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दो और स्वाइनफ्लू संदिग्ध पहुंचे अस्पताल

Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 20 Mar 2020 01:06 AM IST
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मरीजो की जांच करते हुए चिकित्सक।
मरीजो की जांच करते हुए चिकित्सक। - फोटो : Bhiwani
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कोरोना वायरस के खतरे के बीच शहर में स्वाइन फ्लू के दो और संदिग्ध मरीज सामने आए है। जिनके सैंपल जांच के लिए लैब में भेजे गए। पहले सामने आए दो संदिग्ध मरीजों में एक की रिपोर्ट आ गई है, जो कि निगेटिव रही। इस साल अब तक स्वाइन फ्लू पॉजिटिव के चार मामले सामने आ चुके है। मगर ये सभी पूरी तरह स्वस्थ है। वहीं, संदिग्ध मरीजों के घरों के आसपास स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रैपिड सर्वे किया।
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जनवरी-फरवरी माह में स्वाइन फ्लू के चार मरीज सामने आए थे। जो अब पूरी तरह स्वस्थ है। मंगलवार को दो नए संदिग्ध मरीज सामने आए थे, जिनके सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए। इनमें एक की रिपोर्ट आ गई है, जो निगेटिव रही। वहीं, बीच वीरवार को दो और संदिग्ध मरीज सामने आए है। दोनों ही महिलाएं है। दोनों के सैंपल जांच के लिए लैब भेजा गया है। महिलाओं को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करवाया गया है। इनमें एक 50 वर्षीय महिला है तो दूसरी की उम्र करीब 44 वर्ष है।

कोरोना का डर है, दिल्ली एयरपोर्ट पर जाना पड़ा था
सदर थाना क्षेत्र के एक गांव से अस्पताल लाई गई स्वाइन फ्लू संदिग्ध एक महिला के परिजनों ने कहा कि महिला को दिल्ली एयरपोर्ट पर जाना पड़ा था। करीब 10-12 दिन पहले एयरपोर्ट पर गई थी। अब चार-पांच दिनसे छाती में दर्द, बुखार की शिकायत है। परिजनों ने कहा कि वे कोरोना वायरस और स्वाइफ्लू का टेस्ट कराना चाहते है।
क्या है स्वाइन फ्लू
स्वाइन फ्लू बुखार जिसे एच1एन1 के नाम से भी जाना जाता है। यह खास तौर से सूअरों के श्वसन तंत्र से निकले वायरस के कारण होता है। जिसकी चपेट में आने पर कोई भी इस एन्फ्लुएंजा का शिकार हो सकता है। इससे बचने के लिए इसकी पहचान करना आवश्यक है। वर्ल्ड ऑर्गेनाजेशन फॉर एनिमल हेल्थ ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि यह वायरस अब केवल सूअरों तक सीमित नहीं है बल्कि इंसानों में भी फैलने लगा है। एंफ्लुएंजा वायरस लगातार स्वरूप बदलता है। जिससे यह उन एंटीबॉडीज को भी छका देता है जो पहली बार एंफ्लुएंजा के दौरान विकसित हुई थी। यहीं कारण है कि एंफ्लुएंजा के वेक्सीन का भी इस वायरस पर असर नहीं होता।
स्वाइन फ्लू के ये है लक्षण
- खांसी, जुकाम, गले में दर्द
- तेज बुखार
- सांस लेने में तकलीफ
- तेज ठंड लगना
- मांसपेशियों में दर्द होना
- कमजोरी महसूस होना
कब कितने मरीज आए सामने
वर्ष पॉजिटिव केस मौत
2014 00 00
2015 26 02
2016 02 00
2017 28 02
2018 -- --
2019 94 00
2020 04 00

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