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Bhiwani News: पानी ने बुझा दिए दो घरों के चिराग
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जूईकलां। गांव ललहाना और भाखड़ा के बीच जुई नहर के पास बने तालाब में डूबने से मंगलवार सुबह दो चचेरे भाइयों की मौत हो गई। दोनों ही किशोर परिवार में इकलौते बेटे थे। इनकी मौत से गांव में शोक की लहर दौड़ गई। जूईकलां पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर मंगलवार दोपहर बाद जिला नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया।
जूईकलां पुलिस को दी रिपोर्ट में ललहाना निवासी राजकुमार ने बताया कि मेरा बेटा वीरेंद्र (16) 11 वीं और भाई जोगेंद्र का बेटा पीयूष (15) दसवीं कक्षा में पढ़ता था। सुबह करीब सवा चार बजे दोनों सैर के लिए घर से निकले थे लेकिन नौ बजे तक वापस नहीं लौटे। इसी दौरान ग्रामीणों से दोनों के तालाब में डूबने की सूचना मिली। मैं और परिवार के अन्य लोग तत्काल मौके पर पहुंचे। पुलिस को सूचना दी गई। ग्रामीणों की मदद से दोनों को तालाब से बाहर निकालकर नजदीकी अस्पताल ले गए जहां मृत घोषित कर दिया। जूईकलां थाने के एसएचओ ओमप्रकाश यादव और जांच अधिकारी सुरेश कुमार ने बताया कि सूचना मिलने के कुछ देर बाद ही पुलिस टीम को मौके पर भेज दिया था। इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई कर शव परिजनों को सौंप दिए हैं।
दोनों भाइयों की चार बहनों का रो-रोकर बुरा हाल
पीयूष और वीरेंद्र की दो-दो बड़ी बहनें हैं। भाइयों की मौत से उनका रो-रोकर बुरा हाल था। परिवार के इकलौते बेटों की मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि पीयूष और वीरेंद्र तालाब के किनारे नहा रहे थे। बाद में दोनों तालाब के अंदर चले गए। तालाब गहरा होने और पैंदे में गाद होने से दोनों बाहर नहीं निकल सके। यह देखकर आसपास के ग्रामीणों को मदद के लिए बुलाया लेकिन बाहर निकाले जाने तक उनकी मौत हो चुकी थी। सिंचाई विभाग ने भूमिगत जल रिचार्ज और नहरी पानी के अतिरिक्त भंडारण के लिए इस तालाब का निर्माण कराया था।
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जूईकलां पुलिस को दी रिपोर्ट में ललहाना निवासी राजकुमार ने बताया कि मेरा बेटा वीरेंद्र (16) 11 वीं और भाई जोगेंद्र का बेटा पीयूष (15) दसवीं कक्षा में पढ़ता था। सुबह करीब सवा चार बजे दोनों सैर के लिए घर से निकले थे लेकिन नौ बजे तक वापस नहीं लौटे। इसी दौरान ग्रामीणों से दोनों के तालाब में डूबने की सूचना मिली। मैं और परिवार के अन्य लोग तत्काल मौके पर पहुंचे। पुलिस को सूचना दी गई। ग्रामीणों की मदद से दोनों को तालाब से बाहर निकालकर नजदीकी अस्पताल ले गए जहां मृत घोषित कर दिया। जूईकलां थाने के एसएचओ ओमप्रकाश यादव और जांच अधिकारी सुरेश कुमार ने बताया कि सूचना मिलने के कुछ देर बाद ही पुलिस टीम को मौके पर भेज दिया था। इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई कर शव परिजनों को सौंप दिए हैं।
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दोनों भाइयों की चार बहनों का रो-रोकर बुरा हाल
पीयूष और वीरेंद्र की दो-दो बड़ी बहनें हैं। भाइयों की मौत से उनका रो-रोकर बुरा हाल था। परिवार के इकलौते बेटों की मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि पीयूष और वीरेंद्र तालाब के किनारे नहा रहे थे। बाद में दोनों तालाब के अंदर चले गए। तालाब गहरा होने और पैंदे में गाद होने से दोनों बाहर नहीं निकल सके। यह देखकर आसपास के ग्रामीणों को मदद के लिए बुलाया लेकिन बाहर निकाले जाने तक उनकी मौत हो चुकी थी। सिंचाई विभाग ने भूमिगत जल रिचार्ज और नहरी पानी के अतिरिक्त भंडारण के लिए इस तालाब का निर्माण कराया था।
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