चौकीदार के बयान और घटनास्थल की फोटो का सहारा लेकर पकड़ा जाएगा आरोपी
चरखी दादरी। जाट आरक्षण के दौरान भड़की हिंसा की आड़ लेकर दादरी बीडीपीओ कार्यालय में रखा घोटालों का रिकार्ड जलाने वाले दोषी व्यक्ति पर अब गाज गिरेगी। मामले की जांच कर रहे एसडीएम बिजेंद्र हुड्डा ने इस प्रकरण का पर्दाफश करने की रुपरेखा तैयार कर ली है। सबसे पहले आग के समय कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों से पूछताछ कर चौकीदार के बयान दर्ज किए जाएंगे। इसके बाद प्रशासन द्वारा मौके पर खींचे गए फोटो का सहारा लेकर दूध का दूध और पानी का पानी किया जाएगा। इस प्रकरण में कार्यालय के कर्मचारी का ही हाथ होने की पूरी-पूरी संभावना है। यहां हम बता दें कि आरक्षण आंदोलन के दौरान शहर में हुई आगजनी की यह सबसे पहले घटना थी। इसके बाद ही रेलवे स्टेशन, मार्केटिंग बोर्ड कार्यालय व कुछेक वाहनों में उपद्रवियों ने आग लगाई थी।
डीसी-एसपी ने निरीक्षण के दौरान जताया था संदेह
23 फरवरी जिला उपायुक्त पंकज कुमार व पुलिस अधिक्षक प्रतिक्षा गोदारा क्षेत्र में हुई आगजनी की घटनाओं का निरीक्षण करने दादरी आए थे। रोडवेज डिपो में हुई आगजनी की धटना का निरीखण करने के बाद दोनों प्रशासनिक अमले सहित यहां पहुंचे थे। इस दौरान रिकार्ड रूम की अलमारियों के दरवाजे खुले थे और रिकार्ड फर्श पर फैला पड़ा था। इसमें से कुछेक रिकार्ड आग की भेंट चढ़ गया जबकि कुछ दमकल कर्मचारियों द्वारा की गई पानी की बौछारों से भी गल गया। मामले को देखकर दोनों उच्च प्रशासनिक अधिकारियों ने जान-बूझकर आग लगाने की आशंका जताई थी। वहीं, घटना के समय वहां मौजूद कर्मचारियों ने शार्ट-सर्किट का अंदेशा जताया था।
20 दिन का मिला था एसडीएम को समय
पूरे प्रकरण के दोषी का पता लगाने की जिम्मेवारी जिला उपायुक्त ने एसडीएम बिजेंद्र हुड्डा को सौंपी थी। मामले के पटाक्षेप के लिए उन्हें 20 दिन का समय दिया गया है। अब स्थिति काबू में होने से एक-दो दिन में इसकी जांच शुरू की जाएगी। सबसे पहले देर शाम तक कर्मचारियों के कार्यालय में मौजूद रहने सहित मामले से संबधित सवाल-जवाब होंगे। इसके बाद ड्यूटी पर तैनात चौकीदार के बयान दर्ज होंगे। इस दौरान प्रशासन घटना के वक्त लिए गए फोटो का सहारा लेकर आरोपी का पता लगाएगा।