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यहां नर्स कर रही हैं इलाज
ब्यूरो/अमर उजाला भिवानी
Updated Sun, 01 Nov 2015 01:02 AM IST
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भिवानी। समय : मध्याह्न 12 बजे। पीएचसी सेक्टर 13 में चिकित्सक की गैर मौजूदगी में नर्स व एएनएम ही मरीजों का इलाज करने में जुटी हुई थी। बुखार के अलावा अन्य बीमारियों की भी दवाइयां दे रही थी। पूछा तो बताया कि डाक्टर छुट्टी पर हैं। 50-50 हजार की आबादी पर लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए खोली गई पीएचसी(प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) का लोगों को कोई खास फायदा नहीं मिल रहा। पीएचसी पर न जरूरी एंटी बॉयोटिक, एंटी एलर्जिक दवाइयां है और न ही टेस्ट करने के लिए कोई एलटी है। शनिवार को शहर की तीनों प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण किया तो खामियां सामने आई। सेक्टर 13 पीएचसी पर तो चिकित्सक ही नहीं था और अन्य स्टाफ ही मरीजों को दवाइयां दे रही थी। पूरी दवाइयां नहीं मिलने, एलटी नहीं होने के कारण मरीज सामान्य अस्पताल जाने या फिर प्राइवेट अस्पताल में जाने को मजबूर दिखे। यहां शाम साढ़े चार बजे ही स्टाफ ताला लगाकर चलता बना। जबकि समय पांच बजे तक का है।
न एंटीबायटिक, न एंटी एलर्जिक दवाइयां, न बैंडेज
लोगों को घर द्वारे ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए शुरू की गई शहरी पीएचसी का हाल यह है कि एंटी बॉयोटिक, एंटी एलर्जिक दवाइयां तक नहीं है। बैंडेज के लिए भी स्टाफ परेशान है। दर्द की दवाइयां तो दी जा रही है। मगर ट्यूब लिखकर बाहर से लेने की सलाह दी जाती है।
एलटी हैं नहीं, कौन करे टेस्ट
कहने को तो सभी पीएचसी में लैब टेक्निशियन है मगर पिछले करीब दो महीने से दो पीएचसी के एलटी की सामान्य अस्पताल में ड्यूटी लगाई गई है। डेंगू के प्रकोप के चलते उनकी ड्यूटी टेस्ट के लिए सामान्य अस्पताल में लगाई गई है। एक एलटी बाबू अक्सर दिखते ही नहीं हैं। ऐसे में पीएचसी पर टेस्टों की कोई सुविधा मरीजों को नहीं मिल रही। टेस्टों के लिए मरीज सामान्य अस्पताल या फिर प्राइवेट लैबों में जाने को मजबूर हैं। सामान्य अस्पताल में वैसे ही टेस्ट कराने वालों की भारी भीड़ रहती है। पीएचसी पर एलटी का सामान भी पूरा नहीं मिल रहा।
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अस्पताल के अंदर जाने से लगता है डर
सेक्टर 13 पीएचसी में जान हथेली पर रखकर मरीज अपना इलाज कराने पहुंच रहे है। एंट्री गेट से ही खतरा मंडराने लगता है। भवन का मलबा बार-बार टूटकर गिर रहा। खतरा यहीं नहीं अंदर भी है। जहां डेंटल स्पेशलिस्ट दांतों की जांच करता है, उस छत का भी बुरा हाल है और लेंटर टूटकर गिर रहा है। अन्य कमरों का भी लेंटर टूटकर गिर रहा है। मरीजों को ही नहीं स्टाफ की जान को भी खतरा है। स्टाफ भी डर के साये में काम करने को मजबूर है। स्टाफ सदस्यों ने बताया कि मलबा गिरता रहता है और काम करते समय डर भी लगता है मगर क्या करें। इसकी अनेक बार सिविल सर्जन कार्यालय में शिकायत भी की है।
वर्जन:::
वेयर हाउस में मौजूद सभी दवाइयों की सप्लाई की जा रही है। एलटी की ड्यूटी कुछ समय के लिए सिविल अस्पताल में लगाई गई है। शहर में शुरू की गई तीनों पीएचसी का अच्छा रिस्पांस रहा है और इनमें अच्छी ओपीडी है। जल्द ही सभी दवाइयां पीएचसी में मुहैया करवाई जाएंगी।
डॉ. मनीष पचार, नोडल ऑफिसर, डिप्टी सिविल सर्जन
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न एंटीबायटिक, न एंटी एलर्जिक दवाइयां, न बैंडेज
लोगों को घर द्वारे ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए शुरू की गई शहरी पीएचसी का हाल यह है कि एंटी बॉयोटिक, एंटी एलर्जिक दवाइयां तक नहीं है। बैंडेज के लिए भी स्टाफ परेशान है। दर्द की दवाइयां तो दी जा रही है। मगर ट्यूब लिखकर बाहर से लेने की सलाह दी जाती है।
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एलटी हैं नहीं, कौन करे टेस्ट
कहने को तो सभी पीएचसी में लैब टेक्निशियन है मगर पिछले करीब दो महीने से दो पीएचसी के एलटी की सामान्य अस्पताल में ड्यूटी लगाई गई है। डेंगू के प्रकोप के चलते उनकी ड्यूटी टेस्ट के लिए सामान्य अस्पताल में लगाई गई है। एक एलटी बाबू अक्सर दिखते ही नहीं हैं। ऐसे में पीएचसी पर टेस्टों की कोई सुविधा मरीजों को नहीं मिल रही। टेस्टों के लिए मरीज सामान्य अस्पताल या फिर प्राइवेट लैबों में जाने को मजबूर हैं। सामान्य अस्पताल में वैसे ही टेस्ट कराने वालों की भारी भीड़ रहती है। पीएचसी पर एलटी का सामान भी पूरा नहीं मिल रहा।
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अस्पताल के अंदर जाने से लगता है डर
सेक्टर 13 पीएचसी में जान हथेली पर रखकर मरीज अपना इलाज कराने पहुंच रहे है। एंट्री गेट से ही खतरा मंडराने लगता है। भवन का मलबा बार-बार टूटकर गिर रहा। खतरा यहीं नहीं अंदर भी है। जहां डेंटल स्पेशलिस्ट दांतों की जांच करता है, उस छत का भी बुरा हाल है और लेंटर टूटकर गिर रहा है। अन्य कमरों का भी लेंटर टूटकर गिर रहा है। मरीजों को ही नहीं स्टाफ की जान को भी खतरा है। स्टाफ भी डर के साये में काम करने को मजबूर है। स्टाफ सदस्यों ने बताया कि मलबा गिरता रहता है और काम करते समय डर भी लगता है मगर क्या करें। इसकी अनेक बार सिविल सर्जन कार्यालय में शिकायत भी की है।
वर्जन:::
वेयर हाउस में मौजूद सभी दवाइयों की सप्लाई की जा रही है। एलटी की ड्यूटी कुछ समय के लिए सिविल अस्पताल में लगाई गई है। शहर में शुरू की गई तीनों पीएचसी का अच्छा रिस्पांस रहा है और इनमें अच्छी ओपीडी है। जल्द ही सभी दवाइयां पीएचसी में मुहैया करवाई जाएंगी।
डॉ. मनीष पचार, नोडल ऑफिसर, डिप्टी सिविल सर्जन