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जीवन जीने की कला सिखाती है श्रीराम कथा : साध्वी करुणागिरी

Sat, 04 Oct 2025 11:24 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Sat, 04 Oct 2025 11:24 PM IST
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Shri Ram Katha teaches the art of living: Sadhvi Karunagiri
श्रीराम कथा में मौजूद साध्वी करुणागिरी महाराज के साथ श्रद्धालु।
भिवानी। हालवास गेट स्थित लिटिल हार्ट्स पब्लिक स्कूल के सभागार में चल रही संगीतमयी श्रीराम कथा महायज्ञ सातवें दिन भी जारी रही। कथा व्यास साध्वी करुणागिरी महाराज ने भगवान श्रीराम, माता शबरी और भरत मिलाप के प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। साध्वी ने कहा कि भगवान श्रीराम की लीला केवल कथा नहीं बल्कि जीवन जीने की एक कला है।
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उन्होंने शबरी प्रसंग का उल्लेख करते हुए बताया कि सच्ची भक्ति में न कोई जाति होती है और न कोई भेदभाव। शबरी ने वर्षों तक साधना की, अपने हृदय में श्रीराम का स्मरण किया और जब प्रभु उनके आश्रम आए तो उन्होंने प्रेम से भरे जूठे बेर भगवान को अर्पित किए। यह प्रसंग प्रेम, त्याग और मर्यादा का अद्भुत उदाहरण है।
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साध्वी ने कहा कि भगवान श्रीराम ने पिता की आज्ञा का पालन करते हुए वनवास स्वीकार किया और धर्म तथा मर्यादा की स्थापना की। उनके जीवन से यह सीख मिलती है कि परिवार और समाज में अनुशासन, निष्ठा और सेवा भाव बनाए रखना ही सच्चा आदर्श है। उन्होंने भक्तों से आग्रह किया कि वे अपने जीवन में श्रीराम के आदर्शों को अपनाएं और सत्य, करुणा तथा धर्म के मार्ग पर चलें।
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इस अवसर पर कथा आयोजन में प्रधान त्रिलोक चंद गोयल, रमेश हेतमपुरिया, उप-प्रधान आनंद प्रकाश गोयल, महासचिव संजय गोयल, एमडी पवन गोयल मौजूद रहे।
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