{"_id":"5d9ce7f48ebc3e015255a400","slug":"two-arrested-fraud-bhiwani-news-rtk5221615150","type":"story","status":"publish","title_hn":"चिट फंड घोटाला: 10 करोड़ की ठगी करने वाले दो आरोपी दो साल बाद गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चिट फंड घोटाला: 10 करोड़ की ठगी करने वाले दो आरोपी दो साल बाद गिरफ्तार
विज्ञापन
1 फोटो चिट फंड घोटाले में पकड़े गए आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के लिए लेकर जाते हुए पुलिस।
- फोटो : Bhiwani
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मोटे ब्याज का लालच देकर भिवानी जिले के सैकड़ों लोगों से करीब 10 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले हिसार निवासी दो आरोपी को पुलिस ने दो साल बाद गिरफ्तार कर लिया। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने भिवानी, शाहबाद व चंडीगढ़ में करीब 20 करोड़ रुपये की संपत्ति बेची है। चार अप्रैल को मामले में छह लोगों की शिकायत पर केस दर्ज कर पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही थी। मंगलवार को पुलिस ने दोनों को कोर्ट में पेश कर चार दिन के रिमांड पर लिया है।
चार अप्रैल 2019 को सात लोगों के खिलाफ मोटे ब्याज का लालच देकर करोड़ों रुपये की ठगी करने का केस दर्ज हुआ था। मामले में सभी सात लोग नामजद आरोपी बनाए गए थे। छह लोगों ने इसकी शिकायत की थी। ठगी करने वाला गिरोह पंजाब के अमृतसर जिले का बताया जा रहा है। सिविल लाइन थाना पुलिस ने सोमवार को आरोपी हिसार निवासी हरीशपाल नेगी व बरवाला निवासी राजेश भारद्वाज को गिरफ्तार किया है।
ये थे आरोप : पुलिस को दी शिकायत में नरेंद्र, राजकुमार, पवन कुमार, राजबीर सिंह, सूबे सिंह व सुरेश कुमार ने बताया कि भिवानी के क्राउन प्लाजा में कार्यालय खोलकर एक कंपनी के माध्यम से लोगों को पैसा जमा कराने पर मोटा ब्याज देने का लालच देकर हजारों लोगों का फिक्स डिपॉजिट व खाते खुलवाए गए। भिवानी के हजारों लोगों ने करोड़ों रुपये इनवेस्ट किया था। लोगों के करीबन दस करोड़ रुपये की देनदारी की बारी आई तो फर्जी कंपनी भिवानी में अपना कार्यालय बंद कर रफूचक्कर हो गई। कंपनी में कई फर्जी अधिकारी भी बनाए हुए थे, जो कंपनी के भागते ही भूमिगत हो गए।
विज्ञापन
खुद तो फंसा दूसरों के भी लगवा दिए थे लाखों : चिट फंड मामले में ठगी का शिकार हुए भिवानी निवासी राकेश कुमार ने बताया कि उसके खुद के तो लाखों फंसे ही। इसके साथ ही उसने दूसरों के पैसे भी फर्जी कंपनी में जमा करवा दिए थे। बाद में ये कंपनी जब फरार हुई तो उन्हें ठगी का अहसास हुआ। अब अपने पैसे वापस पाने के लिए वे दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। बाद में पड़ताल करने पर पता चला कि ये लोग एक गिरोह के तौर पर इस तरह की फर्जी कंपनियां अलग-अलग नामों से खोलकर लोगों से पैसे जमा करा लेते हैं। उन्हें मोटे ब्याज और जल्द पैसे वापस करने का लालच भी दिया जाता था। हजारों लोगों को इसी तरह इन लोगों ने ठगी का शिकार बनाया है।
- राकेश कुमार, फर्जी कंपनी का निवेशक
मैं कंपनी में एजेंट के तौर काम करता था। भिवानी में एक नई कंपनी के बारे में पता चला था। मैंने खुद के पैसे जमा कराने के साथ-साथ कमीशन के चक्कर में दूसरों के पैसे भी जमा कराए थे। बाद में इस कंपनी ने अचानक ही अपना कार्यालय बंद कर दिया और अधिकारियों के भी फोन बंद हो गए। बाद में कई लोगों ने इस मामले की शिकायत पुलिस में दी। जिस पर धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ। अब अपने पैसे वापस पाने के लिए पिछले दो सालों से इधर से उधर चक्कर काट रहा हूं। कंपनी के नाम पर संपत्ति को भी बेचा जा चुका हूं।
- राज कुमार, निवेशक भिवानी
चिट फंड एवं धोखाधड़ी के मामले में हरीशपाल नेगी व राजेश भारद्वाज नामक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। उन्हें कोर्ट में पेश कर चार दिन के रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान पैसों के लेन-देन व अन्य लोगों की संलिप्तता के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी।
-राजबीर सिंह, एएसआई, सिविल लाइन थाना
विज्ञापन
चार अप्रैल 2019 को सात लोगों के खिलाफ मोटे ब्याज का लालच देकर करोड़ों रुपये की ठगी करने का केस दर्ज हुआ था। मामले में सभी सात लोग नामजद आरोपी बनाए गए थे। छह लोगों ने इसकी शिकायत की थी। ठगी करने वाला गिरोह पंजाब के अमृतसर जिले का बताया जा रहा है। सिविल लाइन थाना पुलिस ने सोमवार को आरोपी हिसार निवासी हरीशपाल नेगी व बरवाला निवासी राजेश भारद्वाज को गिरफ्तार किया है।
विज्ञापन
ये थे आरोप : पुलिस को दी शिकायत में नरेंद्र, राजकुमार, पवन कुमार, राजबीर सिंह, सूबे सिंह व सुरेश कुमार ने बताया कि भिवानी के क्राउन प्लाजा में कार्यालय खोलकर एक कंपनी के माध्यम से लोगों को पैसा जमा कराने पर मोटा ब्याज देने का लालच देकर हजारों लोगों का फिक्स डिपॉजिट व खाते खुलवाए गए। भिवानी के हजारों लोगों ने करोड़ों रुपये इनवेस्ट किया था। लोगों के करीबन दस करोड़ रुपये की देनदारी की बारी आई तो फर्जी कंपनी भिवानी में अपना कार्यालय बंद कर रफूचक्कर हो गई। कंपनी में कई फर्जी अधिकारी भी बनाए हुए थे, जो कंपनी के भागते ही भूमिगत हो गए।
विज्ञापन
खुद तो फंसा दूसरों के भी लगवा दिए थे लाखों : चिट फंड मामले में ठगी का शिकार हुए भिवानी निवासी राकेश कुमार ने बताया कि उसके खुद के तो लाखों फंसे ही। इसके साथ ही उसने दूसरों के पैसे भी फर्जी कंपनी में जमा करवा दिए थे। बाद में ये कंपनी जब फरार हुई तो उन्हें ठगी का अहसास हुआ। अब अपने पैसे वापस पाने के लिए वे दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। बाद में पड़ताल करने पर पता चला कि ये लोग एक गिरोह के तौर पर इस तरह की फर्जी कंपनियां अलग-अलग नामों से खोलकर लोगों से पैसे जमा करा लेते हैं। उन्हें मोटे ब्याज और जल्द पैसे वापस करने का लालच भी दिया जाता था। हजारों लोगों को इसी तरह इन लोगों ने ठगी का शिकार बनाया है।
- राकेश कुमार, फर्जी कंपनी का निवेशक
मैं कंपनी में एजेंट के तौर काम करता था। भिवानी में एक नई कंपनी के बारे में पता चला था। मैंने खुद के पैसे जमा कराने के साथ-साथ कमीशन के चक्कर में दूसरों के पैसे भी जमा कराए थे। बाद में इस कंपनी ने अचानक ही अपना कार्यालय बंद कर दिया और अधिकारियों के भी फोन बंद हो गए। बाद में कई लोगों ने इस मामले की शिकायत पुलिस में दी। जिस पर धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ। अब अपने पैसे वापस पाने के लिए पिछले दो सालों से इधर से उधर चक्कर काट रहा हूं। कंपनी के नाम पर संपत्ति को भी बेचा जा चुका हूं।
- राज कुमार, निवेशक भिवानी
चिट फंड एवं धोखाधड़ी के मामले में हरीशपाल नेगी व राजेश भारद्वाज नामक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। उन्हें कोर्ट में पेश कर चार दिन के रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान पैसों के लेन-देन व अन्य लोगों की संलिप्तता के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी।
-राजबीर सिंह, एएसआई, सिविल लाइन थाना