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गोचर भूमि की पैमाइश और निशानदेही होगी, अवैध कब्जा भी हटेगा
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फोटो 102 किराना तालाब पर अधिकारियों के साथ गोचर भूमि की पैमाइश व निशानदेही के निर्देश देते एसडीएम ज
- फोटो : Bhiwani
लोहारू। कई दशक से वीरान पड़ी लोहारू के एतिहासिक किराना तालाब के साथ लगती करीब 1100 बीघा गोचर भूमि की पैमाइश व निशानदेही होगी। लोगों की वर्षों पुरानी मांग पर कार्रवाई शुरू करते हुए सोमवार को एसडीएम जगदीश चंद्र ने राजस्व विभाग, पंचायत विभाग और नगरपालिका के अधिकारियों के साथ जाकर जमीन का अवलोकन किया। एसडीएम ने एक सप्ताह के भीतर इस जमीन की पैमाइश और निशानदेही का कार्य शुरू कराने की बात कही।
लोहारू के पुराने एतिहासिक किराना तालाब के साथ 1100 बीघा गौचर भूमि है। जिसके बारे में एक पुराना पत्थर भी लगा हुआ है, जिसमें तत्कालीन नवाब द्वारा गौचर भूमि के रूप में 1100 बीघा जमीन दिए जाने की बात कही गई है। हालांकि इसकी सुध ना तो स्थानीय प्रशासन ने ली और ना ही सरकार ने। जिसके चलते यह जमीन गायों के कभी काम ही नहीं आ पाई। इसी उपेक्षा के चलते जमीन पर लोगों ने अतिक्रमण कर लिया। नगर पालिका ने भी इस जमीन को कूड़ादान बना डाला। नियमों को ताक पर रखकर यहां नगर पालिका ने एक एमआरएफ सेंटर भी बना डाला। आखिरकार प्रशासन की ओर से एसडीएम जगदीश चंद्र ने इस जमीन की सुध लेते हुए अब पैमाइश और निशानदेही के आदेश जारी किए हैं।
सोमवार को एसडीएम ने नगरपालिका सचिव प्रदीप जैन, बीआई राकेश कुमार, नायब तहसीलदार गौरव, कानूनगो रमेश कुमार, एसईपीओ दीपक शर्मा, ग्राम सचिव और भाजपा नेताओं के साथ किराना तालाब के साथ लगती जमीन का दौरा किया और मौके पर अधिकारियों को पैमाइश और निशानदेही के आदेश दिए। भाजपा नेता विजय शेखावत, कमलेश भोड़ूका, सोनू शर्मा, व्यापार मंडल के महासचिव संजय खंडेवाल ने कहा कि इस जमीन की पैमाइश और निशानदेही होने पर अवैध कब्जा भी हट जाएगा। अवैध कब्जे का मामला कष्ट निवारण समिति की बैठक में भी गूंजा था।
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लोहारू के पुराने एतिहासिक किराना तालाब के साथ 1100 बीघा गौचर भूमि है। जिसके बारे में एक पुराना पत्थर भी लगा हुआ है, जिसमें तत्कालीन नवाब द्वारा गौचर भूमि के रूप में 1100 बीघा जमीन दिए जाने की बात कही गई है। हालांकि इसकी सुध ना तो स्थानीय प्रशासन ने ली और ना ही सरकार ने। जिसके चलते यह जमीन गायों के कभी काम ही नहीं आ पाई। इसी उपेक्षा के चलते जमीन पर लोगों ने अतिक्रमण कर लिया। नगर पालिका ने भी इस जमीन को कूड़ादान बना डाला। नियमों को ताक पर रखकर यहां नगर पालिका ने एक एमआरएफ सेंटर भी बना डाला। आखिरकार प्रशासन की ओर से एसडीएम जगदीश चंद्र ने इस जमीन की सुध लेते हुए अब पैमाइश और निशानदेही के आदेश जारी किए हैं।
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सोमवार को एसडीएम ने नगरपालिका सचिव प्रदीप जैन, बीआई राकेश कुमार, नायब तहसीलदार गौरव, कानूनगो रमेश कुमार, एसईपीओ दीपक शर्मा, ग्राम सचिव और भाजपा नेताओं के साथ किराना तालाब के साथ लगती जमीन का दौरा किया और मौके पर अधिकारियों को पैमाइश और निशानदेही के आदेश दिए। भाजपा नेता विजय शेखावत, कमलेश भोड़ूका, सोनू शर्मा, व्यापार मंडल के महासचिव संजय खंडेवाल ने कहा कि इस जमीन की पैमाइश और निशानदेही होने पर अवैध कब्जा भी हट जाएगा। अवैध कब्जे का मामला कष्ट निवारण समिति की बैठक में भी गूंजा था।
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