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प्रदेशभर के बच्चों को महिला सशक्तीकरण का संदेश देंगी और इंग्लिश सुधारेंगी टीचर

Sun, 26 Jul 2020 12:54 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 26 Jul 2020 12:54 AM IST
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SCERT Gurugaram selected two teacher's lectured.
शीतल शर्मा। - फोटो : Bhiwani
भिवानी। गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल कितलाना की लेक्चरर डॉ. आशा सांगवान प्रदेशभर के बच्चों को महिला सशक्तीकरण का संदेश देंगी तो लेक्चरर शीतल शर्मा सरकारी स्कूलों के बच्चों की इंग्लिश सुधारेंगी। एससीईआरटी गुरुग्राम ने उनके लेक्चर एजूसेट के लिए चयनित किए हैं। 28 जुलाई को ये लेक्चर दिखाए जाएंगे। फिलहाल दोनों शिक्षिकाएं यू-ट्यूब चैनल से भी बच्चों को पढ़ा रही हैं।
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डॉ. आशा सांगवान मृदुला गर्ग की आत्मकथा से महिला सशक्तीकरण का संदेश देंगी
हिंदी लेक्चरर डॉ. आशा सांगवान के दो लेक्चर का चयन किया गया है। पहला लेक्चरर है मेरे संग की औरतें, जिसमें वे मृदुला गर्ग की आत्मकथा सुनाएंगी। जिसमें दादी और नानी के व्यक्तित्व और पहले के संयुक्त परिवार के बारे में बताया जाएगा। साथ ही दिखाया जाएगा कि आज बेटियां किसी भी कार्य में पीछे नहीं है। अपने लेक्चर में वह बताएंगी कि मृदुला की परदादी ने उसकी (मृदुला) मां के लिए मन्नत मांगी थी कि वे उनकी पहली संतान बेटी हो। डॉ. आशा सांगवान बताती हैं कि उच्चारण, विषय वस्तु अलग होने और बेहतर प्रस्तुति के कारण उनका लेक्चर चयनित हुआ है। यह लेक्चर बुधवार को दोपहर 01:25 से 01:55 तक रहेगा। दूसरा लेक्चर रसखान के सवैये हैं, जो भगवान श्रीकृष्ण पर आधारित है। यह मंगलवार सुबह 11:36 से दोपहर 12:15 तक रहेगा।
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बच्चों को टेंस समझाकर अंग्रेजी सुधारेंगी शिक्षिका शीतल
हरियाणा के सरकारी स्कूलों में बच्चों की अंग्रेजी काफी कमजोर रहती है। ऐसे में कितलाना स्कूल की लेक्चरर शीतल शर्मा बच्चों की अंग्रेजी सुधारने में लगी हैं। इसके लिए उन्होंने यू-ट्यूब चैनल भी बनाया है। उनके टीचिंग मैथड से प्रभावित होकर ही उनके लेक्चर को एससीईआरटी ने एजुसेट के लिए चुना है। इसमें वे आसान तरीके से उदाहरण लेकर टेंस समझाएंगी। शीतल शर्मा बताती है कि पहले वह एपीजे कॉलेज चरखी दादरी में पढ़ाती थीं। बाद में उनका चयन गवनर्मेंट स्कूल में हुआ। पहले वह बच्चों का लेवल जानती है। कुछ स्कूल तो ऐसे हैं, जहां बच्चों को ए,बी, सी,डी तक ढंग से नहीं आती। हिंदी बोलने में अधिकतर को समस्या है। ऐसे में मैंने ऐसा फार्मूला अपनाया है कि बच्चे आसानी से समझें। वर्ड मीनिंग अच्छे से समझाती हूं। रटा मारने की बजाए बच्चे समझें। बच्चों से लिखवाकर देखती हूं। टीचिंग मैथड के कारण ही उनका लेक्चर चयनित हुआ है। यह मंगलवार को सुबह पौने 11 से करीब साढ़े 11 बजे तक रहेगा।

डॉ. आशा सांगवान।

डॉ. आशा सांगवान।- फोटो : Bhiwani

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