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Chandigarh-Haryana News: हाजिरी एप का विरोध बढ़ा, उच्चाधिकारियों से मिलेगी एसोसिएशन
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समिति ने कहा, यदि आदेश वापस नहीं लिया तो कड़ा आंदोलन किया जाएगा
चंडीगढ़। जियो फेसिंग हाजिरी एप का विरोध तेज हो गया है। राज्य स्तरीय समन्वय समिति की शुक्रवार को आयोजित बैठक में तय किया कि समन्वय समिति (तालमेल कमेटी) का एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल अगले सप्ताह अधिकारियों से मुलाकात करेगा और तर्कहीन आदेशों के अनुचित लागू होने से चिंताओं व कर्मचारियों के आक्रोश से अवगत कराएगा। यदि बैठक के बाद भी स्वास्थ्य विभाग ने इस हाजिरी एप को डाउनलोड करने संबंधी आदेश को वापस नहीं लिया तो कड़ा फैसला लिया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि स्वास्थ्य विभाग ने सभी डॉक्टर, कर्मचारियों व पैरामेडिकल स्टाफ को हाजिरी एप डाउनलोड करने के निर्देश दिए हैं। इस एप का पूरे राज्य में विरोध किया जा रहा है। इस एप को डॉक्टरों व कर्मचारियों की उपस्थिति ट्रैकिंग और वास्तविक समय की निगरानी को बढ़ाने के लिए विकसित किया गया है। यह एप उपस्थिति दर्ज करने के लिए जीपीएस और चेहरे की पहचान का उपयोग करता है।
डॉक्टरों व कर्मचारियों की दलील है कि जब बायोमीट्रिक हाजिरी लग रही है तो यह एप क्यों जरूरी है। डॉक्टरों ने इसे निजता का उल्लंघन और संभावित डेटा दुरुपयोग का हवाला देते हुए आपत्ति जताई है। डॉक्टरों व कर्मचारियों का कहना है कि हम अनुशासन के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन यह निजता का हनन है। बैठक में एचसीएमएस, बहुद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी एसोसिएशन,स्वास्थ्य सुपरवाइजर संघ, नर्सिंग, फार्मेसी, एलटी, एनएचएम, रेडियोग्राफर व मिनिस्ट्रीयल स्टाफ के संगठन शामिल हुए।
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चंडीगढ़। जियो फेसिंग हाजिरी एप का विरोध तेज हो गया है। राज्य स्तरीय समन्वय समिति की शुक्रवार को आयोजित बैठक में तय किया कि समन्वय समिति (तालमेल कमेटी) का एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल अगले सप्ताह अधिकारियों से मुलाकात करेगा और तर्कहीन आदेशों के अनुचित लागू होने से चिंताओं व कर्मचारियों के आक्रोश से अवगत कराएगा। यदि बैठक के बाद भी स्वास्थ्य विभाग ने इस हाजिरी एप को डाउनलोड करने संबंधी आदेश को वापस नहीं लिया तो कड़ा फैसला लिया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि स्वास्थ्य विभाग ने सभी डॉक्टर, कर्मचारियों व पैरामेडिकल स्टाफ को हाजिरी एप डाउनलोड करने के निर्देश दिए हैं। इस एप का पूरे राज्य में विरोध किया जा रहा है। इस एप को डॉक्टरों व कर्मचारियों की उपस्थिति ट्रैकिंग और वास्तविक समय की निगरानी को बढ़ाने के लिए विकसित किया गया है। यह एप उपस्थिति दर्ज करने के लिए जीपीएस और चेहरे की पहचान का उपयोग करता है।
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डॉक्टरों व कर्मचारियों की दलील है कि जब बायोमीट्रिक हाजिरी लग रही है तो यह एप क्यों जरूरी है। डॉक्टरों ने इसे निजता का उल्लंघन और संभावित डेटा दुरुपयोग का हवाला देते हुए आपत्ति जताई है। डॉक्टरों व कर्मचारियों का कहना है कि हम अनुशासन के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन यह निजता का हनन है। बैठक में एचसीएमएस, बहुद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी एसोसिएशन,स्वास्थ्य सुपरवाइजर संघ, नर्सिंग, फार्मेसी, एलटी, एनएचएम, रेडियोग्राफर व मिनिस्ट्रीयल स्टाफ के संगठन शामिल हुए।
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