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आलमपुर में पाइप लाइन डालने का विरोध तो ढाणीमाहू में समर्थन में उतरे सात गांव

Sat, 22 Aug 2020 11:42 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 22 Aug 2020 11:42 PM IST
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villegers, cemented pipe line, protest
रजवाहे में पाइप डालने के समर्थन में सात गाँवों के किसान धरने पर बैठकर नारेबाजी करते हुए। - फोटो : Bhiwani
आलमपुर गांव में किसान ढाणी माहू डिस्ट्रिब्यूटरी रजवाहे में पाइप डालने का विरोध कर रहे है तो ढाणीमाहू बस स्टैंड पर सात गांवों के ग्रामीणों ने पाइप डालने के समर्थन में धरना शुरू कर दिया है। इन ग्रामीणों का कहना है कि जल्द से जल्द पाइप बिछाए जाए ताकि नहर में टेल तक पानी पहुंच सके। वहीं आलमपुर गांव में पाइप बिछाने के विरोध में धरना शनिवार को भी जारी रहा।
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धरना देकर किया समर्थन, 17 साल से रजवाहे की टेल पड़ी सूखी
ढाणी माहू डिस्ट्रिब्यूटरी में सीमेंटेड पाइप लाइन डालने के समर्थन में सात गांवों के किसान ढाणी माहू बस स्टैंड पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। ज्ञात हो कि नवंबर 2016 में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने तोशाम रैली के दौरान ढाणी माहू डिस्ट्रिब्यूटरी में पाइप डालने की घोषणा की थी। जिसके अनुसार आरडी शून्य से 47.5 तक सीमेंटेड पाइप लगाने है। जयपुर की एक एजेंसी के सर्वे रिपोर्ट में पाया था कि ढाणीमाहू डिस्ट्रिब्यूटरी में टेल तक पानी केवल पाइपों से ही पहुंच सकता है। लेकिन चार साल बाद भी कुछ किसानों के विरोध के कारण यह प्रोजेक्ट अब भी अधूरा है।
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इसी प्रोजेक्ट को पूरा करवाने की मांग को लेकर शनिवार को गांव ढाणी माहू, मनसरबास, सुंगरपुर, निगाना कलां, निगाना खुर्द, ढाणी श्यामियान, भलवाना ढाणी, बूडाना ढाणी के किसान गांव ढाणी बस स्टैंड पर गोशाला में किसान क्रांति कुनबा के बैनर तले अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। धरने के संयोजक सुशील वर्मा ने कहा कि ढाणीमाहू डिस्ट्रिब्यूटरी की टेल पर आखिरी बार नवंबर 2003 में 17 साल पहले पानी पहुंचा था। पिछले साल अनशन करने पर सरकार ने निंगाना फीडर नहर की पानी की क्षमता बढ़ा दी थी। लेकिन पानी की क्षमता बढ़ाए जाने के बावजूद भी टेल के गांवों तक पानी नहीं पहुंचा। धरने की अध्यक्षता करते हुए मास्टर सुखदेव सिंह मनसरबास ने कहा कि टेल पर होने के कारण इन सात गांवों के किसानों को सालों से नहरी पानी नहीं मिला है। धरने पर सुखबीर धोलिया, मुकेश जांगड़ा, रणबीर सिंह, सनबीर सिंह, कुलदीप संडवा, सोमबीर संडवा, राजेश गुलिया निंगाना, समुंदर भलवाना ढाणी, समुंदर सुंगरपुर, राजेश सरपंच बजीना, राजेश पुनिया, बिजेंद्र नंबरदार, मांगेराम फौजी, राजबीर श्योराण, प्रदीप श्योराण, प्रवीण श्योराण, आनंद पंच आदि मौजूद थे।
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पाइप डले या नहीं, भाईचारा नहीं करेंगे खराब
वक्ताओं ने कहा कि आलमपुर के किसान पाइप लाइन डलवाने में सहयोग करते हैं, तो ढाणी माहू सहित सातों गांव आलमपुर के लिए निगाना फीडर से अलग रजवाहा बनवाने में पूरा सहयोग करने को तैयार हैं। किसानों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास किया कि पाइप डले या नहीं किसी भी सूरत में सभी गांवों के किसान आपस में अपना भाईचारा खराब नहीं करेंगे।

उधर, विरोध में किसानों का धरना रहा जारी
करीब दो सप्ताह से गांव आलमपुर में निगाना फीडर से ढाणीमाहू माइनर में सीमेंट की पाइप लाइन डालने के विरोध में चल रहा धरना शनिवार को भी जारी रहा। धरने स्थल पर बैठे किसानों ने कहा कि अगर इस माइनर में पाइप लाइन दब गई तो इस इलाके में पानी खारा हो जाएगा और इससे अनेक गांव के किसानों की दशा खराब हो जाएगी। किसानों ने कहा कि खेतों में रह रहे किसानों को अपने व मवेशियों के लिए पीने के पानी की जरूरत होती है अगर पानी खारा हो गया तो खेतों में रह रहे किसान पानी कहां से लेकर आएंगे। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि ढाणी माहू माइनर में सीमेंट के पाइप लाइन नहीं डलनी चाहिए। किसानों ने कहा कि प्रशासन को माइनर में पाइप लाइन डालने की बजाय माइनर की सफाई करवानी चाहिए जिससे पानी टेल तक पहुंचेगा। किसानों ने कहा जब तक पाइपलाइन बिछाने का काम निरस्त नहीं किया जाता तब तक उनका धरना निरंतर जारी रहेगा।
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