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Bhiwani News: मृत्युभोज प्रथा को बंद करके पौधे लगाने का लें संकल्प
Sat, 08 Jun 2024 03:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Sat, 08 Jun 2024 03:06 AM IST
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तोशाम। सामाजिक कुप्रथा निषेध अभियान कमेटी के संयोजक सज्जन संडवा व शमशेर सिंह ने अपनी मां के निधन के बाद मृत्युभोज की जगह पौधरोपण किया। साथ ही पर्यावरण बचाने के लिए ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाए जाने की अपील की। सज्जन संडवा की मां की मौत 30 मई को हो गई थी।
सामाजिक कुप्रथा निषेध अभियान कमेटी मृत्युभोज नहीं करने का फैसला ले चुकी है। इस कुप्रथा के खिलाफ जन जागरण अभियान चलाया हुआ है। इस फैसले के मद्देनजर ही सज्जन संडवा ने पौधरोपण कर मां की आत्मा की शांति के लिए कामना की। उन्होंने बताया कि सभी मृत्युभोज प्रथा को बंद करके पौधे लगाने का संकल्प लें। मां की याद में प्रति वर्ष पौधे लगाएंगे। कोई व्यवहार सामाजिक रूप धारण कर ले तो वह परंपरा बनने लगती है। मृत्युभोज कुछ ऐसी ही परंपरा है। लेकिन इस परंपरा को हम सबको मिलकर समाप्त करना होगा। शांति श्रद्धा और सेवा से मिलती है।
अखिल भारतीय कालीरामण खाप के पूर्व राष्ट्रीय प्रधान वीरेंद्र संडवा व सामाजिक कुप्रथा निषेध अभियान कमेटी के पूर्व चेयरमैन जेपी हसानियां ने कहा कि गांवों में लोगों को मृत्युभोज की प्रथा को बंद करके दिवंगत लोगो के नाम पर पौधरोपण कार्य करना चाहिए। इससे पर्यावरण का संतुलन होता है। पौधरोपण का कार्य बरसात के समय के साथ बहुत ही अनुकूल होता है। इस मौके पर रामकिशन, सुरेंद्र पीटीआई, दलबीर सिंह, नितिन, सतबीर सिंह, रतन सिंह उपस्थित रहे।
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फैसले की प्रशंसा करता हूं
भीषण गर्मी से सभी लाेग परेशान हैं। हर वर्ष जलवायु संकट का यह दौर बढ़ता जा रहा है। विश्व पर्यावरण दिवस पर हम लोग कुछ पौधे जरूर लगाते हैं। लेकिन वर्ष भर पौधरोपण का अभियान नहीं चलता। पर्यावरण संतुलन की जिम्मेदारी सभी नागरिकों की है। जब तक हम पौधे नहीं रोपेंगे, तब तक इस समस्या का निदान नहीं होने वाला है। संस्थाओं को यह संकल्प लेना होगा कि वे वर्ष भर पौधे रोपेगी व इसके लिए दूसरों को जागरूक भी करेंगी।
- मनोज कुमार दलाल, एसडीएम तोशाम।
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सामाजिक कुप्रथा निषेध अभियान कमेटी मृत्युभोज नहीं करने का फैसला ले चुकी है। इस कुप्रथा के खिलाफ जन जागरण अभियान चलाया हुआ है। इस फैसले के मद्देनजर ही सज्जन संडवा ने पौधरोपण कर मां की आत्मा की शांति के लिए कामना की। उन्होंने बताया कि सभी मृत्युभोज प्रथा को बंद करके पौधे लगाने का संकल्प लें। मां की याद में प्रति वर्ष पौधे लगाएंगे। कोई व्यवहार सामाजिक रूप धारण कर ले तो वह परंपरा बनने लगती है। मृत्युभोज कुछ ऐसी ही परंपरा है। लेकिन इस परंपरा को हम सबको मिलकर समाप्त करना होगा। शांति श्रद्धा और सेवा से मिलती है।
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अखिल भारतीय कालीरामण खाप के पूर्व राष्ट्रीय प्रधान वीरेंद्र संडवा व सामाजिक कुप्रथा निषेध अभियान कमेटी के पूर्व चेयरमैन जेपी हसानियां ने कहा कि गांवों में लोगों को मृत्युभोज की प्रथा को बंद करके दिवंगत लोगो के नाम पर पौधरोपण कार्य करना चाहिए। इससे पर्यावरण का संतुलन होता है। पौधरोपण का कार्य बरसात के समय के साथ बहुत ही अनुकूल होता है। इस मौके पर रामकिशन, सुरेंद्र पीटीआई, दलबीर सिंह, नितिन, सतबीर सिंह, रतन सिंह उपस्थित रहे।
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फैसले की प्रशंसा करता हूं
भीषण गर्मी से सभी लाेग परेशान हैं। हर वर्ष जलवायु संकट का यह दौर बढ़ता जा रहा है। विश्व पर्यावरण दिवस पर हम लोग कुछ पौधे जरूर लगाते हैं। लेकिन वर्ष भर पौधरोपण का अभियान नहीं चलता। पर्यावरण संतुलन की जिम्मेदारी सभी नागरिकों की है। जब तक हम पौधे नहीं रोपेंगे, तब तक इस समस्या का निदान नहीं होने वाला है। संस्थाओं को यह संकल्प लेना होगा कि वे वर्ष भर पौधे रोपेगी व इसके लिए दूसरों को जागरूक भी करेंगी।
- मनोज कुमार दलाल, एसडीएम तोशाम।