। एक जुलाई से स्कूल खुलने पर शिक्षक पूरी मानसिक तैयारी के साथ पढ़ाई का काम मन लगाकर कर सकेंगे। जिला में 368 राजकीय प्राइमरी, मिडिल, हाई व सीनियर सीनियर सेकेंडरी स्कूल हैं। जिला में गांव बिरही कलां में प्राथमिक अध्यापक शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान हैं जहां शिक्षकों को नई शिक्षण प्रविधियों का ज्ञान कराया जाता है।
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इस बार गर्मी अवकाश के दौरान शिक्षकों को राहत मिली है। इससे शिक्षकों का मानसिक तनाव दूर होगा। विभाग को ऐसे समय कैंप लगाने चाहिए जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई का कार्य बाधित न होने पाए।
-संजय शास्त्री, जिला अध्यक्ष, हरियाणा राजकीय विद्यालय अध्यापक संघ
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शिक्षकों की समय-समय पर अन्य प्रशासनिक एवं विभागीय कार्यों में ड्यूटी लगती रही है। इसका शिक्षक विरोध भी करते रहे हैं। बीएलओ, फैमिली आईडी बनाना व अन्य कार्यों में ड्यूटी लगती रहती हैं। शिक्षकों को यह रास नहीं आ रहा है। शिक्षक नेताओं का तर्क रहा है कि शिक्षण के अलावा उनसे दूसरे कार्य नहीं लेने चाहिए क्योंकि छात्रों की पढ़ाई का कार्य बाधित हो जाता है। पाठ्यक्रम पिछड़ जाता है जिसका प्रतिकूल असर परिणाम पर पड़ता है। परिणाम खराब आने पर दाखिला संख्या पर प्रतिकूल असर पड़ता है। शिक्षकों का यह भी तर्क रहा है कि प्रशिक्षण कैंप ऐसेे समय लगाए जाएं जिससे विद्यार्थियाें की पढ़ाई का कार्य बाधित न हो सके।
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जिले में हैं 346 राजकीय स्कूल
आमतौर पर पिछले कई सालों से शिक्षकों के लिए गर्मी के अवकाश के दौरान ही प्रशिक्षण कैंप लगते रहे हैं। इस बार कैंप नहीं लगने पर शिक्षकों को मानसिक तौर पर काफी राहत मिली है। इससे शिक्षकों का मानसिक तनाव दूर होगा। एक जुलाई से स्कूल खुलने पर शिक्षक पूरी मानसिक तैयारी के साथ पढ़ाई का काम मन लगाकर कर सकेंगे। जिला में 368 राजकीय प्राइमरी, मिडिल, हाई व सीनियर सीनियर सेकेंडरी स्कूल हैं। जिला में गांव बिरही कलां में प्राथमिक अध्यापक शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान हैं जहां शिक्षकों को नई शिक्षण प्रविधियों का ज्ञान कराया जाता है।
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इस बार गर्मी अवकाश के दौरान शिक्षकों को राहत मिली है। इससे शिक्षकों का मानसिक तनाव दूर होगा। विभाग को ऐसे समय कैंप लगाने चाहिए जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई का कार्य बाधित न होने पाए।
-संजय शास्त्री, जिला अध्यक्ष, हरियाणा राजकीय विद्यालय अध्यापक संघ