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Bhiwani News: डेढ़ सौ वर्गगज में बना रखी थी कोठी फिर भी दो अविवाहित बेटों के नाम से पीएम आवास योजना के नाम पर पांच लाख डकारे
Fri, 12 Apr 2024 11:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Fri, 12 Apr 2024 11:58 PM IST
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भिवानी। एक व्यक्ति की डेढ़ सौ वर्गगज में कोठी होने के बावजूद उसने अपने दो अविवाहित बेटों के नाम पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान बनाने के फर्जी दस्तावेजों पर दोहरा लाभ लेकर पांच लाख रुपये डकार डाले। मामले में सीएम विंडो में शिकायत के बाद भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो उपकेंद्र ने जांच की थी। इसके बाद इस मामले में पुलिस अधीक्षक ने सिटी थाने में आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किए जाने के निर्देश दिए हैं।
सिटी थाने में दर्ज हुई शिकायत में शिव कॉलोनी निवासी वीरेंद्र कुमार ने बताया कि उनकी कॉलोनी का ही सतवीर का ग्वार फैक्टरी वार्ड 19 में 200 वर्गगज की भूमि है, जिसमें करीब डेढ़ सौ वर्गगज में 2017 से पहले ही कोठी बनी हुई है। सतबीर के परिवार में दो अविवाहित बेटे साहिल और विवेक हैं। सतबीर ने 2017 में प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के सर्वे के दौरान भूमि का झूठा एग्रीमेंट साहिल और विवेक के नाम बनवाकर दोनों बेटों के नाम से प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर ढाई-ढाई लाख कुल पांच लाख रुपये का लाभ ले लिया। जबकि पीएम आवास योजना के नियमों के तहत पति, पत्नी और अविवाहित संतान एक ही परिवार माना जाता है।
इसके अलावा पीएम आवास योजना का एक परिवार एक ही बार लाभ ले सकता है। पीएम आवास योजना में मकान का निर्माण केवल अपनी भूमि पर ही किया जा सकता है। आवेदक सदस्य या परिवार ने इससे पहले कोई मकान निर्माण के लिए किसी अनुदान राशि नहीं लेना भी नियम में शामिल है। मगर सतबीर ने साहिल और विवेक के नाम पर डेढ़ सौ गज में कोठी होने के बावजूद पांच लाख रुपये अनुदान लेकर सरकारी धन का दुरुपयोग और गबन किया। इस संबंध में सिविल लाइन पुलिस ने आरोपी सतवीर के खिलाफ धोखाधड़ी की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर तहकीकात शुरू कर दी है।
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सिटी थाने में दर्ज हुई शिकायत में शिव कॉलोनी निवासी वीरेंद्र कुमार ने बताया कि उनकी कॉलोनी का ही सतवीर का ग्वार फैक्टरी वार्ड 19 में 200 वर्गगज की भूमि है, जिसमें करीब डेढ़ सौ वर्गगज में 2017 से पहले ही कोठी बनी हुई है। सतबीर के परिवार में दो अविवाहित बेटे साहिल और विवेक हैं। सतबीर ने 2017 में प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के सर्वे के दौरान भूमि का झूठा एग्रीमेंट साहिल और विवेक के नाम बनवाकर दोनों बेटों के नाम से प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर ढाई-ढाई लाख कुल पांच लाख रुपये का लाभ ले लिया। जबकि पीएम आवास योजना के नियमों के तहत पति, पत्नी और अविवाहित संतान एक ही परिवार माना जाता है।
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इसके अलावा पीएम आवास योजना का एक परिवार एक ही बार लाभ ले सकता है। पीएम आवास योजना में मकान का निर्माण केवल अपनी भूमि पर ही किया जा सकता है। आवेदक सदस्य या परिवार ने इससे पहले कोई मकान निर्माण के लिए किसी अनुदान राशि नहीं लेना भी नियम में शामिल है। मगर सतबीर ने साहिल और विवेक के नाम पर डेढ़ सौ गज में कोठी होने के बावजूद पांच लाख रुपये अनुदान लेकर सरकारी धन का दुरुपयोग और गबन किया। इस संबंध में सिविल लाइन पुलिस ने आरोपी सतवीर के खिलाफ धोखाधड़ी की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर तहकीकात शुरू कर दी है।
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