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Bhiwani News: बारिश के बाद बढ़ा गैस्ट्रोएंटेराइटिस फ्लू और वायरल का खतरा
Thu, 02 Apr 2026 12:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Thu, 02 Apr 2026 12:39 AM IST
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शहर के मेडिकल कॉलेज में मरीजों की लगी कतार।
भिवानी। ओलावृष्टि और बारिश के बाद जिले में गैस्ट्रोएंटेराइटिस फ्लू और वायरल बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। जलभराव और मौसम परिवर्तन के कारण लोग पेट संबंधी संक्रमण, बुखार और सर्दी-जुकाम से प्रभावित हो रहे हैं जिससे अस्पतालों में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
जिले में कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनी हुई है जिससे मच्छर जनित बीमारियों के फैलने की आशंका भी बढ़ गई है। हालांकि अभी तक डेंगू और मलेरिया के मरीज सामने नहीं आए हैं लेकिन वायरल बुखार, सर्दी, डायरिया और पेट दर्द के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। बढ़ती स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग भी सक्रिय हो गया है और ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में लगातार लारवा रोधी अभियान चलाया जा रहा है।
पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज के फिजिशियन डॉ. यतिन गुप्ता के अनुसार बारिश के बाद साफ पानी जमा होने पर मच्छरों के पनपने की संभावना बढ़ जाती है। यदि पीने के पानी के संपर्क में मच्छर आते हैं तो वह भी संक्रमित हो सकता है। दूषित पानी के सेवन से पेट दर्द, उल्टी, बुखार, दस्त और टायफाइड जैसी समस्याएं होने का खतरा रहता है।
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उन्होंने बताया कि ओपीडी में वायरल बुखार के साथ पेट के संक्रमण वाले मरीज लगातार आ रहे हैं। बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों पर इसका असर अधिक पड़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान में फैल रही बीमारियों के पीछे मौसम परिवर्तन और जलभराव दोनों मुख्य कारण हैं। डॉ. गुप्ता ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह देते हुए कहा कि बिना चिकित्सक की सलाह के कोई भी दवा न लें और उपचार का पूरा कोर्स अवश्य पूरा करें।
ऐसे करें बचाव
बारिश और बदलते मौसम में बैक्टीरिया और वायरस तेजी से फैलते हैं ऐसे में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है। दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी उबालकर ही पिएं इससे पेट के संक्रमण का खतरा कम होता है। घर के आसपास पानी जमा न होने दें जैसे गमलों, फ्रिज की ट्रे या खुले स्थानों में। मच्छरों से बचाव के लिए रात में मच्छरदानी का उपयोग करें। बाजार में खुले में बिकने वाली खाद्य सामग्री से परहेज करें और स्वच्छ, पौष्टिक भोजन का सेवन करें।
ओपीडी में आ रहे प्रतिदिन 350 से 400 मरीज
पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज की सामान्य रोग विशेषज्ञ ओपीडी में प्रतिदिन 350 से 400 मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें अधिकतर मरीज बुखार, सर्दी, उल्टी-दस्त और पेट दर्द की शिकायत लेकर आ रहे हैं।
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जिले में कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनी हुई है जिससे मच्छर जनित बीमारियों के फैलने की आशंका भी बढ़ गई है। हालांकि अभी तक डेंगू और मलेरिया के मरीज सामने नहीं आए हैं लेकिन वायरल बुखार, सर्दी, डायरिया और पेट दर्द के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। बढ़ती स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग भी सक्रिय हो गया है और ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में लगातार लारवा रोधी अभियान चलाया जा रहा है।
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पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज के फिजिशियन डॉ. यतिन गुप्ता के अनुसार बारिश के बाद साफ पानी जमा होने पर मच्छरों के पनपने की संभावना बढ़ जाती है। यदि पीने के पानी के संपर्क में मच्छर आते हैं तो वह भी संक्रमित हो सकता है। दूषित पानी के सेवन से पेट दर्द, उल्टी, बुखार, दस्त और टायफाइड जैसी समस्याएं होने का खतरा रहता है।
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उन्होंने बताया कि ओपीडी में वायरल बुखार के साथ पेट के संक्रमण वाले मरीज लगातार आ रहे हैं। बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों पर इसका असर अधिक पड़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान में फैल रही बीमारियों के पीछे मौसम परिवर्तन और जलभराव दोनों मुख्य कारण हैं। डॉ. गुप्ता ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह देते हुए कहा कि बिना चिकित्सक की सलाह के कोई भी दवा न लें और उपचार का पूरा कोर्स अवश्य पूरा करें।
ऐसे करें बचाव
बारिश और बदलते मौसम में बैक्टीरिया और वायरस तेजी से फैलते हैं ऐसे में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है। दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी उबालकर ही पिएं इससे पेट के संक्रमण का खतरा कम होता है। घर के आसपास पानी जमा न होने दें जैसे गमलों, फ्रिज की ट्रे या खुले स्थानों में। मच्छरों से बचाव के लिए रात में मच्छरदानी का उपयोग करें। बाजार में खुले में बिकने वाली खाद्य सामग्री से परहेज करें और स्वच्छ, पौष्टिक भोजन का सेवन करें।
ओपीडी में आ रहे प्रतिदिन 350 से 400 मरीज
पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज की सामान्य रोग विशेषज्ञ ओपीडी में प्रतिदिन 350 से 400 मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें अधिकतर मरीज बुखार, सर्दी, उल्टी-दस्त और पेट दर्द की शिकायत लेकर आ रहे हैं।