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Bhiwani News: एक हाथ के लिए लोगों ने चिढ़ाया, अब दूसरे हाथ से लगा रहे छक्के

Mon, 06 Mar 2023 01:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Mon, 06 Mar 2023 01:09 AM IST
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People teased for one hand, now hitting sixes with the other hand
क्रिकेट मैच के दौरान शॉट लगाते हुए दिव्यांग खिलाड़ी शिवा शंकरा। 
भिवानी। जिले में तीन मार्च से पांच मार्च तक भारत व नेपाल की दिव्यांग क्रिकेट टीम के बीच टी-20 क्रिकेट शृंखला का आयोजन किया गया। नेशनल टीम में जगह बनाने से पहले लगभग सभी खिलाड़ियों को अपनी दिव्यांगता के साथ-साथ आर्थिक व अन्य प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ा। ऐसे ही भारतीय टीम के दो खिलाड़ी, शिवां शंकर व रविंद्र सेनाते हैं। इनको न सिर्फ आर्थिक रूप से परेशानियों का सामना करना पड़ा बल्कि अपने क्रिकेट खेलने के शुरुआती दौर में लोगों के एक हाथ से दिव्यांग होने के कारण ताने भी सुनने पड़े। लेकिन इनके हौसलों ने दम नहीं तोड़ा और आज दोनों खिलाड़ी अपने दूसरे हाथ से मैदान पर विपक्षी टीम के खिलाड़ियों के छक्के छुड़ा रहे हैं।
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शिवा शंकरा ने सड़क हादसे मेें गंवाया था हाथ
कर्नाटक निवासी शिवा शंकरा (23) जब छह साल के थे तब वे सड़क दुर्घटना में दायां हाथ गंवा बैठे। बचपन से ही उन्हें क्रिकेट देखना व खेलना पसंद था। करीब दो साल बाद जब उनका इलाज पूरा हुआ तो उन्होंने क्रिकेट खेलना शुरू किया। लेकिन एक हाथ से दिव्यांग होने के कारण साथी खिलाड़ी उन्हें चिढ़ाते थे। लेकिन उन्होंने अपनी दिव्यांगता से हार नहीं मानी और लोगों के ताने का अनसुना करके अपने क्रिकेट खेलने के सपने को बुनने में जुटे रहे। वे साल 2013 से लेदर की बॉल से क्रिकेट खेल रहे हैं। इस दौरान उन्होंने न सिर्फ लोकल क्रिकेट लीग में करीब 15 हजार रन बनाए बल्कि 2019 में भारतीय दिव्यांग क्रिकेट टीम के 20 सदस्यीय टीम का हिस्सा बने। शिवा लोकल लीग में पचास शतक लगा चुके हैं और अब भारतीय टीम की तरफ से खेल रहे है।
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वर्ल्ड कप 2019 में छाए थे रविंद्र सेनाते
मुंबई निवासी रविंद्र सेनाते ने बताया कि जब वे छह माह के थे तब डॉक्टरों की गलती के कारण उन्हें दायां हाथ से दिव्यांग होना पड़ा। घर पर पिता खेती करते थे इस कारण बचपन भी आर्थिक तंगी में गुजरा। जब क्रिकेट खेलना शुरू किया तो एक हाथ से दिव्यांग होने के कारण लोगों के ताने सुनने पड़े। लेकिन अपनी मेहनता व हौसले के दम पर उन्होंने 2013 में भारतीय दिव्यांग टीम में पदार्पण किया। 2019 में इंग्लैंड में आयोजित दिव्यांग क्रिकेट वर्ल्ड कप में भारत की तरफ से सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बने। उन्होंने वर्ल्ड कप में दो अर्द्धशतक के साथ 133 रन बनाए और सात विकेट हासिल करके अपने आल राउंडर प्रदर्शन से टीम की जीत में योगदान दिया। फिलहाल वे रेलवे में जॉब करते हैं और रेलवे की तरफ से क्रिकेट भी खेलते हैं।
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