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Bhiwani News: भावांतर भरपाई के भंवर में फंसा किसान
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नई अनाज मंडी में बाजरा की ढेरी
भिवानी। भावांतर के भंवर में फंसे किसानों के लिए सीमांत क्षेत्र से बाजरा की आवक भी चिंता का कारण बनी है। हालांकि, सरकार ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि राज्य में बाजरा की सरकारी खरीद होगी या सिर्फ भावांतर ही मिलेगा। दोनों ही सूरत में सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2900 रुपये प्रति क्विंटल राजस्थान व आसपास के अन्य राज्यों से बेचान के लिए बाजरा आने की संभावना बढ़ा रहा है। राजस्थान में इस बार बाजरा की सरकारी खरीद नहीं हो रही और निजी बोली पर बाजरा 2250 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रहा है।
भिवानी सहित प्रदेश के कई जिलों में अभी निजी बोली पर बाजरा 2200 से 2350 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रहा है। सरकार ने किसानों को 600 रुपये प्रति क्विंटल भावांतर देने का एलान किया है। भावांतर मिलता है तो टोकन के हिसाब से किसान के खाते में पैसा पहुंचेगा।
भिवानी राजस्थान सीमा से जुड़ा है। बहल और लोहारू सीमा से सटे राजस्थान के गांवों में बाजरा की अच्छी पैदावार होती है। आढ़तियों द्वारा भी कम दाम पर बाजरा खरीदकर उसका भंडारण कर लिया जाता है। हरियाणा में जैसे ही सरकारी खरीद शुरू होती है वहां इस बाजरे को यहां की मंडियों में खपाने का प्रयास होता है। हालांकि, इस बार जिला प्रशासन गड़बड़ी की आशंकाओं के चलते सतर्क हो गया है। जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्र की मंडियों में सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में वाहनों की जीओ टैगिंग के साथ किसान की बायोमेट्रिक भी होगी।
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राजस्थान के सीमांत इलाकों से पुलिस ने हटाए नाके
लंबे अर्से से भिवानी की सीमाओं पर राजस्थान जाने वाले मुख्य रास्तों पर पुलिस के स्थायी नाके लगे थे। इन नाकों से पुलिस को हाल ही में हटा लिया गया है। अब इन नाकों पर रूटीन चेकिंग के लिए पुलिस की निगरानी बनी हुई है। ऐसे में सीमांत इलाकों से बाजरा की आवक पर निगरानी की पुख्ता व्यवस्था नहीं है।
2023 में उजागर हुआ था फर्जीवाड़ा
भावांतर भरपाई योजना में 2023 में फर्जीवाड़ा उजागर हुआ था जिसमें फंसे 185 किसानों के बैंक खातों की डिटेल खंगाली गई। मुख्यमंत्री उड़नदस्ता के निरीक्षक दिनेश कुमार की शिकायत पर धोखाधड़ी से संबंधित धाराओं के तहत सिवानी थाने में मामला दर्ज हुआ था। शुरुआत में भावांतर भरपाई योजना में फर्जीवाड़े की मुख्यमंत्री उड़नदस्ता ने जांच की। जांच में व्यापक स्तर पर फर्जीवाड़ा मिलने के बाद सिवानी पुलिस को रिपोर्ट दी गई। इसके आधार पर 185 नामजद किसानों के खिलाफ धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज हुई थी।
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सरकार किसानों का बाजरा खरीदे या फिर भावांतर भरपाई योजना में बाजरा खरीद का टोकन दे। जितनी फसल का किसान का टोकन कटेगा, उतनी ही फसल की निजी बिक्री पर किसान के खाते में भावांतर भरपाई का लाभ मिलेगा। दूसरे प्रांतों के बाजरा की खपत की संभावना कम है क्योंकि यहां भी निजी बोली में बाजरा 2200-2350 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है। - नरेश कुमार भूरु, प्रधान, दी ग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन, भिवानी
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मंडियों में इस बार पूरी सतर्कता के साथ फसल खरीद होगी। सभी मंडियों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और जिस वाहन में किसान फसल लेकर आएगा उसकी जीओ टैगिंग के साथ बायोमेट्रिक के बाद गेट पास मिलेगा। मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर किसान ने जितनी भूमि दर्शाई है उसके हिसाब से भी फसल का आकलन होगा।संदेह होने पर किसान और उसकी फसल के संबंध में जांच-पड़ताल भी होगी। बाजरा की सरकारी खरीद होगा या भावांतर मिलेगा, इसको लेकर जल्द स्थिति स्पष्ट होगी। - संदीप लोहान, कार्यकारी अधिकारी एवं सचिव, हरियाणा कृषि विपणन बोर्ड, भिवानी
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सरकार की तरफ से किसानों को 600 रुपये प्रति क्विंटल भावांतर देने की बात कही गई है लेकिन मंडियों में अभी खरीद को लेकर कोई पत्राचार नहीं हुआ है। बाजरा की सरकारी खरीद होती है तो फिर हेफेड की पूरी तैयारी है। - पुनीत पंघाल, जिला प्रबंधक, हैफेड, भिवानी
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भिवानी सहित प्रदेश के कई जिलों में अभी निजी बोली पर बाजरा 2200 से 2350 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रहा है। सरकार ने किसानों को 600 रुपये प्रति क्विंटल भावांतर देने का एलान किया है। भावांतर मिलता है तो टोकन के हिसाब से किसान के खाते में पैसा पहुंचेगा।
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भिवानी राजस्थान सीमा से जुड़ा है। बहल और लोहारू सीमा से सटे राजस्थान के गांवों में बाजरा की अच्छी पैदावार होती है। आढ़तियों द्वारा भी कम दाम पर बाजरा खरीदकर उसका भंडारण कर लिया जाता है। हरियाणा में जैसे ही सरकारी खरीद शुरू होती है वहां इस बाजरे को यहां की मंडियों में खपाने का प्रयास होता है। हालांकि, इस बार जिला प्रशासन गड़बड़ी की आशंकाओं के चलते सतर्क हो गया है। जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्र की मंडियों में सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में वाहनों की जीओ टैगिंग के साथ किसान की बायोमेट्रिक भी होगी।
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राजस्थान के सीमांत इलाकों से पुलिस ने हटाए नाके
लंबे अर्से से भिवानी की सीमाओं पर राजस्थान जाने वाले मुख्य रास्तों पर पुलिस के स्थायी नाके लगे थे। इन नाकों से पुलिस को हाल ही में हटा लिया गया है। अब इन नाकों पर रूटीन चेकिंग के लिए पुलिस की निगरानी बनी हुई है। ऐसे में सीमांत इलाकों से बाजरा की आवक पर निगरानी की पुख्ता व्यवस्था नहीं है।
2023 में उजागर हुआ था फर्जीवाड़ा
भावांतर भरपाई योजना में 2023 में फर्जीवाड़ा उजागर हुआ था जिसमें फंसे 185 किसानों के बैंक खातों की डिटेल खंगाली गई। मुख्यमंत्री उड़नदस्ता के निरीक्षक दिनेश कुमार की शिकायत पर धोखाधड़ी से संबंधित धाराओं के तहत सिवानी थाने में मामला दर्ज हुआ था। शुरुआत में भावांतर भरपाई योजना में फर्जीवाड़े की मुख्यमंत्री उड़नदस्ता ने जांच की। जांच में व्यापक स्तर पर फर्जीवाड़ा मिलने के बाद सिवानी पुलिस को रिपोर्ट दी गई। इसके आधार पर 185 नामजद किसानों के खिलाफ धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज हुई थी।
सरकार किसानों का बाजरा खरीदे या फिर भावांतर भरपाई योजना में बाजरा खरीद का टोकन दे। जितनी फसल का किसान का टोकन कटेगा, उतनी ही फसल की निजी बिक्री पर किसान के खाते में भावांतर भरपाई का लाभ मिलेगा। दूसरे प्रांतों के बाजरा की खपत की संभावना कम है क्योंकि यहां भी निजी बोली में बाजरा 2200-2350 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है। - नरेश कुमार भूरु, प्रधान, दी ग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन, भिवानी
मंडियों में इस बार पूरी सतर्कता के साथ फसल खरीद होगी। सभी मंडियों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और जिस वाहन में किसान फसल लेकर आएगा उसकी जीओ टैगिंग के साथ बायोमेट्रिक के बाद गेट पास मिलेगा। मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर किसान ने जितनी भूमि दर्शाई है उसके हिसाब से भी फसल का आकलन होगा।संदेह होने पर किसान और उसकी फसल के संबंध में जांच-पड़ताल भी होगी। बाजरा की सरकारी खरीद होगा या भावांतर मिलेगा, इसको लेकर जल्द स्थिति स्पष्ट होगी। - संदीप लोहान, कार्यकारी अधिकारी एवं सचिव, हरियाणा कृषि विपणन बोर्ड, भिवानी
सरकार की तरफ से किसानों को 600 रुपये प्रति क्विंटल भावांतर देने की बात कही गई है लेकिन मंडियों में अभी खरीद को लेकर कोई पत्राचार नहीं हुआ है। बाजरा की सरकारी खरीद होती है तो फिर हेफेड की पूरी तैयारी है। - पुनीत पंघाल, जिला प्रबंधक, हैफेड, भिवानी